{"_id":"60bd0c288ebc3e01956e35ed","slug":"theft-in-traders-house-auraiya-news-knp6326081121","type":"story","status":"publish","title_hn":"थोक व्यापारी के घर से 24 लाख की नगदी व लाखों के आभूषण लूटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थोक व्यापारी के घर से 24 लाख की नगदी व लाखों के आभूषण लूटे
विज्ञापन
घर के कमरों में बिखरा पड़ा सामान व खुली पड़ी अलमारी
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिधूना (औरैया)। कस्बे में शनिवार रात असलहों से लैस चार लुटेरों ने आगरा से बाजार करके घर पहुंचे व्यापारी को गेट पर ही बंधक बना लिया। लुटेरों ने घर में घुसकर व्यापारी और उसके परिजनों से मारपीट कर 24 लाख रुपये व लाखों के आभूषण लूट लिए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
कसबे के मोहल्ला लोहामंडी निवासी धर्मेंद्र कुमार गुप्ता हार्डवेयर व पाइप के थोक व्यापारी हैं। उनके पुत्र रिषभ ने बताया कि वह आगरा से बाजार करके शनिवार रात लगभग साढ़े 11 बजे घर लौटा। गाड़ी से उतरते ही घर के मेन गेट पर किसी ने पीछे से उसे रिवाल्वर लगा दी। चैनल खोलने मां आईं तो उन पर भी असलहा तान दिया। घर में घुसे लुटेरों ने उससे, पिता व दादी के साथ मारपीट की और परिवार के सभी लोगों को कमरे में बंधक बना दिया। अलमारी में रखे 24 लाख रुपये व लाखों के आभूषण लूट लिए। लगभग दो घंटे बाद लुटेरों ने किसी को फोन मिलाया। इसके बाद गाड़ी आई और लुटेरे रिषभ को गेट तक साथ ले गए।
उसे धक्का देने के बाद कार में बैठकर अछल्दा की तरफ भाग गए। सूचना मिलते ही रात में ही सीओ बिधूना मुकेश प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशांक राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। फोरेंसिक टीम ने सैंपल जुटाए। एसपी अपर्णा गौतम का कहना है कि घर के सामने लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने पर घटना का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। लूट होने की शिकायत किस वजह से की गई, इसका पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
एसपी बोलीं, सीसीटीवी फुटेज में घटना के साक्ष्य नहीं
औरैया। घटना को लेकर व्यापारी पुत्र रिषभ की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई थी। उसने बताया कि घर पहुंचते ही पीछे से असलहों से लैस चार लुटेरे उसे लेकर घर के अंदर घुसे और लूटपाट की। एसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि शिकायतकर्ता के घर के ठीक सामने एक एजेंसी हैं। जहां लगे सीसीटीवी फुटेज जब खंगाले गए तो उसमें ऐसी कोई घटना नहीं दिख रही है।
रात लगभग एक-डेढ़ बजे व्यापारी व उसका पुत्र घर से बाहर निकलते हैं और कोतवाली जाकर लूट की सूचना देते हैं। सीसीटीवी फुटेज में लुटेरों के घर में घुसने के कोई साक्ष्य ही नहीं है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है।
शिकायती पत्र लिया वापस
व्यापारी के घर से हुई लाखों रुपये की लूट के मामले में दोपहर को पीड़ित व्यापारी पुत्र की तरफ से कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी में किसी भी प्रकार के साक्ष्य न होने की बात कही और पीड़ित को सीसीटीवी फुटेज दिखाए तो शिकायतकर्ता रिषभ गुप्ता तत्काल बैक फुट पर आ गया और तहरीर वापस ले ली। पुलिस का कहना है कि व्यापारी की ओर से बाद में तहरीर देने की बात कही गई है।
पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित रिषभ गुप्ता ने आरोप लगाया कि उसने पुलिस को घटना की सूचना दी। लेकिन पुलिस ने उसकी कोई बात नहीं सुनी। उस पर ही बराबर दबाव बना रही है कि इतना रुपया कहां से आया।
हालात और पुलिस के बयान में विरोधाभास
व्यापारी धर्मेंद्र गुप्ता के घर हुई लूट की घटना में एक ओर जहां पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना के न होने की बात कह कर पल्ला झाड़ रही है। तो दूसरी ओर पीड़ित व्यापारी के घर के कमरों में खुली पड़ी अलमारी व बिखरा सामान और बेड पर अर्ध बेहोशी की हालत में पड़े व्यापारी धर्मेंद्र गुप्ता को लेकर मामले में झोल नजर आ रहे हैं।
घटना को लेकर व्यापारियों में आक्रोश
व्यापारी के घर हुई लूट की घटना की जानकारी पर पहुंचे व्यापारी नेताओं ने पुलिस की निष्क्रियता को लेकर आक्रोश जताया। कहा कि बाजार में गश्त के नाम पर पुलिस सिर्फ खानापूरी करती है। घटनास्थल से महज कुछ ही दूरी पर ग्रामीण बैंक और सराफा बाजार भी हैं। बावजूद इसके ड्यूटी के नाम पर सिर्फ दो होमगार्डों की ही तैनाती की गई है।
विज्ञापन
कसबे के मोहल्ला लोहामंडी निवासी धर्मेंद्र कुमार गुप्ता हार्डवेयर व पाइप के थोक व्यापारी हैं। उनके पुत्र रिषभ ने बताया कि वह आगरा से बाजार करके शनिवार रात लगभग साढ़े 11 बजे घर लौटा। गाड़ी से उतरते ही घर के मेन गेट पर किसी ने पीछे से उसे रिवाल्वर लगा दी। चैनल खोलने मां आईं तो उन पर भी असलहा तान दिया। घर में घुसे लुटेरों ने उससे, पिता व दादी के साथ मारपीट की और परिवार के सभी लोगों को कमरे में बंधक बना दिया। अलमारी में रखे 24 लाख रुपये व लाखों के आभूषण लूट लिए। लगभग दो घंटे बाद लुटेरों ने किसी को फोन मिलाया। इसके बाद गाड़ी आई और लुटेरे रिषभ को गेट तक साथ ले गए।
विज्ञापन
उसे धक्का देने के बाद कार में बैठकर अछल्दा की तरफ भाग गए। सूचना मिलते ही रात में ही सीओ बिधूना मुकेश प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशांक राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। फोरेंसिक टीम ने सैंपल जुटाए। एसपी अपर्णा गौतम का कहना है कि घर के सामने लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने पर घटना का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। लूट होने की शिकायत किस वजह से की गई, इसका पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
एसपी बोलीं, सीसीटीवी फुटेज में घटना के साक्ष्य नहीं
औरैया। घटना को लेकर व्यापारी पुत्र रिषभ की ओर से पुलिस को जानकारी दी गई थी। उसने बताया कि घर पहुंचते ही पीछे से असलहों से लैस चार लुटेरे उसे लेकर घर के अंदर घुसे और लूटपाट की। एसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि शिकायतकर्ता के घर के ठीक सामने एक एजेंसी हैं। जहां लगे सीसीटीवी फुटेज जब खंगाले गए तो उसमें ऐसी कोई घटना नहीं दिख रही है।
रात लगभग एक-डेढ़ बजे व्यापारी व उसका पुत्र घर से बाहर निकलते हैं और कोतवाली जाकर लूट की सूचना देते हैं। सीसीटीवी फुटेज में लुटेरों के घर में घुसने के कोई साक्ष्य ही नहीं है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है।
शिकायती पत्र लिया वापस
व्यापारी के घर से हुई लाखों रुपये की लूट के मामले में दोपहर को पीड़ित व्यापारी पुत्र की तरफ से कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी में किसी भी प्रकार के साक्ष्य न होने की बात कही और पीड़ित को सीसीटीवी फुटेज दिखाए तो शिकायतकर्ता रिषभ गुप्ता तत्काल बैक फुट पर आ गया और तहरीर वापस ले ली। पुलिस का कहना है कि व्यापारी की ओर से बाद में तहरीर देने की बात कही गई है।
पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित रिषभ गुप्ता ने आरोप लगाया कि उसने पुलिस को घटना की सूचना दी। लेकिन पुलिस ने उसकी कोई बात नहीं सुनी। उस पर ही बराबर दबाव बना रही है कि इतना रुपया कहां से आया।
हालात और पुलिस के बयान में विरोधाभास
व्यापारी धर्मेंद्र गुप्ता के घर हुई लूट की घटना में एक ओर जहां पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना के न होने की बात कह कर पल्ला झाड़ रही है। तो दूसरी ओर पीड़ित व्यापारी के घर के कमरों में खुली पड़ी अलमारी व बिखरा सामान और बेड पर अर्ध बेहोशी की हालत में पड़े व्यापारी धर्मेंद्र गुप्ता को लेकर मामले में झोल नजर आ रहे हैं।
घटना को लेकर व्यापारियों में आक्रोश
व्यापारी के घर हुई लूट की घटना की जानकारी पर पहुंचे व्यापारी नेताओं ने पुलिस की निष्क्रियता को लेकर आक्रोश जताया। कहा कि बाजार में गश्त के नाम पर पुलिस सिर्फ खानापूरी करती है। घटनास्थल से महज कुछ ही दूरी पर ग्रामीण बैंक और सराफा बाजार भी हैं। बावजूद इसके ड्यूटी के नाम पर सिर्फ दो होमगार्डों की ही तैनाती की गई है।