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पूरे गांव ने शराब न बनाने की ली शपथ
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sun, 24 Jul 2016 12:29 AM IST
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शराब बनाने के उपकरण पुलिस को सुपुर्द करते मारवाड़ी गांव के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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आखिरकार जिस मंशा से अमर उजाला ने बदनाम बस्तियों की खबर प्रकाशित की वह रंग ला गई। एरवाकटरा क्षेत्र के गांव कुकरकाट के मजरा मारवाड़ी में पूरे गांव के लोगों ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। शराब बनाने के उपकरण और केमिकल सौंपकर कहा कि अब न शराब बनाएंगे और न पिएंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सरकारी योजनाओं का लाभ और काम मांगा है। डीएम ने ग्रामीणों के इस फैसले का स्वागत किया है।
अमर उजाला ने शनिवार के अंक में अवैध शराब बनाने के लिए कुछ बदनाम बस्तियों का जिक्र किया था। साथ ही उनकी परेशानियों और मजबूरियों को सामने रखा था। खबर में डीएम और जिला पंचायत अध्यक्ष ने शराब का धंधा छोड़ने पर सरकारी योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन भी दिया था। अमर उजाला में खबर छपने के बाद प्रशासन शराब का धंधा छोड़ने वालों से संपर्क करने की योजना बना रहा था। लेकिन इससे पहले ही एरवाकटरा क्षेत्र के गांव कुकरकाट के मजरा मारवाड़ी में पूरे गांव ने शराब न बनाने का फैसला ले लिया। दोपहर बाद पूरे गांव की महिलाओं व पुरुषों ने घरों से शराब बनाने के उपकरण, एक हजार लीटर लहन और अन्य केमिकल बाहर निकाल कर रख लिए। सूचना पर एरवाकटरा थानाध्यक्ष अंबरीश यादव भी पहुंच गए। महिलाओं ने उपकरण और शराब बनाने के केमिकल पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
महिलाओं ने सामूहिक रूप से शराब न बनाने की कसम ली। वहीं पुरुषों ने शराब न पीने की शपथ ली। गांव के इस फैसले पर ग्राम पंचायत के अन्य लोग भी जुट गए। उन्होंने इस फैसले की सराहना की। सुरेश सिंह यादव, पूर्व प्रधान अनवर सिंह, बिजय बहादुर, डा. अनिल व प्रेमचंद्र ने पहुंचकर उन लोगों की सराहना की। शराब के धंधे में लिप्त इन लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वह उन्हें दूसरा धंधा महैया कराए। इससे वह लोग भी समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपना जीवनयापन कर सकें। महिलाओं ने कहा कि अगर योजनाएं सरकार दे रही है तो वह फिर इस दलदल में क्यों रहेंगी। वह भी सम्मान से जिंदगी जीकर अपने बच्चों को पढ़ा लिखाकर अच्छा आदमी बनाएंगी।
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ग्रामीणों का साहसिक फैसला है। वह उन लोगों के फैसले का स्वागत करती हैं। अधिकारियों को भेजकर ऐसे लोगों की सूची बनवाएंगी। उन्हें ट्रेनिंग देकर योजनाओं के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराएंगी। जिससे वह लोग सम्मान से दूसरा व्यवसाय कर सकें। वह अधिकारियों को भेजकर अन्य बस्तियों में भी ऐसे लोगों से संपर्क करवाएंगी।
माला श्रीवास्तव, डीएम
इन लोगों का यह अच्छा फैसला है। वह शासन को इसकी सूचना भेजेंगे। अमर उजाला ने अच्छी पहल की है। इसके लिए अमर उजाला भी बधाई का पात्र है।
राजवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
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अमर उजाला ने शनिवार के अंक में अवैध शराब बनाने के लिए कुछ बदनाम बस्तियों का जिक्र किया था। साथ ही उनकी परेशानियों और मजबूरियों को सामने रखा था। खबर में डीएम और जिला पंचायत अध्यक्ष ने शराब का धंधा छोड़ने पर सरकारी योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन भी दिया था। अमर उजाला में खबर छपने के बाद प्रशासन शराब का धंधा छोड़ने वालों से संपर्क करने की योजना बना रहा था। लेकिन इससे पहले ही एरवाकटरा क्षेत्र के गांव कुकरकाट के मजरा मारवाड़ी में पूरे गांव ने शराब न बनाने का फैसला ले लिया। दोपहर बाद पूरे गांव की महिलाओं व पुरुषों ने घरों से शराब बनाने के उपकरण, एक हजार लीटर लहन और अन्य केमिकल बाहर निकाल कर रख लिए। सूचना पर एरवाकटरा थानाध्यक्ष अंबरीश यादव भी पहुंच गए। महिलाओं ने उपकरण और शराब बनाने के केमिकल पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
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महिलाओं ने सामूहिक रूप से शराब न बनाने की कसम ली। वहीं पुरुषों ने शराब न पीने की शपथ ली। गांव के इस फैसले पर ग्राम पंचायत के अन्य लोग भी जुट गए। उन्होंने इस फैसले की सराहना की। सुरेश सिंह यादव, पूर्व प्रधान अनवर सिंह, बिजय बहादुर, डा. अनिल व प्रेमचंद्र ने पहुंचकर उन लोगों की सराहना की। शराब के धंधे में लिप्त इन लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वह उन्हें दूसरा धंधा महैया कराए। इससे वह लोग भी समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपना जीवनयापन कर सकें। महिलाओं ने कहा कि अगर योजनाएं सरकार दे रही है तो वह फिर इस दलदल में क्यों रहेंगी। वह भी सम्मान से जिंदगी जीकर अपने बच्चों को पढ़ा लिखाकर अच्छा आदमी बनाएंगी।
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ग्रामीणों का साहसिक फैसला है। वह उन लोगों के फैसले का स्वागत करती हैं। अधिकारियों को भेजकर ऐसे लोगों की सूची बनवाएंगी। उन्हें ट्रेनिंग देकर योजनाओं के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराएंगी। जिससे वह लोग सम्मान से दूसरा व्यवसाय कर सकें। वह अधिकारियों को भेजकर अन्य बस्तियों में भी ऐसे लोगों से संपर्क करवाएंगी।
माला श्रीवास्तव, डीएम
इन लोगों का यह अच्छा फैसला है। वह शासन को इसकी सूचना भेजेंगे। अमर उजाला ने अच्छी पहल की है। इसके लिए अमर उजाला भी बधाई का पात्र है।
राजवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष