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Auraiya News: चार दिन में उठ जाएगा चालान गबन मामले में पूरी तरह से पर्दा
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। एआरटीओ कार्यालय के लगभग 19 लाख रुपये के चालान गबन को लेकर चल रही जांच अब खुलासे के नजदीक पहुंच गई है। जांच अधिकारी की माने तो अब तक मिले कागजों के आधार पर तैयार की गई जांच रिपोर्ट में चार दिन में खुलासा कर दिया जाएगा।
इसमें कई अधिकारियों पर तलवार लटकती नजर आ रही है। जिम्मेदारों का कटघरे में पहुंचना तय हो गया है। चार जनवरी को भाऊपुर निवासी दंपती की मौत के बाद मिले सुसाइड नोट में परिवहन विभाग के बैंक में जमा होने वाले चालान के गबन का राज खुला था। इसमें 19 लाख रुपये के गबन का जिक्र था। इसके लिए मृतक शिवकांत जो कि एआरटीओ में आउटसोर्सिंग कर्मचारी था, पर गबन की राशि जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था।
खास बात यह थी कि सुसाइड नोट में यह भी जिक्र था कि पूरा मामला विभागीय कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों के संज्ञान में था। दिबियापुर रोड स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में शिवकांत महज आउटसोर्सिंग से काम करता था। वहीं एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारी बैंक में नकदी जमा करने आते थे। इस मामले में जांच कर रही कानपुर परिवहन विभाग की टीम दो बार आरटीओ अशोक कुमार से एक साल के चालान अदायगी के अभिलेख मांग चुकी है।
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मामले में आरटीओ ने लेखाकार ललितकांत पर कागजात गायब करने का आरोप लगाते हुए दिबियापुर थाना में मुकदमा भी दर्ज कराया है। हालांकि इस सब के बावजूद कानपुर आरटीओ की टीम ने पर्याप्त अभिलेखों से गबन के अहम बिंदु तैयार कर लिए हैं। तीन से चार दिन के अंदर चालान के गबन मामले में पूरी तरह से पर्दा उठ जाने की संभावना जताई गई है। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
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बोले जिम्मेदार-- --
बैंक में चालान जमा करने को लेकर औरैया संभागीय परिवहन कार्यालय में हुए गबन की जांच लगभग अंतिम दौर में है। चार दिन के अंदर एक-एक बिंदु से पर्दा उठा दिया जाएगा।
-प्रदीप कुमार, लेखाधिकारी कानपुर
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औरैया। एआरटीओ कार्यालय के लगभग 19 लाख रुपये के चालान गबन को लेकर चल रही जांच अब खुलासे के नजदीक पहुंच गई है। जांच अधिकारी की माने तो अब तक मिले कागजों के आधार पर तैयार की गई जांच रिपोर्ट में चार दिन में खुलासा कर दिया जाएगा।
इसमें कई अधिकारियों पर तलवार लटकती नजर आ रही है। जिम्मेदारों का कटघरे में पहुंचना तय हो गया है। चार जनवरी को भाऊपुर निवासी दंपती की मौत के बाद मिले सुसाइड नोट में परिवहन विभाग के बैंक में जमा होने वाले चालान के गबन का राज खुला था। इसमें 19 लाख रुपये के गबन का जिक्र था। इसके लिए मृतक शिवकांत जो कि एआरटीओ में आउटसोर्सिंग कर्मचारी था, पर गबन की राशि जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था।
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खास बात यह थी कि सुसाइड नोट में यह भी जिक्र था कि पूरा मामला विभागीय कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों के संज्ञान में था। दिबियापुर रोड स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में शिवकांत महज आउटसोर्सिंग से काम करता था। वहीं एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारी बैंक में नकदी जमा करने आते थे। इस मामले में जांच कर रही कानपुर परिवहन विभाग की टीम दो बार आरटीओ अशोक कुमार से एक साल के चालान अदायगी के अभिलेख मांग चुकी है।
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मामले में आरटीओ ने लेखाकार ललितकांत पर कागजात गायब करने का आरोप लगाते हुए दिबियापुर थाना में मुकदमा भी दर्ज कराया है। हालांकि इस सब के बावजूद कानपुर आरटीओ की टीम ने पर्याप्त अभिलेखों से गबन के अहम बिंदु तैयार कर लिए हैं। तीन से चार दिन के अंदर चालान के गबन मामले में पूरी तरह से पर्दा उठ जाने की संभावना जताई गई है। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
बोले जिम्मेदार
बैंक में चालान जमा करने को लेकर औरैया संभागीय परिवहन कार्यालय में हुए गबन की जांच लगभग अंतिम दौर में है। चार दिन के अंदर एक-एक बिंदु से पर्दा उठा दिया जाएगा।
-प्रदीप कुमार, लेखाधिकारी कानपुर