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Auraiya News: नौ साल पुराने हमले और एससी-एसटी एक्ट में दो तीन साल की सजा
Thu, 27 Aug 2026 11:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 27 Aug 2026 11:42 PM IST
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औरैया। विशेष सत्र अदालत (एससी/एसटी) ने नौ साल पुराने मामले में फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सरनाम सिंह और राघवेन्द्र सिंह को मारपीट, धारदार हथियार से हमला और एससी-एसटी एक्ट में दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई।
30 अक्तूबर 2016 की रात बेला थाना क्षेत्र के एक में रहने वाले वादी की 15 वर्षीय बहन घर के दरवाजे के सामने खड़ी थी, तभी गांव के ही सरनाम सिंह ने उसकी बहन का हाथ बुरी नीयत से पकड़कर खींचने की कोशिश की। विरोध पर धमकी दी थी। जब पीड़ित परिवार ने शिकायत दर्ज कराई तो 31 अक्तूबर की सुबह गांव के प्रधान और आरोपी पक्ष के लोगों से की थी।
सरनाम सिंह, राघवेन्द्र सिंह और उनके अन्य साथियों ने धारदार हथियारों से वादी पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया था। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को तीन-तीन की सजा व 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अदालत ने जेल में बिताई गई अवधि मुख्य सजा में समायोजित की जाएगी और सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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साक्ष्य के अभाव में भाई की हत्या का आरोपी बरी
औरैया। अपर सत्र न्यायालय (प्रथम) ने लगभग 10 साल पुराने हत्या के मामले में साक्ष्य के अभाव और अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप सिद्ध न कर पाने के कारण आरोपी भाई महेशचन्द्र को दोषमुक्त कर दिया। खास बात यह है कि आरोपी ने ही भाई की मौत के मामले में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में वादी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
घटना थाना फफूंद क्षेत्र के अंतर्गत भैसोल गांव में एक अप्रैल 2016 की सुबह की थी। महेश के मानसिक विक्षिप्त छोटे भाई बृजेश कुमार ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। मुकदमे के मुख्य गवाह रामऔतार, अवध बिहारी और बृजेश अदालत में अपने बयानों से मुकर गए और इसे आत्महत्या ही बताया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष अंतिम बार साथ देखने और हत्या के मकसद जैसी महत्वपूर्ण कड़ियों को आपस में जोड़ने में पूरी तरह असफल रहा।
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पश्चिम बंगाल के सुनार की हत्या के मुख्य आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। पश्चिम बंगाल के एक सुनार की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने वाले अभियुक्त कानपुर स्थित नवाबगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला मछुआ निवासी सनी बाल्मीकि की जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। वादी मुकदमा शेख मुईदुल इस्लाम ने सदर कोतवाली में 15 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि पश्चिम बंगाल के जिला हुगली का रहने वाला शहदुल्ला की 14 जनवरी 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने घर के अंदर कमरे में चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी और उसका शव कमरे में मिला था। (संवाद)
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30 अक्तूबर 2016 की रात बेला थाना क्षेत्र के एक में रहने वाले वादी की 15 वर्षीय बहन घर के दरवाजे के सामने खड़ी थी, तभी गांव के ही सरनाम सिंह ने उसकी बहन का हाथ बुरी नीयत से पकड़कर खींचने की कोशिश की। विरोध पर धमकी दी थी। जब पीड़ित परिवार ने शिकायत दर्ज कराई तो 31 अक्तूबर की सुबह गांव के प्रधान और आरोपी पक्ष के लोगों से की थी।
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सरनाम सिंह, राघवेन्द्र सिंह और उनके अन्य साथियों ने धारदार हथियारों से वादी पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया था। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को तीन-तीन की सजा व 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अदालत ने जेल में बिताई गई अवधि मुख्य सजा में समायोजित की जाएगी और सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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साक्ष्य के अभाव में भाई की हत्या का आरोपी बरी
औरैया। अपर सत्र न्यायालय (प्रथम) ने लगभग 10 साल पुराने हत्या के मामले में साक्ष्य के अभाव और अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप सिद्ध न कर पाने के कारण आरोपी भाई महेशचन्द्र को दोषमुक्त कर दिया। खास बात यह है कि आरोपी ने ही भाई की मौत के मामले में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में वादी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
घटना थाना फफूंद क्षेत्र के अंतर्गत भैसोल गांव में एक अप्रैल 2016 की सुबह की थी। महेश के मानसिक विक्षिप्त छोटे भाई बृजेश कुमार ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। मुकदमे के मुख्य गवाह रामऔतार, अवध बिहारी और बृजेश अदालत में अपने बयानों से मुकर गए और इसे आत्महत्या ही बताया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष अंतिम बार साथ देखने और हत्या के मकसद जैसी महत्वपूर्ण कड़ियों को आपस में जोड़ने में पूरी तरह असफल रहा।
पश्चिम बंगाल के सुनार की हत्या के मुख्य आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। पश्चिम बंगाल के एक सुनार की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने वाले अभियुक्त कानपुर स्थित नवाबगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला मछुआ निवासी सनी बाल्मीकि की जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। वादी मुकदमा शेख मुईदुल इस्लाम ने सदर कोतवाली में 15 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि पश्चिम बंगाल के जिला हुगली का रहने वाला शहदुल्ला की 14 जनवरी 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने घर के अंदर कमरे में चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी और उसका शव कमरे में मिला था। (संवाद)