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तापमान 42 पार, झुलसा देने वाली गर्मी से लोग बेहाल
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फोटो-14एयूआरपी-16 बच्चे को साड़ी का पल्लू ढ़ाक कर धूप से बचाती मां। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। अप्रैल में ही आग बरस रही है। झुलसा देने वाली गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। गुरुवार को जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। तपती दोपहर में लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो गए।
गुरुवार को सूर्य की तपिश से लोग बेहाल दिखे। जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर के वक्त लोगों का धूप में घर से निकलना मुश्किल हो गया था। लोगों का कहना है कि अप्रैल में सूर्य के ये तेवर हैं तो मई और जून का हाल क्या होगा।
गर्मी के कारण सड़क पर पैदल चलने वाले लोग पसीने से तरबतर दिखाई दिए। दोपहिया वाहन चालक गर्म हवा व धूप के थपेड़ों के बचने के लिए मुंह पर कपड़ा बांधकर चल रहे हैं। सूरज ढलने के बाद गर्मी से जरूर कुछ राहत महसूस हुई। लोग गर्मी से बचाव के लिए गन्ने का जूस, कोल्डड्रिंक, लस्सी और नारियल पानी समेत अन्य तरल पदार्थों का सेवन कर रहे हैं।
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50 शैया अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। ओपीडी में प्रतिदिन चार सौ अधिक मरीज इलाज कराने आ रहे है। इनमें सिरदर्द, आंखों में जलन, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होना, घबराहट, शरीर में कमजोरी समेत अन्य मर्ज के मरीज शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जरूरी काम होने पर घर से निकले, अधिक पानी पीकर चलें और पानी की बोतल साथ में रखे, सूती व पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने, धूप से बचाव के लिए छतरी का इस्तेमाल करें। खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, नीबू पानी, गन्ने व बेल का रस का सेवन करना अधिक फायदेमंद रहेगा।
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गुरुवार को सूर्य की तपिश से लोग बेहाल दिखे। जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर के वक्त लोगों का धूप में घर से निकलना मुश्किल हो गया था। लोगों का कहना है कि अप्रैल में सूर्य के ये तेवर हैं तो मई और जून का हाल क्या होगा।
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गर्मी के कारण सड़क पर पैदल चलने वाले लोग पसीने से तरबतर दिखाई दिए। दोपहिया वाहन चालक गर्म हवा व धूप के थपेड़ों के बचने के लिए मुंह पर कपड़ा बांधकर चल रहे हैं। सूरज ढलने के बाद गर्मी से जरूर कुछ राहत महसूस हुई। लोग गर्मी से बचाव के लिए गन्ने का जूस, कोल्डड्रिंक, लस्सी और नारियल पानी समेत अन्य तरल पदार्थों का सेवन कर रहे हैं।
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50 शैया अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। ओपीडी में प्रतिदिन चार सौ अधिक मरीज इलाज कराने आ रहे है। इनमें सिरदर्द, आंखों में जलन, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होना, घबराहट, शरीर में कमजोरी समेत अन्य मर्ज के मरीज शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जरूरी काम होने पर घर से निकले, अधिक पानी पीकर चलें और पानी की बोतल साथ में रखे, सूती व पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने, धूप से बचाव के लिए छतरी का इस्तेमाल करें। खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, नीबू पानी, गन्ने व बेल का रस का सेवन करना अधिक फायदेमंद रहेगा।

फोटो-14एयूआरपी-17 गर्मी में छोटे भाई को गन्ने का जूस पिलाती बहन। संवाद- फोटो : AURAIYA