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Auraiya News: टेलीमेडिसिन विभाग में कंप्यूटर नहीं, मोबाइल पर देखे जा रहे मरीज

Sat, 01 Nov 2025 11:34 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 11:34 PM IST
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There are no computers in the telemedicine department, patients are being seen on mobile phones.
औरैया। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को परामर्श के लिए जिला मुख्यालय दौड़ न लगानी पड़े इसके लिए टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरू की गई थी। आलम यह है कि जिस जिला संयुक्त चिकित्सालय से यह सुविधा संचालित होती है वहां इसके उपयोग के लिए कंप्यूटर तक नहीं है। चिकित्सक मोबाइल पर ही मरीज देखने देख रहे हैं। टेलीमेडिसिन विभाग में चिकित्सक की भी कमी है। एक चिकित्सक के हटने के बाद उनकी जगह दूसरी नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई है।
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घर बैठे या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए ई-संजीवनी पोर्टल का संचालन किया गया है। शहरी क्षेत्र के लोग मोबाइल के जरिए चिकित्सकों से परामर्श ले सकते हैं। वहीं, प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व आरोग्य मंदिरों पर इस सुविधा का लाभ दिलाने के लिए कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) तैनात किए गए हैं। जिले में 280 सीएचओ यह कार्य कर रहे हैं। इन केंद्रों से मरीजों की बात विशेषज्ञ चिकित्सक से कराई जाती है। पोर्टल पर चिकित्सक मरीज को देखते हैं और समस्या पूछकर दवा लिखते हैं जो स्वास्थ्य केंद्र पर ही उपलब्ध करा दी जाती है।
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जिला संयुक्त चिकित्सालय में टेलीमेडिसिन कक्ष बना हुआ है। इस सुविधा के केंद्र में व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हैं। चिकित्सकों के पास पोर्टल का उपयोग करने के लिए कंप्यूटर तक नहीं है। चिकित्सक अपने मोबाइल पर ही मरीजों को देखने के लिए मजबूर हैं। विभाग में तीन चिकित्सकों की तैनाती की गई थी पर सिर्फ दो ही काम कर रहे हैं। चिकित्सक की कमी के चलते सीमित समय में कम मरीजों को परामर्श मिल पाता है।
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टेलीमेडिसिन विभाग में डॉ. प्रियांशी सिंह व डॉ. शिवानी कार्यरत हैं। एक चिकित्सक एक दिन में औसतन 60-65 मरीज देख पाते हैं। इस प्रकार एक दिन में 120 से 130 मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है। यदि विभाग को एक चिकित्सक और मिल जाए तो ज्यादा मरीजों को परामर्श मिल सकेगा। चिकित्सकों के अनुसार मोबाइल पर मरीज देखने में दिक्कत आती है। टेलीमेडिसिन एक ऐसी सेवा है जिसमें दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करके दूर से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जैसे वीडियो कॉल, फोन और इंटरनेट के माध्यम से डॉक्टर से परामर्श। यह गैर-आपातकालीन स्थितियों के लिए बहुत उपयोगी है। मरीज घर बैठे ही डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं और मूल्यांकन, निदान व उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
वर्जन
जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि टेलीमेडिसिन कक्ष में वाई-फाई भी नहीं लगा था, अब लगवा दिया गया है। जल्द ही कंप्यूटर भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।


अयाना। सीएचसी अयाना के क्षेत्र में कुल 24 आरोग्य मंदिर हैं इनमें से 23 पर टेलीमेडिसिन की सुविधा दी जा रही है। क्योटरा स्थित जन आरोग्य मंदिर में शनिवार को राधेश्याम (65) त्वचा में खुजली की समस्या लेकर आए। सीएचओ मयंक दीक्षित ने उन्हें टेली मेडिसिन के जरिए त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श दिलवाया। सीएचसी अयाना के अधीक्षक डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि हर आरोग्य मंदिर पर प्रतिमाह कम से कम 120 लोगों को टेलीमेडिसिन की सुविधा देने का लक्ष्य है। इस माह अभी तक करीब 2275 लोगों को यह सुविधा दी गई है। मरीजों को परामर्श देने के बाद केंद्र पर ही दवा दी जाती है। मरीज की स्थिति गंभीर होने पर सीएचसी या जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। सेंगनपुर आरोग्य मंदिर सीएचओ के मातृत्व अवकाश पर जाने की वजह से केंद्र बंद है। उनके आने पर यहां दोबारा टेलीमेडिसिन सुविधा शुरु करवाई जाएगी। (संवाद)
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