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बिगड़ा बजट, सब्जियों के दाम छू रहे आसमान
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औरैया। पहली बारिश के साथ ही सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। भिंडी, करेला समेत अन्य सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं। इससे गृहिणियों का बजट गड़बड़ा गया है।
समय से पहले मानसून आने से हाल ही में झमाझम बारिश हुई। जिससे सब्जियों की फसल डूबने से अधिकतर सब्जी खराब हो गई है। इस वजह से बाजार में सब्जी की आवक कम हो गई है। ऐसे में सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। खाद्य तेलों समेत सब्जियों के बढ़ते दामों ने पहले ही रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। भिंडी, पालक, शिमला मिर्च, खीरा के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुुई है। माह की शुरुआत में तोरई 20 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। अब बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो हो गई है। टमाटर 20 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था तो बढ़कर 40 रुपये पहुंच गया है। शिमला मिर्च 40 से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। यही हाल अन्य सब्जियों का है।
महंगाई से रसोई चलाना मुश्किल
कोरोना संक्रमण के कारण आमदनी में कमी आई है। सब्जियों का सीजन होने के बाद भी कीमतों में कमी नहीं आ रही है। इससे रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है। - सुनील चौहान गृहिणी
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परिवहन का खर्च बढ़ा
डीजल के दाम में लगातार वृद्धि से परिवहन का खर्च बढ़ गया है। इसके अलावा पिछले दिनों लगातार हुई बारिश से ज्यादा हरी सब्जियां व अन्य सब्जियां खेतों में नष्ट हो गईं हैं। जिससे सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी आई है।-गोविंद कुमार, सब्जी विक्रेता
सब्जी की कीमतें
तोरई - 50 रुपये प्रति किलो
परवल - 80 रुपये प्रति किलो
शिमला मिर्च - 80 रुपये प्रति किलो
करेला - 60 रुपये प्रति किलो
भिंडी - 30 रुपये प्रति किलो
टमाटर - 40 रुपये प्रति किलो
मूली - 70 रुपये प्रति किलो
बैंगन - 40 रुपये प्रति किलो
पालक - 40 रुपये प्रति किलो
खीरा - 50 रुपये प्रति किलो
चुकंदर - 45 रुपये प्रति किलो
हरी धनिया - 100 रुपये प्रति किलो
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समय से पहले मानसून आने से हाल ही में झमाझम बारिश हुई। जिससे सब्जियों की फसल डूबने से अधिकतर सब्जी खराब हो गई है। इस वजह से बाजार में सब्जी की आवक कम हो गई है। ऐसे में सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। खाद्य तेलों समेत सब्जियों के बढ़ते दामों ने पहले ही रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। भिंडी, पालक, शिमला मिर्च, खीरा के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुुई है। माह की शुरुआत में तोरई 20 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। अब बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो हो गई है। टमाटर 20 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था तो बढ़कर 40 रुपये पहुंच गया है। शिमला मिर्च 40 से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। यही हाल अन्य सब्जियों का है।
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महंगाई से रसोई चलाना मुश्किल
कोरोना संक्रमण के कारण आमदनी में कमी आई है। सब्जियों का सीजन होने के बाद भी कीमतों में कमी नहीं आ रही है। इससे रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है। - सुनील चौहान गृहिणी
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परिवहन का खर्च बढ़ा
डीजल के दाम में लगातार वृद्धि से परिवहन का खर्च बढ़ गया है। इसके अलावा पिछले दिनों लगातार हुई बारिश से ज्यादा हरी सब्जियां व अन्य सब्जियां खेतों में नष्ट हो गईं हैं। जिससे सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी आई है।-गोविंद कुमार, सब्जी विक्रेता
सब्जी की कीमतें
तोरई - 50 रुपये प्रति किलो
परवल - 80 रुपये प्रति किलो
शिमला मिर्च - 80 रुपये प्रति किलो
करेला - 60 रुपये प्रति किलो
भिंडी - 30 रुपये प्रति किलो
टमाटर - 40 रुपये प्रति किलो
मूली - 70 रुपये प्रति किलो
बैंगन - 40 रुपये प्रति किलो
पालक - 40 रुपये प्रति किलो
खीरा - 50 रुपये प्रति किलो
चुकंदर - 45 रुपये प्रति किलो
हरी धनिया - 100 रुपये प्रति किलो