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Auraiya News: स्वास्थ्य विभाग ने शासन से मांगे 40 डॉक्टर
Mon, 12 Jan 2026 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:31 PM IST
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औरैया। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था इस समय डॉक्टरों के अभाव में बेपटरी है। डॉक्टर न होने से कई बार मरीजों को लौटना पड़ता है। जिला अस्पताल और सीएचसी में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने शासन से 40 डॉक्टरों की मांग की है।
जिले में हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग और सर्जरी जैसे अहम विभागों में सिर्फ एक-एक विशेषज्ञ तैनात है। इन्हीं डॉक्टरों को अलग-अलग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जाता है। परिणामस्वरूप मरीजों के ऑपरेशन की तारीखें आगे बढ़ती रहती हैं, कई मरीज हफ्तों तक इंतजार करते हैं और गंभीर हालत में रेफर होते हैं। इधर, जिले में एक भी रेडियोलॉजिस्ट न होने से जिले में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड संबंधी जांचें बुरी तरह प्रभावित हैं।
जिला अस्पताल की स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने से फ्रैक्चर और दुर्घटना के मरीजों को चिचौली मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से जिला अस्पताल में चोटों का एक्स-रे तक नहीं हो पा रहा, इससे मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है। वहीं, अस्पताल में सर्जन, जनरल फिजीशियन और यूरोलॉजिस्ट भी नहीं हैं।
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डॉक्टरों की कमी के चलते जिला चिकित्सालय में न तो समय पर विशेषज्ञ परामर्श मिल पा रहा है और न ही समुचित उपचार। दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों के लिए यह स्थिति और पीड़ादायक है। कई बार मरीजों को जांच और इलाज के लिए एक ही दिन में कई जगह भटकना पड़ता है।
जिले में चिकित्सकों की कमी है। तीन विभागों में एक ही विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। रेडियोलॉजिस्ट की भी नियुक्ति नहीं है। इस कमी को पूरा करने के लिए 40 चिकित्सकों की मांग शासन से की गई है। जल्द ही चिकित्सक मिल जाएंगे।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ
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जिले में हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग और सर्जरी जैसे अहम विभागों में सिर्फ एक-एक विशेषज्ञ तैनात है। इन्हीं डॉक्टरों को अलग-अलग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जाता है। परिणामस्वरूप मरीजों के ऑपरेशन की तारीखें आगे बढ़ती रहती हैं, कई मरीज हफ्तों तक इंतजार करते हैं और गंभीर हालत में रेफर होते हैं। इधर, जिले में एक भी रेडियोलॉजिस्ट न होने से जिले में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड संबंधी जांचें बुरी तरह प्रभावित हैं।
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जिला अस्पताल की स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने से फ्रैक्चर और दुर्घटना के मरीजों को चिचौली मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से जिला अस्पताल में चोटों का एक्स-रे तक नहीं हो पा रहा, इससे मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच करानी पड़ रही है। वहीं, अस्पताल में सर्जन, जनरल फिजीशियन और यूरोलॉजिस्ट भी नहीं हैं।
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डॉक्टरों की कमी के चलते जिला चिकित्सालय में न तो समय पर विशेषज्ञ परामर्श मिल पा रहा है और न ही समुचित उपचार। दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों के लिए यह स्थिति और पीड़ादायक है। कई बार मरीजों को जांच और इलाज के लिए एक ही दिन में कई जगह भटकना पड़ता है।
जिले में चिकित्सकों की कमी है। तीन विभागों में एक ही विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। रेडियोलॉजिस्ट की भी नियुक्ति नहीं है। इस कमी को पूरा करने के लिए 40 चिकित्सकों की मांग शासन से की गई है। जल्द ही चिकित्सक मिल जाएंगे।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ