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एक घंटा 50 शैया अस्पताल में इलाज को भटकती रही बीमार वृद्धा
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50 शैया अस्पताल के परिसर में चबूतरे पर लेट कराहती वृद्धा। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। मुढ़ी रसूलपुर गांव की एक वृद्धा को सांस लेने व शरीर में दर्द होने पर बेटा उसे लेकर मंगलवार सुबह 50 शैया अस्पताल पहुंचा। ओपीडी में मौजूद डॉक्टर एक कक्ष से दूसरे कक्ष के लिए टरकाते रहे। करीब एक घंटे भटकने के बाद वह थककर जन औषधि केंद्र के पास चबूतरे पर लेटकर कराहने लगी। कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो मामला सीएमएस तक पहुंचा। इसके बाद वृद्धा को इलाज मिला।
बेटे दिलीप ने बताया कि वह मां कालिंद्री देवी को लेकर मंगलवार सुबह 11 बजे के करीब 50 शैया अस्पताल पहुंचा। ओपीडी में डॉक्टर को जब बीमारी बताई तो उन्होंने दूसरे डाक्टर के पास जाने के लिए कह दिया। आरोप है कि दूसरे कक्ष में गया तो दूसरे डॉक्टर ने तीसरे के पास टरका दिया। काफी देर इधर उधर भटकने से मां की सांसें उखड़ने लगीं और दर्द भी बढ़ गया।
डॉक्टरों को इलाज की दुहाई देकर समस्या बताई लेकिन किसी ने दिक्कत नहीं समझी। अंत में इलाज न मिलने और सांस की समस्या अधिक होने पर मां चबूतरे पर लेट गईं। इस बीच कुछ लोगों ने उनकी तकलीफ देख विरोध जताया और सीएमएस को जानकारी दी।
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सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने कर्मचारी भेजकर उन्हें कक्ष में बुलाकर देखा और उसके बाद इमरजेंसी वार्ड भेजा, जहां इलाज हुआ। सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि वृद्धा को सांस लेने में दिक्कत थी। इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज कराया गया है। वृद्धा के साथ ऐसा बर्ताव करने पर डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी, लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई होगी।
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बेटे दिलीप ने बताया कि वह मां कालिंद्री देवी को लेकर मंगलवार सुबह 11 बजे के करीब 50 शैया अस्पताल पहुंचा। ओपीडी में डॉक्टर को जब बीमारी बताई तो उन्होंने दूसरे डाक्टर के पास जाने के लिए कह दिया। आरोप है कि दूसरे कक्ष में गया तो दूसरे डॉक्टर ने तीसरे के पास टरका दिया। काफी देर इधर उधर भटकने से मां की सांसें उखड़ने लगीं और दर्द भी बढ़ गया।
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डॉक्टरों को इलाज की दुहाई देकर समस्या बताई लेकिन किसी ने दिक्कत नहीं समझी। अंत में इलाज न मिलने और सांस की समस्या अधिक होने पर मां चबूतरे पर लेट गईं। इस बीच कुछ लोगों ने उनकी तकलीफ देख विरोध जताया और सीएमएस को जानकारी दी।
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सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने कर्मचारी भेजकर उन्हें कक्ष में बुलाकर देखा और उसके बाद इमरजेंसी वार्ड भेजा, जहां इलाज हुआ। सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि वृद्धा को सांस लेने में दिक्कत थी। इमरजेंसी वार्ड में उनका इलाज कराया गया है। वृद्धा के साथ ऐसा बर्ताव करने पर डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी, लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई होगी।