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तकिया गांव में मोरों के मरने के सिलसिला जारी, तीन मोर मरे
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एरवाकटरा (औरैया)। क्षेत्र के तकिया गांव में बुधवार को खेत में फिर तीन मोरों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। इसी स्थान पर दो दिन पहले नौ मोरों के शव मिले थे। अभी तक वन विभाग के अधिकारी कारण नहीं पता लगा सके हैं।
बुधवार सुबह लगभग आठ बजे किसान शिवमंगल यादव व बबलू यादव खेत गए तो तीन मोर मृत पड़े देखे। उन्होंने तुरंत थाना प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह को इसकी जानकारी दी। जानकारी पर वन विभाग के कर्मचारी प्रेमशंकर, हिमांशु, मिलाप सिंह तथा सौरभ मौके पर पहुंचे और मोरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र गौर ने आशंका जताई कि आसपास के मूंग और उड़द की फसल में कीटनाशक दवाएं डाली गईं होंगी। इसे मोरों ने पत्तों पर ओस की बूंद समझकर चाट लिया होगा। कीटनाशक के शरीर के अंदर पहुंचने पर मोरों की मृत्यु होने की आशंका है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। ग्राम प्रधान सरमन सिंह, जनप्रतिनिधि सुभाष बाजपेयी, गंगा शंकर तिवारी, अरुण कुशवाहा, कल्लू चौहान आदि ने राष्ट्रीय पक्षियों की मौत पर चिंता जताई है।
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बुधवार सुबह लगभग आठ बजे किसान शिवमंगल यादव व बबलू यादव खेत गए तो तीन मोर मृत पड़े देखे। उन्होंने तुरंत थाना प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह को इसकी जानकारी दी। जानकारी पर वन विभाग के कर्मचारी प्रेमशंकर, हिमांशु, मिलाप सिंह तथा सौरभ मौके पर पहुंचे और मोरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र गौर ने आशंका जताई कि आसपास के मूंग और उड़द की फसल में कीटनाशक दवाएं डाली गईं होंगी। इसे मोरों ने पत्तों पर ओस की बूंद समझकर चाट लिया होगा। कीटनाशक के शरीर के अंदर पहुंचने पर मोरों की मृत्यु होने की आशंका है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। ग्राम प्रधान सरमन सिंह, जनप्रतिनिधि सुभाष बाजपेयी, गंगा शंकर तिवारी, अरुण कुशवाहा, कल्लू चौहान आदि ने राष्ट्रीय पक्षियों की मौत पर चिंता जताई है।
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