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30 गांवों में आठ दिनों से नहीं आई बिजली
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Tue, 31 May 2016 12:29 AM IST
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सब स्टेशन के बाहर नारेबाजी करते ग्रामीण
- फोटो : amar ujala beuro
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कस्बा के चपटा फीडर में आने वाले करीब 30 गांवों में आठ दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। 23 मई को आई आंधी और बारिश में के कारण बिजली व्यवस्था गड़बड़ा गई थी। लेकिन आठ दिन बाद भी बिजली आपूर्ति दोबारा नहीं शुरू हो सकी है। सोमवार को ग्रामीणों ने बिजली सब स्टेशन पहुंचकर हंगामा किया।
सेंगर नदी क्षेत्र में चपटा फीडर के तहत हैदरपुर, ततारपुर, अलीपुर, मिर्जापुर, सेगनपुट्ठा, पुर्वा डौरी, सलैया , पुर्वा चंदेल, बखरिया, जलूपुर, चपटा, छोटी पड़रिया, बडी पड़रिया, उद्यमपुर, तालेपुर, मिश्रीपुर, नैभरपुर, बेलाझार, ऊंचा बहादुरपुर, ऊंचा सहबाजपुर, हीरापुर तिलकपुर, पुर्वा हरसाय, रमपुरा सहित 30 गांवों में पिछले आठ दिन से ठप है। 23 मई की रात आई तेज आंधी से बिजली के खंभे और लाइन टूट गईं। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
बिजली न आने से इलेक्ट्रानिक सामान शोपीस बने हैं। आठ दिन से बिजली आपूर्ति न होने पर ग्रामीणों ने चपटा सब स्टेशन पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने बिजली कर्मचारियों को तीन दिन के अंदर बिजली आपूर्ति बहाल करने की चेतावनी दी। उपभोक्ता गौरव दुबे, प्रशांत मिश्रा, सोबरन सिंह यादव, शिव शंकर लाल त्रिपाठी, अमर सिंह सेंगर, सतेंद्र बाबू, शिवम दुबे, योगेंद्र राजपूत, मनोज दोहरे ने विद्युत विभाग से बिजली आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है।
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एक हफ्ते से नहीं आई बिजली
विकासखंड भाग्यनगर के तहत गांव बनारपुर में एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग परेशान है। बीते सप्ताह आई आंधी से गांव में कई बिजली पोल टूट गए थे। बिजली विभाग ने अभी तक उनकी मरम्मत नहीं कराई है। ग्रामीणों ने जल्द बिजली आपूर्ति कराए जाने की मांग की। 23 मई को आई आंधी के चलते क्षेत्र के गांव बनारपुर में दो बिजली के खंभे टूट गए थे। बिजली के खंभे टूटे एक सप्ताह का समय बीत चुका है। सूचना के बाद भी आज तक बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्राम प्रधान बनारपुर हरीशंकर राठौर, रामकिशोर प्रजापति, धीरज प्रजापति, छोटेलाल कोरी, डा. ओमप्रकाश त्रिपाठी, दिनेशचंद्र दुबे, महेंद्र कुमार दुबे, विनोद दुबे, नंदराम, घासीराम, रामसेवक, राजाराम, अशर्फीलाल, बांकेलाल, मान सिंह राजपूत ने टूटे खंभे सही कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल्द समस्या का निदान नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेंगे।
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सेंगर नदी क्षेत्र में चपटा फीडर के तहत हैदरपुर, ततारपुर, अलीपुर, मिर्जापुर, सेगनपुट्ठा, पुर्वा डौरी, सलैया , पुर्वा चंदेल, बखरिया, जलूपुर, चपटा, छोटी पड़रिया, बडी पड़रिया, उद्यमपुर, तालेपुर, मिश्रीपुर, नैभरपुर, बेलाझार, ऊंचा बहादुरपुर, ऊंचा सहबाजपुर, हीरापुर तिलकपुर, पुर्वा हरसाय, रमपुरा सहित 30 गांवों में पिछले आठ दिन से ठप है। 23 मई की रात आई तेज आंधी से बिजली के खंभे और लाइन टूट गईं। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
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बिजली न आने से इलेक्ट्रानिक सामान शोपीस बने हैं। आठ दिन से बिजली आपूर्ति न होने पर ग्रामीणों ने चपटा सब स्टेशन पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने बिजली कर्मचारियों को तीन दिन के अंदर बिजली आपूर्ति बहाल करने की चेतावनी दी। उपभोक्ता गौरव दुबे, प्रशांत मिश्रा, सोबरन सिंह यादव, शिव शंकर लाल त्रिपाठी, अमर सिंह सेंगर, सतेंद्र बाबू, शिवम दुबे, योगेंद्र राजपूत, मनोज दोहरे ने विद्युत विभाग से बिजली आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है।
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एक हफ्ते से नहीं आई बिजली
विकासखंड भाग्यनगर के तहत गांव बनारपुर में एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग परेशान है। बीते सप्ताह आई आंधी से गांव में कई बिजली पोल टूट गए थे। बिजली विभाग ने अभी तक उनकी मरम्मत नहीं कराई है। ग्रामीणों ने जल्द बिजली आपूर्ति कराए जाने की मांग की। 23 मई को आई आंधी के चलते क्षेत्र के गांव बनारपुर में दो बिजली के खंभे टूट गए थे। बिजली के खंभे टूटे एक सप्ताह का समय बीत चुका है। सूचना के बाद भी आज तक बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्राम प्रधान बनारपुर हरीशंकर राठौर, रामकिशोर प्रजापति, धीरज प्रजापति, छोटेलाल कोरी, डा. ओमप्रकाश त्रिपाठी, दिनेशचंद्र दुबे, महेंद्र कुमार दुबे, विनोद दुबे, नंदराम, घासीराम, रामसेवक, राजाराम, अशर्फीलाल, बांकेलाल, मान सिंह राजपूत ने टूटे खंभे सही कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल्द समस्या का निदान नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेंगे।