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Auraiya News: मक्के की फसल पर फॉलआर्मी कीट का खतरा
Sat, 18 Jul 2026 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:38 AM IST
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फोटो-38- बिधूना क्षेत्र में लहलहाती मक्का की फसल। संवाद
औरैया। जनपद के बिधूना क्षेत्र में खरीफ की मक्का फसल पर खतरनाक फॉलआर्मी कीट का प्रकोप देखा जा रहा है।
कृषि विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी करते हुए किसानों को सचेत किया गया है। यह कीट बेहद नुकसानदेह है। इसकी सूड़ी पौधे पर जाल की तरह फैलकर उसे तेजी से बर्बाद करती है।
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि इस कीट का सिर काले रंग का होता है, जिस पर उल्टे ‘वाई’ आकार का निशान होता है। इसके शरीर पर गहरे काले धब्बे होते हैं और पत्तियों में छिद्र व किनारों पर महीन भूसे के बुरादे जैसा उत्सर्जित पदार्थ दिखाई देता है। बिधूना क्षेत्र में कुछ जगह इसकी शिकायत सामने आई है। यह तेजी से फसल को नुकसान पहुंचाता है।
बचाव के लिए खेतों में पक्षियों के बैठने के लिए टहनियां लगाएं। सुबह छह से नौ बजे तक प्रकाश प्रपंच (लाइट ट्रैप) का प्रयोग करें। रासायनिक छिड़काव के लिए नीम ऑयल (05 मिली/लीटर) या इमामेक्टिन बेन्जोएट (0.4 ग्राम/लीटर) का घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें। कीट की पहचान बहुत जरूरी है।
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उन्होंने बताया कि फसल प्रभावित होने पर किसान इसकी फोटो व्हाट्सएप नंबर 9452247111 या 9452257111 पर भेज सकते हैं। इसके अलावा जिला कृषि रक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 9935227760 या 9760201353 पर संपर्क कर सकते हैं। जहां 48 घंटे के भीतर समाधान किया जाएगा। जरूरी परामर्श मिलेगा।
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कृषि विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी करते हुए किसानों को सचेत किया गया है। यह कीट बेहद नुकसानदेह है। इसकी सूड़ी पौधे पर जाल की तरह फैलकर उसे तेजी से बर्बाद करती है।
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि इस कीट का सिर काले रंग का होता है, जिस पर उल्टे ‘वाई’ आकार का निशान होता है। इसके शरीर पर गहरे काले धब्बे होते हैं और पत्तियों में छिद्र व किनारों पर महीन भूसे के बुरादे जैसा उत्सर्जित पदार्थ दिखाई देता है। बिधूना क्षेत्र में कुछ जगह इसकी शिकायत सामने आई है। यह तेजी से फसल को नुकसान पहुंचाता है।
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बचाव के लिए खेतों में पक्षियों के बैठने के लिए टहनियां लगाएं। सुबह छह से नौ बजे तक प्रकाश प्रपंच (लाइट ट्रैप) का प्रयोग करें। रासायनिक छिड़काव के लिए नीम ऑयल (05 मिली/लीटर) या इमामेक्टिन बेन्जोएट (0.4 ग्राम/लीटर) का घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें। कीट की पहचान बहुत जरूरी है।
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उन्होंने बताया कि फसल प्रभावित होने पर किसान इसकी फोटो व्हाट्सएप नंबर 9452247111 या 9452257111 पर भेज सकते हैं। इसके अलावा जिला कृषि रक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 9935227760 या 9760201353 पर संपर्क कर सकते हैं। जहां 48 घंटे के भीतर समाधान किया जाएगा। जरूरी परामर्श मिलेगा।