{"_id":"65a42d97a44680f5e2016774","slug":"today-will-be-a-good-time-for-makar-sankranti-auraiya-news-c-211-1-aur1001-7536-2024-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: आज मकर संक्रांति का रहेगा अच्छा मुहूर्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: आज मकर संक्रांति का रहेगा अच्छा मुहूर्त
विज्ञापन
औरैया। मकर संक्रांति का पवन पर्व इस बार 15 जनवरी को पड़ रहा है। इसके साथ ही खरमास भी खत्म होगा। पांच साल के बाद सोमवार को संक्रांति पड़ रही है। सोमवार के दिन भगवान शिव की आराधना का दिन होने के कारण मकर संक्रांति का महत्व भी बढ़ जाएगा। इन दिन दो और दुर्लभ योग बन रहे हैं। पर्व को लेकर बाजारों में रौनक दिखाई देने लगी है।
आचार्य वीरेंद्र मोहन शुक्ला के अनुसार इस बार 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर 77 वर्षो के बाद वरीयान योग बन रहा है। इसके साथ ही रवि योग का संयोग इसे बेहद खास बना रहा है। मकर संक्रांति पर पूरे दिन वरीयान योग रहेगा। वरीयान योग की शुरूआत 14 जनवरी को मध्य रात्रि में 2:40 बजे से होगी और यह योग 15 जनवरी की रात 11:10 बजे तक रहेगा। वरीयान योग में जमीन खरीदना, नई गाड़ी खरीदना, गृह प्रवेश, मुंडन, घर का निर्माण शुरू करना शुभ फल देता है। यह खास वरीयान योग 77 साल बाद बनने जा रहा है। रवि और वरीयान योग के कारण इस महापर्व का महत्व अधिक बढ़ जाएगा। इसके साथ ही पांच साल के बाद मकर संक्रांति का पर्व सोमवार को पड़ेगा। सोमवार के दिन भगवान शिव की आराधना का दिन होने के कारण मकर संक्रांति का महत्व बढ़ जाएगा। मकर संक्रांति को लेकर शहर में रविवार को लोग जरूरी सामान की खरीदारी के लिए पहुंचे। गुड़ के साथ लोगों ने तिल की खरीदारी की।
-- -- -- -- --
कई तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं
मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य की उपासना, दान, गंगा स्नान और शनिदेव की पूजा करने से सूर्य और शनि से संबंधित तमाम तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। दरअसर सूर्यदेव अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं। शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं। उसमें सूर्य के प्रवेश मात्र से शनि का प्रभाव क्षीण हो जाता है। पंचांग के अनुसार 15 जनवरी को सूर्य देव भोर में 2:45 बजे धनु राशि में निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का शुभ मुहूर्त
मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान करने का शुभ मुहूर्त सुबह पांच बजकर सात मिनट से सुबह आठ बजकर 12 मिनट तक है। इसके अलावा पुण्यकाल में मकर संक्रांति की पूजा-अर्चना करना बेहद फलदायी होता है। इन दिन पुण्यकाल का समय सुबह सात बजकर 15 मिनट से शाम छह बजकर 21 मिनट तक है। महा पुण्यकाल दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से रात नौ बजकर छह मिनट तक है।
विज्ञापन
आचार्य वीरेंद्र मोहन शुक्ला के अनुसार इस बार 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर 77 वर्षो के बाद वरीयान योग बन रहा है। इसके साथ ही रवि योग का संयोग इसे बेहद खास बना रहा है। मकर संक्रांति पर पूरे दिन वरीयान योग रहेगा। वरीयान योग की शुरूआत 14 जनवरी को मध्य रात्रि में 2:40 बजे से होगी और यह योग 15 जनवरी की रात 11:10 बजे तक रहेगा। वरीयान योग में जमीन खरीदना, नई गाड़ी खरीदना, गृह प्रवेश, मुंडन, घर का निर्माण शुरू करना शुभ फल देता है। यह खास वरीयान योग 77 साल बाद बनने जा रहा है। रवि और वरीयान योग के कारण इस महापर्व का महत्व अधिक बढ़ जाएगा। इसके साथ ही पांच साल के बाद मकर संक्रांति का पर्व सोमवार को पड़ेगा। सोमवार के दिन भगवान शिव की आराधना का दिन होने के कारण मकर संक्रांति का महत्व बढ़ जाएगा। मकर संक्रांति को लेकर शहर में रविवार को लोग जरूरी सामान की खरीदारी के लिए पहुंचे। गुड़ के साथ लोगों ने तिल की खरीदारी की।
विज्ञापन
कई तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं
मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य की उपासना, दान, गंगा स्नान और शनिदेव की पूजा करने से सूर्य और शनि से संबंधित तमाम तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। दरअसर सूर्यदेव अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं। शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं। उसमें सूर्य के प्रवेश मात्र से शनि का प्रभाव क्षीण हो जाता है। पंचांग के अनुसार 15 जनवरी को सूर्य देव भोर में 2:45 बजे धनु राशि में निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
विज्ञापन
पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का शुभ मुहूर्त
मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान करने का शुभ मुहूर्त सुबह पांच बजकर सात मिनट से सुबह आठ बजकर 12 मिनट तक है। इसके अलावा पुण्यकाल में मकर संक्रांति की पूजा-अर्चना करना बेहद फलदायी होता है। इन दिन पुण्यकाल का समय सुबह सात बजकर 15 मिनट से शाम छह बजकर 21 मिनट तक है। महा पुण्यकाल दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से रात नौ बजकर छह मिनट तक है।