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Auraiya News: दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए दिए टिप्स

Wed, 04 Nov 2026 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2026 11:50 PM IST
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Tips for identifying children with disabilities
संवाद न्यूज एजेंसी
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सहार। ब्लॉक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। इसमें कुल 60 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। विशेष शिक्षक व मास्टर ट्रेनर महेंद्र पाल सिंह और प्रदीप कुमार सिंह ने उन्हें महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया।



कार्यकर्ताओं को विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की शीघ्र पहचान करना सिखाया गया। उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के तरीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बच्चों में दिव्यांगता व सीखने की कठिनाई के लक्षण पहचानने पर जोर दिया गया। समय रहते पहचान से बच्चों को उचित सहयोग और शिक्षा का अवसर मिल सकेगा। सभी बच्चों की चेक लिस्ट से स्क्रीनिंग करने की प्रक्रिया भी सिखाई गई। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना और समान शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराना रहा।
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पांच घंटे देर से पहुंची फरक्का एक्सप्रेस





कंचौसी। मौसम में ठंड की शुरुआत होते ही ट्रेनों के विलंब से चलने का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को कंचौसी रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनें देरी से पहुंचीं। सबसे अधिक देरी बठिंडा से बालुरघाट जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस में हुई। यह ट्रेन करीब पांच घंटे विलंब से कंचौसी स्टेशन पहुंची। इटावा-कानपुर मेमू 20 मिनट की देरी से आई। कानपुर-टूंडला मेमू पैसेंजर आधे घंटे विलंब से पहुंची। टूंडला-कानपुर मेमू भी करीब 25 मिनट देरी से स्टेशन पर आई। ट्रेनों के विलंब से चलने से यात्रियों को परेशानी हुई। यात्री कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और पटना सहित कई स्थानों की यात्रा कर रहे थे। स्टेशन अधीक्षक दरबारी कुमार ने बताया कि ट्रेनों का संचालन पीछे के स्टेशनों से ही देरी से हो रहा है।
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जीआरपी ने चौपाल में दी रेलवे सुरक्षा की जानकारी

अछल्दा। बुधवार को फफूंद जीआरपी प्रभारी रामप्रताप सिंह ने रेलवे ट्रैक पर पत्थरबाजी और अवरोध रोकने के लिए चौपाल लगाई। उन्होंने क्षेत्र के मुक्खे की मड़ैया, खजुरिया का पुरवा और बीरपुर गांवों में ग्रामीणों, दुकानदारों व युवाओं को जागरूक किया।



प्रभारी ने बताया कि चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने से यात्रियों को चोट लग सकती है। इससे उनकी जान भी जोखिम में पड़ सकती है। ट्रैक पर पत्थर या लकड़ी रखने से ट्रेन पलटने और बड़ा हादसा होने का खतरा रहता है। इससे सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है और रेल परिचालन बाधित होता है। उन्होंने रेलवे अधिनियम की धारा 152 और 153 के बारे में जानकारी दी। इन धाराओं के तहत ऐसी हरकत करने पर कड़ी सजा, जुर्माना और जेल का प्रावधान है। जीआरपी प्रभारी ने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को ट्रेनों पर पत्थर फेंकने और ट्रैक के पास जाने से रोकें।

साइबर टीम ने स्टेशन व बाजार में चलाया जागरूकता अभियान

दिबियापुर। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को साइबर टीम ने फफूंद रेलवे स्टेशन व बाजार में साइबर जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान साइबर थाना प्रभारी व पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन एवं बाजार में लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं व सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों के प्रति सचेत किया गया। साथ ही आमजन को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत व बैंकिंग संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड तथा यूपीआई पिन साझा न करने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने व ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतने के संबंध में जागरूक किया गया।

फास्टफूड बिगाड़ रहा लीवर का स्वास्थ्य





- चिचौली मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंच रहे लीवर की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मरीज

- मरीजों के उपचार के साथ खानपान में सुधार की सलाह



संवाद न्यूज एजेंसी

औरैया। खानपान की बदलती आदतों और भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। चिचौली मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लीवर की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण बच्चों और युवाओं में जंक फूड व फास्टफूड का बढ़ता शौक है।



मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना औसतन चार से पांच नए मरीज लीवर में सूजन, फैटी लीवर और अन्य समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। इनकी काउंसिलिंग में फास्टफूड की अत्यधिक लत ही मुख्य वजह सामने आ रही है। बर्गर, पिज्जा, नूडल्स और अत्यधिक तले-भुने व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में मौजूद हानिकारक वसा व रसायन सीधे तौर पर लीवर की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रहे हैं। डॉ. अपर्णा शंखवार ने बताया कि लगातार फास्टफूड खाने से शरीर में वसा जमा होने लगती है। यह नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज का रूप ले लेती है। यह समस्या उन लोगों में भी बढ़ रही है जो शराब का सेवन नहीं करते।




इस स्थिति से निपटने के लिए मरीजों के उपचार के साथ खानपान में बदलाव पर जोर दिया जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि स्वस्थ लीवर के लिए जंक फूड से दूरी बनाएं। दैनिक आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां, सलाद और पौष्टिक घरेलू भोजन शामिल करें। नियमित व्यायाम और पर्याप्त पानी पीने की आदत डालकर लीवर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
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