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अव्यवस्थाओं के बीच जूझ रही अस्थायी गोशाला
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औरैया। शासन ने अन्ना गोवंशों को रखने के लिए बड़े पैमाने गोशालाओं का निर्माण कराया है। संसाधनों के अभाव में अन्ना पशुओं की हालत खराब हो रही है। आए दिन पशुओं की बीमारी और चोटिल होने से मौत हो रही है। अव्यवस्था दूर कर पाने में फिलहाल प्रशासन नाकाम है।
जिले में 40 अस्थायी तथा ब्लॉक भाग्यनगर के ग्राम ऊमरी तथा सदर ब्लॉक के गांव मिर्जापुर बैरमशाह में वृहद गोशाला का निर्माण कराया गया है। इनमें करीब 3500 गोवंश रखे गए हैं।
कुछ दिनों से रात और सुबह के समय मौसम सर्द होने लगा है, लेकिन गोशालाओं में पशुओं के लिए अभी तक बोरों का इंतजाम नहीं हो सका है। गोशालाओं के प्रबंधन में जुटे प्रधानों और सचिवों ने बीडीओ को पत्र लिखकर झूलों का इंतजाम किए जाने की है।
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मिर्जापुर बैरमशाह, खरका की मड़ैया स्थित गोशाला, उमरी आदि गोशालाओं में आए दिन गोवंशों की ठंड से मौत हो रही है। डीएम अभिषेक सिंह ने डीएसओ लालमणि को बोरों के लिए बोरों का इंतजाम करने के निर्देश दिए थे।
जिला पशु चिकित्साधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि 3500 पशुओं के लिए करीब 7500 बोरों की आवश्यकता है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अभी तक मात्र ढाई हजार बोरों का ही इंतजाम हो सका है।
कर्मचारियों को नहीं मिल रहा मानदेय
औरैया। गोशालाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को समय से मानदेय नहीं मिल रहा है। हालांकि शासन ने राज्यवित्त से मानदेय दिए जाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानों का कहना है कि राज्यवित्त से पराली लाने और कर्मचारियों का मानदेय निकाला जाएगा तो विकास कार्य प्रभावित होगा।
भूसे के भुगतान में भी हो रहा विलंब
औरैया। अस्थायी गोशालाओं के प्रधान व सचिवों का यह भी कहना है कि भूसे का भी समय से भुगतान नहीं मिल रहा है। इस कारण कर्ज लेकर गोशालाओं में भूसे का प्रबंध करने को विवश हैं। इन गोशालाओं में जानवरों को सूखा चारा मिलने के कारण भी इनकी हालत खराब हो रही है।
गोशालाओं में बंद गोवंशों के लिए हरे चारे के प्रबंध के लिए चारागाह की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों के मानदेय के लिए ग्राम पंचायत को राज्य वित्त से भुगतान के निर्देश दिए गए हैं। -अशोक बाबू मिश्रा, सीडीओ।
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जिले में 40 अस्थायी तथा ब्लॉक भाग्यनगर के ग्राम ऊमरी तथा सदर ब्लॉक के गांव मिर्जापुर बैरमशाह में वृहद गोशाला का निर्माण कराया गया है। इनमें करीब 3500 गोवंश रखे गए हैं।
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कुछ दिनों से रात और सुबह के समय मौसम सर्द होने लगा है, लेकिन गोशालाओं में पशुओं के लिए अभी तक बोरों का इंतजाम नहीं हो सका है। गोशालाओं के प्रबंधन में जुटे प्रधानों और सचिवों ने बीडीओ को पत्र लिखकर झूलों का इंतजाम किए जाने की है।
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मिर्जापुर बैरमशाह, खरका की मड़ैया स्थित गोशाला, उमरी आदि गोशालाओं में आए दिन गोवंशों की ठंड से मौत हो रही है। डीएम अभिषेक सिंह ने डीएसओ लालमणि को बोरों के लिए बोरों का इंतजाम करने के निर्देश दिए थे।
जिला पशु चिकित्साधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि 3500 पशुओं के लिए करीब 7500 बोरों की आवश्यकता है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अभी तक मात्र ढाई हजार बोरों का ही इंतजाम हो सका है।
कर्मचारियों को नहीं मिल रहा मानदेय
औरैया। गोशालाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को समय से मानदेय नहीं मिल रहा है। हालांकि शासन ने राज्यवित्त से मानदेय दिए जाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानों का कहना है कि राज्यवित्त से पराली लाने और कर्मचारियों का मानदेय निकाला जाएगा तो विकास कार्य प्रभावित होगा।
भूसे के भुगतान में भी हो रहा विलंब
औरैया। अस्थायी गोशालाओं के प्रधान व सचिवों का यह भी कहना है कि भूसे का भी समय से भुगतान नहीं मिल रहा है। इस कारण कर्ज लेकर गोशालाओं में भूसे का प्रबंध करने को विवश हैं। इन गोशालाओं में जानवरों को सूखा चारा मिलने के कारण भी इनकी हालत खराब हो रही है।
गोशालाओं में बंद गोवंशों के लिए हरे चारे के प्रबंध के लिए चारागाह की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों के मानदेय के लिए ग्राम पंचायत को राज्य वित्त से भुगतान के निर्देश दिए गए हैं। -अशोक बाबू मिश्रा, सीडीओ।