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सील अस्पताल के संचालक के खिलाफ सीएमओ ने दी तहरीर
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दिबियापुर। जच्चा-बच्चा की मौत के बाद सील किए गए सहयोग हास्पिटल के संचालक पर एक और मुकदमा दर्ज होगा। शनिवार को सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने दिबियापुर थाने में तहरीर दी है। सीएमओ ने बताया कि जल्द ही अवैध अस्पतालों के खिलाफ अभियान शुरू कराया जाएगा।
सीएमओ की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि ककराही पुलिया मोड़ पर अवैध रूप से सहयोग हास्पिटल का संचालन हो रहा था। यहां 11 फरवरी को तीन गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन किया गया। सोनी पत्नी विक्रम सिंह निवासी खुशहालपुर एवं उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई।
11 फरवरी की शाम अस्पताल को सील कर दिया गया। सीएमओ ने अस्पताल संचालक, चिकित्सक एवं अज्ञात के खिलाफ इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत लोगों की जान से खिलवाड़ करने एवं बिना रजिस्ट्रेशन ऑपरेशन करने पर सख्त कार्रवाई के लिए लिखा है।
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इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक विकास राय ने बताया कि शुक्रवार को ही जच्चा बच्चा की मृत्यु के बाद मृतका के पति विक्रम सिंह निवासी खुशहालपुर की तहरीर पर अस्पताल के डॉक्टर नीलेश त्रिपाठी एवं तीन-चार कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। सीएमओ की तहरीर मिली है। जल्द मुकदमा दर्ज होगा।
अजीतमल से दिबियापुर कैसे पहुंचे मरीज
अजीतमल से दिबियापुर स्थित अवैध अस्पताल तक मृतका के परिजन कैसे पहुंचे, इसकी भी जांच स्वास्थ्य विभाग करेगा। ताकि तीमारदारों को गुमराह करके अवैध अस्पतालों तक ले जाने वाले दलालों पर भी कार्रवाई हो सके।
सीएमओ के अनुसार, अस्पताल में एक ही दिन में तीन ऑपरेशन हुए। डेढ़ माह पहले खुले अस्पताल में इस तरह से तीन ऑपरेशन होने से इस बात का भी संदेह है कि अस्पताल के लिए दलालों का कोई सिंडीकेट काम कर रहा था। इस पर भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दो अन्य महिलाएं स्वस्थ हैं। इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
किराये के मकान में चल रहा था अवैध अस्पताल
सहयोग अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित होता रहा और इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नहीं हुई। ककराही के ग्रामीणों के अनुसार, करीब डेढ़ माह पहले किराये के एक मकान में अस्पताल खोला गया था।
अस्पताल के प्रचार-प्रसार के लिए औरैया-दिबियापुर मुख्य मार्ग से ककराही जाने वाले मार्ग के मोड़ पर बाकायदा बोर्ड भी लगा। इतना प्रचार-प्रसार होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की ओर ध्यान नहीं दिया। यहां प्रतिदिन ऑपरेशन से लेकर अन्य कई मेडिकल कार्य होते रहे।
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सीएमओ की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि ककराही पुलिया मोड़ पर अवैध रूप से सहयोग हास्पिटल का संचालन हो रहा था। यहां 11 फरवरी को तीन गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन किया गया। सोनी पत्नी विक्रम सिंह निवासी खुशहालपुर एवं उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई।
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11 फरवरी की शाम अस्पताल को सील कर दिया गया। सीएमओ ने अस्पताल संचालक, चिकित्सक एवं अज्ञात के खिलाफ इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत लोगों की जान से खिलवाड़ करने एवं बिना रजिस्ट्रेशन ऑपरेशन करने पर सख्त कार्रवाई के लिए लिखा है।
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इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक विकास राय ने बताया कि शुक्रवार को ही जच्चा बच्चा की मृत्यु के बाद मृतका के पति विक्रम सिंह निवासी खुशहालपुर की तहरीर पर अस्पताल के डॉक्टर नीलेश त्रिपाठी एवं तीन-चार कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। सीएमओ की तहरीर मिली है। जल्द मुकदमा दर्ज होगा।
अजीतमल से दिबियापुर कैसे पहुंचे मरीज
अजीतमल से दिबियापुर स्थित अवैध अस्पताल तक मृतका के परिजन कैसे पहुंचे, इसकी भी जांच स्वास्थ्य विभाग करेगा। ताकि तीमारदारों को गुमराह करके अवैध अस्पतालों तक ले जाने वाले दलालों पर भी कार्रवाई हो सके।
सीएमओ के अनुसार, अस्पताल में एक ही दिन में तीन ऑपरेशन हुए। डेढ़ माह पहले खुले अस्पताल में इस तरह से तीन ऑपरेशन होने से इस बात का भी संदेह है कि अस्पताल के लिए दलालों का कोई सिंडीकेट काम कर रहा था। इस पर भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दो अन्य महिलाएं स्वस्थ हैं। इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
किराये के मकान में चल रहा था अवैध अस्पताल
सहयोग अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित होता रहा और इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नहीं हुई। ककराही के ग्रामीणों के अनुसार, करीब डेढ़ माह पहले किराये के एक मकान में अस्पताल खोला गया था।
अस्पताल के प्रचार-प्रसार के लिए औरैया-दिबियापुर मुख्य मार्ग से ककराही जाने वाले मार्ग के मोड़ पर बाकायदा बोर्ड भी लगा। इतना प्रचार-प्रसार होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की ओर ध्यान नहीं दिया। यहां प्रतिदिन ऑपरेशन से लेकर अन्य कई मेडिकल कार्य होते रहे।