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बेटा बन कोतवाल ने दी अनाथ अम्मा को मुखाग्नि
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Thu, 09 Jun 2016 12:34 AM IST
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crimination of martyr lieutenant colonel ranjit singh panwar
- फोटो : amar ujala
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जिस बूढ़ी अम्मा को बेटों ने दुत्कार कर घर से निकाल दिया, वह कोतवाली में सभी पुलिस कर्मियों की अम्मा बनकर रह रही थी। आज पुलिसकर्मियों की चहेती अम्मा ने दम तोड़ दिया तो कोतवाली में तैनात पुलिस कर्मियों पर जैसे दुखो का पहाड़ टूट गया। हर कोई काम बंद करके नम आंखो से अम्मा के अंतिम संस्कार के लिए लग गया। कोतवाल ने बेटे का फर्ज निभाते हुए मुखाग्नि दी।
पुर्वा दीक्षित निवासी सोनवती(90) करीब चार साल पहले पुलिस से फरियाद लेकर आई थी कि उसके बेटों ने दुत्कार कर घर से निकाल दिया। बेटें गांव का मकान छोड़कर बाहर रहने चले गए। तत्कालीन सीओ शिवराज सिंह ने उस बूढ़ी मां को कोतवाली में पनाह दी। इसके बाद क्या था कि बूढ़ी अम्मा को इतने बेटे मिल गए और परिवार से दूर रह रहे पुलिस कर्मियों को अम्मा। हर कोई अम्मा का हाल चाल रोज लेता। यहां तक की मैस खा खाना भी अम्मा से पूछकर बनता। पुलिस कर्मियों की अम्मा बनी सोनवती भी बहुत खुश थी।
हालांकि पुलिस ने बेटों को खोजने की कवायद की मगर उनका पता नहीं चला। बुधवार की दोपहर सोनवती ने दम तोड़ दिया। अम्मा की मौत की खबर जैसे ही सभी पुलिकर्मियों को हुई तो हर कोई हतप्रभ हो गया और जहां था काम बंद करके आ गया। सभी के आंखो में आंसू थे। अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। पुलिस ने अरिंद नदी के किनारे बूढ़ी अम्मा का अंतिम संस्कार किया। वहीं कोतवाल ने बेटे का फर्ज निभाते हुए मुखाग्नि दी। वहीं अम्मा की मरने की खबर पर कस्बे के भी लोगों में शोक की लहर है।
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पुर्वा दीक्षित निवासी सोनवती(90) करीब चार साल पहले पुलिस से फरियाद लेकर आई थी कि उसके बेटों ने दुत्कार कर घर से निकाल दिया। बेटें गांव का मकान छोड़कर बाहर रहने चले गए। तत्कालीन सीओ शिवराज सिंह ने उस बूढ़ी मां को कोतवाली में पनाह दी। इसके बाद क्या था कि बूढ़ी अम्मा को इतने बेटे मिल गए और परिवार से दूर रह रहे पुलिस कर्मियों को अम्मा। हर कोई अम्मा का हाल चाल रोज लेता। यहां तक की मैस खा खाना भी अम्मा से पूछकर बनता। पुलिस कर्मियों की अम्मा बनी सोनवती भी बहुत खुश थी।
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हालांकि पुलिस ने बेटों को खोजने की कवायद की मगर उनका पता नहीं चला। बुधवार की दोपहर सोनवती ने दम तोड़ दिया। अम्मा की मौत की खबर जैसे ही सभी पुलिकर्मियों को हुई तो हर कोई हतप्रभ हो गया और जहां था काम बंद करके आ गया। सभी के आंखो में आंसू थे। अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। पुलिस ने अरिंद नदी के किनारे बूढ़ी अम्मा का अंतिम संस्कार किया। वहीं कोतवाल ने बेटे का फर्ज निभाते हुए मुखाग्नि दी। वहीं अम्मा की मरने की खबर पर कस्बे के भी लोगों में शोक की लहर है।
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