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Auraiya News: आचार संहिता के फेर में थमी जिले के विकास की रफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। लोकसभा चुनाव को लेकर शनिवार शाम आचार संहिता लागू हो गई। इसके फेर में जिले के विकास का पहिया जून माह तक कुछ हद तक थम जाएगा। कई अहम परियोजनाओं को जून माह तक ठंडे बस्ते में रहना होगा। आचार संहिता के फेर में फंसे ये कार्य काफी हद तक जरूरी हैं।
शहर के 25 वार्डों में रहने वाले लोगों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी का यमुना में नाला के जरिए न पहुंचे इसे लेकर जालौन रोड किनारे एसटीपी प्लांट (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) बनाने की तैयारी थी। इसे लेकर तीन करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट को मंजूरी मिली। इसे खर्च करते हुए जल निगम इटावा के हिस्से में यह जिम्मेदारी आई थी। पूरी परियोजना में 66 करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है। स्वच्छता के पैमाने पर शहर व यमुना नदी को खरा उतारने की यह तैयारी जून माह तक ठंडे बस्ते में चली गई है।
एसटीपी का काम धरातल पर शुरू होता इससे पहले ही रुक गया। वहीं शहर से निकले हाईवे के किनारे भगौतीपुर स्थित ट्राॅमा सेंटर के संचालन को लेकर अभी तीन से चार माह और लगेंगे। यहां पर चिकित्सकों की तैनाती से लेकर उपकरणों को जुटाते हुए संचालन दो साल से लटका हुआ है। अब इसे लेकर जून माह तक केंद्र में नई सरकार के बनने तक का इंतजार करना होगा।
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वर्जन
आचार संहिता के मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उद्घाटन से लेकर शिलान्यास के काम बंद रहेंगे। टेंडर प्रकि्रया पूरी कर चुके काम ही होंगे। नए काम को अमल में नहीं लाया जाएगा।
-महेंद्र पाल सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
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औरैया। लोकसभा चुनाव को लेकर शनिवार शाम आचार संहिता लागू हो गई। इसके फेर में जिले के विकास का पहिया जून माह तक कुछ हद तक थम जाएगा। कई अहम परियोजनाओं को जून माह तक ठंडे बस्ते में रहना होगा। आचार संहिता के फेर में फंसे ये कार्य काफी हद तक जरूरी हैं।
शहर के 25 वार्डों में रहने वाले लोगों के घरों से निकलने वाले गंदे पानी का यमुना में नाला के जरिए न पहुंचे इसे लेकर जालौन रोड किनारे एसटीपी प्लांट (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) बनाने की तैयारी थी। इसे लेकर तीन करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट को मंजूरी मिली। इसे खर्च करते हुए जल निगम इटावा के हिस्से में यह जिम्मेदारी आई थी। पूरी परियोजना में 66 करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है। स्वच्छता के पैमाने पर शहर व यमुना नदी को खरा उतारने की यह तैयारी जून माह तक ठंडे बस्ते में चली गई है।
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एसटीपी का काम धरातल पर शुरू होता इससे पहले ही रुक गया। वहीं शहर से निकले हाईवे के किनारे भगौतीपुर स्थित ट्राॅमा सेंटर के संचालन को लेकर अभी तीन से चार माह और लगेंगे। यहां पर चिकित्सकों की तैनाती से लेकर उपकरणों को जुटाते हुए संचालन दो साल से लटका हुआ है। अब इसे लेकर जून माह तक केंद्र में नई सरकार के बनने तक का इंतजार करना होगा।
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आचार संहिता के मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उद्घाटन से लेकर शिलान्यास के काम बंद रहेंगे। टेंडर प्रकि्रया पूरी कर चुके काम ही होंगे। नए काम को अमल में नहीं लाया जाएगा।
-महेंद्र पाल सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी