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पिछले चुनावों से ज्यादा वोटिंग की चुनौती
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औरैया। अफसरों के सामने इस बार पिछले चुनावों से ज्यादा वोटिंग कराने की चुनौती है। ज्यादा से ज्यादा मतदाता बूथों तक पहुंचे इसके लिए पिछले दो माह से जागरूकता अभियान तो चलाया ही जा रहा है साथ ही अधिकारी भी सड़कों पर पसीना बहा रहे हैं। दिन पर दिन बढ़ती गर्मी इसमें कुछ समस्या खड़ी कर सकती है लेकिन उम्मीद है कि वोटर इस बार मतदान प्रतिशत के सारे रिकार्ड तोड़ेगा।
स्कूल, कॉलेजों से लेकर अन्य स्थानों पर पिछले दो माह में मतदाता जागरूकता के सैकड़ों कार्यक्रम हुए हैं। मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों और गांवों में भी मतदाताओं को जागरूक किया गया। रविवार को होने वाले मतदान के बाद ही पता चलेगा कि प्रशासन की मुहिम कितना रंग लाई है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में औसत मतदान प्रतिशत 60.37 फीसदी रहा था जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में जिले की तीनों विधानसभा सीटों में औसत मत प्रतिशत 59.34 प्रतिशत रहा। यानी 2017 के मुकाबले 2019 में मत प्रतिशत में गिरावट हुई थी। यह आंकड़े अफसरों की चिंता तो बढ़ा सकते हैं लेकिन अभी तक जो भी प्रयास हुए हैं उन्हें देखकर उम्मीद है कि मतदाता इस बार पिछले सारे रिकार्ड को तोड़ देगा।
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स्कूल, कॉलेजों से लेकर अन्य स्थानों पर पिछले दो माह में मतदाता जागरूकता के सैकड़ों कार्यक्रम हुए हैं। मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों और गांवों में भी मतदाताओं को जागरूक किया गया। रविवार को होने वाले मतदान के बाद ही पता चलेगा कि प्रशासन की मुहिम कितना रंग लाई है।
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में औसत मतदान प्रतिशत 60.37 फीसदी रहा था जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में जिले की तीनों विधानसभा सीटों में औसत मत प्रतिशत 59.34 प्रतिशत रहा। यानी 2017 के मुकाबले 2019 में मत प्रतिशत में गिरावट हुई थी। यह आंकड़े अफसरों की चिंता तो बढ़ा सकते हैं लेकिन अभी तक जो भी प्रयास हुए हैं उन्हें देखकर उम्मीद है कि मतदाता इस बार पिछले सारे रिकार्ड को तोड़ देगा।
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