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पुराने ढर्रे पर शुरू हुआ नया शिक्षा सत्र
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:08 AM IST
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कुछ इस तरह दिखा पहले दिन का माहौल
- फोटो : amar ujala beuro
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शहर के प्राइमरी स्कूलों में शुक्रवार को नए सत्र में पढ़ाई का पहला दिन जरूर था, लेकिन ढर्रा वही पुराना देखने को मिला। स्कूलों में घंटी तो समय पर बजी, लेकिन शिक्षक और छात्र देर से पहुंचे। कई स्कूलों में तो कापी-किताबें खोलने का नंबर ही नहीं आया। बच्चे दिन भर मस्ती करते नजर आए। अधिकतर स्कूलों में पंजीकृत छात्र संख्या के सापेक्ष आधे बच्चे भी नहीं पहुंचे। एक स्कूल में तो मात्र एक बच्चा ही स्कूल पहुंचा। शहर के प्राइमरी स्कूलों में सर्वशिक्षा अभियान का हाल बताती रिपोर्ट।
सीन-1 समय:9.15 बजे
स्थान- प्राथमिक विद्यालय नवीन बस्ती, नारायनपुर
पहले दिन मस्ती की पाठशाला
शहर के प्राथमिक विद्यालय नवीन बस्ती नारायनपुर में 50 बच्चे पंजीकृत थे। जिसमें से यहां पर 20-25 बच्चे स्कूल आए हुए थे। पहला दिन होने के कारण बच्चे भी मस्त दिखाई दिए। आधे क्लास रूम में तो आधे क्लास के बाहर दिखे।
सीन-2 समय: 9.45 बजे
स्थान- प्राथमिक विद्यालय रुहाई
बिना किताब के सीखते रहे सबक
प्राथमिक विद्यालय गुरुहाई में बच्चे मौज-मस्ती कर रहे थे। किसी बच्चे के पास किताबे ही नहीं थी तो किसी के पास वही पुरानी फटी किताबें। कैमरे का फ्लैश चमकते ही गुरुजी ने आनन-फानन बच्चों को चटाई पर बैठा दिया। एक टीचर बच्चों को पढ़ाने लग गई। बच्चे क्या पढ़ रहे थे, यह गुरुजी को भी नहीं पता था।
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सीन-3 समय: 10.30 बजे
स्थान- प्राथमिक विद्यालय दिल्ली दरवाजा
गपशप करते रहे टीचर
प्राथमिक विद्यालय दिल्ली दरवाजा में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई। यहां पर एक बच्चा ही स्कूल में दिखा, यहां शिक्षक बच्चों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नही आया। यहां पर अभी तक बच्चों को रिपोर्ट कार्ड नहीं बांटे गए हैं। फुर्सत के पलों में टीचर बतियाते नजर आए।
मिड-डे मील का पता नहीं...
नए शिक्षा सत्र के पहले दिन शिक्षा विभाग की पोल खुलती नजर आई। जहां एक ओर पढ़ाई की व्यवस्था पूरे दिन चौपट दिखी। वहीं दूसरी ओर अधिकतर स्कूलों में मिड-डे मील नहीं बनवाया गया। जिसके कारण बच्चों को भूखे पेट ही घर लौटना पड़ा।
पहले दिन छात्र संख्या कम और मिड-डे-मील में अव्यवस्था थी। सोमवार से इसे ठीक किया जाएगा। रोज निरीक्षण की स्थिति पता की जाएगी। कार्य के प्रति हीला-हवाली बरतने वाले टीचरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजेश कुमार श्रीवास (बीएसए, औरैया)
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सीन-1 समय:9.15 बजे
स्थान- प्राथमिक विद्यालय नवीन बस्ती, नारायनपुर
पहले दिन मस्ती की पाठशाला
शहर के प्राथमिक विद्यालय नवीन बस्ती नारायनपुर में 50 बच्चे पंजीकृत थे। जिसमें से यहां पर 20-25 बच्चे स्कूल आए हुए थे। पहला दिन होने के कारण बच्चे भी मस्त दिखाई दिए। आधे क्लास रूम में तो आधे क्लास के बाहर दिखे।
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सीन-2 समय: 9.45 बजे
स्थान- प्राथमिक विद्यालय रुहाई
बिना किताब के सीखते रहे सबक
प्राथमिक विद्यालय गुरुहाई में बच्चे मौज-मस्ती कर रहे थे। किसी बच्चे के पास किताबे ही नहीं थी तो किसी के पास वही पुरानी फटी किताबें। कैमरे का फ्लैश चमकते ही गुरुजी ने आनन-फानन बच्चों को चटाई पर बैठा दिया। एक टीचर बच्चों को पढ़ाने लग गई। बच्चे क्या पढ़ रहे थे, यह गुरुजी को भी नहीं पता था।
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सीन-3 समय: 10.30 बजे
स्थान- प्राथमिक विद्यालय दिल्ली दरवाजा
गपशप करते रहे टीचर
प्राथमिक विद्यालय दिल्ली दरवाजा में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई। यहां पर एक बच्चा ही स्कूल में दिखा, यहां शिक्षक बच्चों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नही आया। यहां पर अभी तक बच्चों को रिपोर्ट कार्ड नहीं बांटे गए हैं। फुर्सत के पलों में टीचर बतियाते नजर आए।
मिड-डे मील का पता नहीं...
नए शिक्षा सत्र के पहले दिन शिक्षा विभाग की पोल खुलती नजर आई। जहां एक ओर पढ़ाई की व्यवस्था पूरे दिन चौपट दिखी। वहीं दूसरी ओर अधिकतर स्कूलों में मिड-डे मील नहीं बनवाया गया। जिसके कारण बच्चों को भूखे पेट ही घर लौटना पड़ा।
पहले दिन छात्र संख्या कम और मिड-डे-मील में अव्यवस्था थी। सोमवार से इसे ठीक किया जाएगा। रोज निरीक्षण की स्थिति पता की जाएगी। कार्य के प्रति हीला-हवाली बरतने वाले टीचरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजेश कुमार श्रीवास (बीएसए, औरैया)