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सड़क पर मौरंग उतार रहा ट्रक बना हादसे का कारण
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बिधूना अस्पताल के बाहर रोते बिलखते परिजन। संवाद
- फोटो : AURAIYA
बेला (औरैया)। बेला-बिधूना मार्ग पर शुक्रवार सुबह जनहितकारी अस्पताल के सामने हुए हादसे का कारण सड़क पर मौरंग उतार रहा ट्रक बना।
थाने से कुछ दूर जहां हादसा हुआ, उससे पहले ही कानपुर रोड पर एक ट्रक बीच में खड़ा होकर मौरंग उतार रहा था। रास्ते में ट्रक खड़ा देख कई गाड़ियां पहले ही गलत दिशा से गुजर चुकी थी। इसी बीच कानपुर जा रही औरैया डिपो की बस ने भी गलत दिशा में गाड़ी मोड़ दी। बस के गलत दिशा में आते ही कार से भिड़ंत हो गई। हादसा होने की जानकारी मिलते ही ट्रक चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। पुलिस ट्रक चालक और मौरंग उतरवाने वाले का पता लगा रही है।
सड़क हादसा होने के बाद जहां स्थानीय लोगों की भीड़ राहत और बचाव कार्य में जुट गई। वहीं घटना स्थल पर मौजूद कुछ लोग बेला, बिधूना के अस्पतालों के अलावा 108, 102 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस बुलाने में जुटे रहे। काफी देर इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। तब घायलों की हालत नाजुक देख स्थानीय लोगों ने एक पिकअप से सभी घायलों को बेला स्वास्थ्य केंद्र भेजा। समय से एंबुलेंस न मिलने पर लोग आक्रोशित नजर आए।
दो दिन पहले घर में था खुशियों का माहौल
बिधूना। बेला में कार और बस की भिड़ंत में चार की मौत के बाद बिधूना स्वास्थ्य केंद्र कोहराम मचा रहा। हादसे में घायल दीपू ने बताया कि चाचा जगत सिंह की पत्नी सुनीता की कुछ वर्ष पहले मौत हो गई थी। तबसे घर में कुछ परेशानियां चल रही थीं। इसे लेकर गंगा दशहरा पर शांति पाठ कराया जाना था। दो दिन पहले ही चाचा के पुत्र तुषार, पिंकू व बुआ गीता का लड़का विपिन दिल्ली से गांव उग्गरपुरा आए थे। सभी के एक साथ घर आने पर खुशियों का माहौल था। गुरुवार की सुबह किराये की गाड़ी कर विधीपुरा निवासी कल्लू के साथ गंगा स्नान और पूजन के लिए निकले थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। खबर मिलते ही लोग बिधूना अस्पताल पहुंचे। (संवाद)
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डाक्टरों के आने का इंतजार करती रही पुलिस
हादसे में घायलों को लेकर ठीक सात बजे बेला पुलिस बिधूना अस्पताल जा पहुंची। अस्पताल में न तो कोई स्वास्थ्य कर्मी मिला और न ही डाक्टर। अस्पताल पहुंचे पुलिस कर्मी इधर-उधर डाक्टरों के बारे में जानकारी की। फिर अधिकारियों को फोन कर डाक्टर न होने की जानकारी दी। आधे घंटे बाद भी जब कोई नहीं पहुंचा तो पुलिस कर्मी एक स्वास्थ्य कर्मी पर नाराज भी हुए। इसके कुछ देर बाद डॉ. अभिचल पांडेय पहुंचे। करीब आठ बजे एक फार्मासिस्ट आए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी जताई और फिर सभी को सैफई रेफर कराया। (संवाद)
हादसे के बाद सहमी रहीं बस की सवारियां
बेला। औरैया डिपो की बस शुक्रवार सुबह सवारियां लेकर लखनऊ जा रही थी। बस में करीब 40 सवारियां थी। हादसा होते ही बस में सवार यात्रियों में भी चीख पुकार मच गई। कई सवारियां तो हादसा देख सदमे में नजर आईं।
बस में सवार श्यामा देवी, दीपक, रामदुलारी, सुरेश कुमार, माया देवी, प्रिंस, द्रोपदी व मीरा ने बताया कि रास्ते में ट्रक के मौरंग उतारने पर अचानक से बस चालक ने एक कट से बस को गलत दिशा में मोड़ दिया। इससे हादसा हुआ है। हादसे के बाद सवारियों को छोड़ कर चालक और परिचालक बस से उतरकर भाग निकले। हालांकि बस में सवार यात्रियों में किसी को चोट नहीं आई। हादसे को लेकर कुछ यात्री सहमे रहे। करीब एक घंटे बाद कुछ यात्री निजी वाहन तो कुछ एक अन्य बस से गंतव्य को गए।
बेला सीएचसी में होते संसाधन तो बच जाती जान
बेला। सीएचसी बेला में संसाधनों की कमी के चलते अक्सर सड़क हादसों में घायलों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ता है। शुक्रवार सुबह बस और कार की भिड़ंत में भी ऐसा ही हुआ। हादसे के बाद मौजूद लोगों ने बेला स्वास्थ्य केंद्र पर संसाधनों की कमी बताते हुए घायलों को सीधे बिधूना भिजवा दिया, पुलिस कर्मी भी इस पर सहमति जताते नजर आए। कुछ लोगों में चर्चा रही कि बेला स्वास्थ्य केंद्र पर संसाधन मुहैया होते तो शायद किसी की जान बच जाती।
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थाने से कुछ दूर जहां हादसा हुआ, उससे पहले ही कानपुर रोड पर एक ट्रक बीच में खड़ा होकर मौरंग उतार रहा था। रास्ते में ट्रक खड़ा देख कई गाड़ियां पहले ही गलत दिशा से गुजर चुकी थी। इसी बीच कानपुर जा रही औरैया डिपो की बस ने भी गलत दिशा में गाड़ी मोड़ दी। बस के गलत दिशा में आते ही कार से भिड़ंत हो गई। हादसा होने की जानकारी मिलते ही ट्रक चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। पुलिस ट्रक चालक और मौरंग उतरवाने वाले का पता लगा रही है।
सड़क हादसा होने के बाद जहां स्थानीय लोगों की भीड़ राहत और बचाव कार्य में जुट गई। वहीं घटना स्थल पर मौजूद कुछ लोग बेला, बिधूना के अस्पतालों के अलावा 108, 102 नंबर पर फोन कर एंबुलेंस बुलाने में जुटे रहे। काफी देर इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। तब घायलों की हालत नाजुक देख स्थानीय लोगों ने एक पिकअप से सभी घायलों को बेला स्वास्थ्य केंद्र भेजा। समय से एंबुलेंस न मिलने पर लोग आक्रोशित नजर आए।
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दो दिन पहले घर में था खुशियों का माहौल
बिधूना। बेला में कार और बस की भिड़ंत में चार की मौत के बाद बिधूना स्वास्थ्य केंद्र कोहराम मचा रहा। हादसे में घायल दीपू ने बताया कि चाचा जगत सिंह की पत्नी सुनीता की कुछ वर्ष पहले मौत हो गई थी। तबसे घर में कुछ परेशानियां चल रही थीं। इसे लेकर गंगा दशहरा पर शांति पाठ कराया जाना था। दो दिन पहले ही चाचा के पुत्र तुषार, पिंकू व बुआ गीता का लड़का विपिन दिल्ली से गांव उग्गरपुरा आए थे। सभी के एक साथ घर आने पर खुशियों का माहौल था। गुरुवार की सुबह किराये की गाड़ी कर विधीपुरा निवासी कल्लू के साथ गंगा स्नान और पूजन के लिए निकले थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। खबर मिलते ही लोग बिधूना अस्पताल पहुंचे। (संवाद)
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डाक्टरों के आने का इंतजार करती रही पुलिस
हादसे में घायलों को लेकर ठीक सात बजे बेला पुलिस बिधूना अस्पताल जा पहुंची। अस्पताल में न तो कोई स्वास्थ्य कर्मी मिला और न ही डाक्टर। अस्पताल पहुंचे पुलिस कर्मी इधर-उधर डाक्टरों के बारे में जानकारी की। फिर अधिकारियों को फोन कर डाक्टर न होने की जानकारी दी। आधे घंटे बाद भी जब कोई नहीं पहुंचा तो पुलिस कर्मी एक स्वास्थ्य कर्मी पर नाराज भी हुए। इसके कुछ देर बाद डॉ. अभिचल पांडेय पहुंचे। करीब आठ बजे एक फार्मासिस्ट आए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी जताई और फिर सभी को सैफई रेफर कराया। (संवाद)
हादसे के बाद सहमी रहीं बस की सवारियां
बेला। औरैया डिपो की बस शुक्रवार सुबह सवारियां लेकर लखनऊ जा रही थी। बस में करीब 40 सवारियां थी। हादसा होते ही बस में सवार यात्रियों में भी चीख पुकार मच गई। कई सवारियां तो हादसा देख सदमे में नजर आईं।
बस में सवार श्यामा देवी, दीपक, रामदुलारी, सुरेश कुमार, माया देवी, प्रिंस, द्रोपदी व मीरा ने बताया कि रास्ते में ट्रक के मौरंग उतारने पर अचानक से बस चालक ने एक कट से बस को गलत दिशा में मोड़ दिया। इससे हादसा हुआ है। हादसे के बाद सवारियों को छोड़ कर चालक और परिचालक बस से उतरकर भाग निकले। हालांकि बस में सवार यात्रियों में किसी को चोट नहीं आई। हादसे को लेकर कुछ यात्री सहमे रहे। करीब एक घंटे बाद कुछ यात्री निजी वाहन तो कुछ एक अन्य बस से गंतव्य को गए।
बेला सीएचसी में होते संसाधन तो बच जाती जान
बेला। सीएचसी बेला में संसाधनों की कमी के चलते अक्सर सड़क हादसों में घायलों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ता है। शुक्रवार सुबह बस और कार की भिड़ंत में भी ऐसा ही हुआ। हादसे के बाद मौजूद लोगों ने बेला स्वास्थ्य केंद्र पर संसाधनों की कमी बताते हुए घायलों को सीधे बिधूना भिजवा दिया, पुलिस कर्मी भी इस पर सहमति जताते नजर आए। कुछ लोगों में चर्चा रही कि बेला स्वास्थ्य केंद्र पर संसाधन मुहैया होते तो शायद किसी की जान बच जाती।

हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार। संवाद- फोटो : AURAIYA

पिकअप से घायलों को उतारते पुलिस कर्मी। संवाद- फोटो : AURAIYA

हादसे के बाद सहमी बैठी सवारियां। संवाद- फोटो : AURAIYA

औरैया के बेला-बिधूना मार्ग पर हुए हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार व बस। संवाद- फोटो : AURAIYA