फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   teaffic run on jarjar road

घोटाले की सड़क पर हो गए मौत के गड्ढे

Sat, 04 Sep 2021 11:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
teaffic run on jarjar road
खतरे के बीच से गुजरते वाहन। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। प्रदेश सरकार शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की सड़कों व मुख्यमार्गों को गड्ढा मुक्त करने की बात कह रही है। डिप्टी सीएम ने सड़कों की मरम्मत की जांच की बात भी कही है। लेकिन जिले में खस्ताहाल सड़कें अलग ही तस्वीर दिखा रहीं हैं। बिलरायां-पनवाड़ी मार्ग(स्टेट हाईवे) को जोड़ने वाला औरैया-फफूंद मार्ग 15 फीट तक धंसने के बाद भी जिम्मेदारों ने इसकी सुध नहीं ली। शनिवार को धंसी लेन पर दोनों ओर से वाहनों का आवागमन होता रहा। पुलिस ने बैरियर लगाकर कुछ सतर्क करने का काम जरूर किया। लोगों का कहना है कि घपलेबाजी का खेल सड़कों को खोखला कर रहा है।
विज्ञापन

दो दिन पहले पढ़ीन गांव के पास औरैया-फफूंद मार्ग 15 तक धंस गया था। लोगों को हादसे का खतरा बना हुआ है। जानजोखिम में न पड़े, इसको लेकर लोगों ने खुद से झाड़ियां डालकर कई घंटे सड़क पर खड़े होकर राहगीरों को सचेत किया। अफसरों को सूचना दी। शनिवार शाम तक अफसरों ने सड़क दुरुस्त कराना तो दूर निरीक्षण व सड़क धंसने का कारण जानना तक उचित नहीं समझा। ऐसे में प्रदेश सरकार का अच्छी सड़कों का सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा। शनिवार को खतरा बढ़ता देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने बैरियर्र लगवाए।
विज्ञापन

लोगों ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल
पढ़ीन गांव निवासी विनय तिवारी ने कहा कि सरकार भले ही अच्छी सड़कें देेने का वाद करे, लेकिन घोटालेबाजी के कारण सड़कों का दम निकल रहा है। औरैया-फफूंद मार्ग इसका उदाहरण है। सड़क कुछ वर्ष पहले ही करोड़ों की लागत से बनी थी। बारिश के बाद अचानक धंस जाना गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंशाराम ने बताया कि जब यह सड़क बन रही थी, तभी आसपास के कई गांवों के लोगों ने मानकविहीन निर्माण पर सवाल खड़े किए थे। ठेकेदार से लेकर अफसरों तक साठगांठ के आगे ग्रामीणों की एक न चली। नतीजा सामने है।
रामकुमार पाल ने बताया कि गुरुवार शाम सड़क धंस गई। गांव के लोगों ने इसकी जानकारी तहसील प्रशासन के साथ संबंधित विभाग को दी। दो दिन बीतने के बाद भी कोई अधिकारी सड़क की मरम्मत व धंसने का कारण जानने नहीं पहुंचा। हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थानीय पुलिस बैरियर लगाकर लोगों को सचेत कर रही है।
किशन स्वरूप शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार लगातार सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दे रही है। हर साल लाखों, करोड़ों का बजट आता है। लेकिन जिले की कई सड़कें ऐसी हैं, जिनकी हालत खस्ता है। पता ही नहीं चलता बजट कहां जा रहा है। कमीशनखोरी के कारण लोगों की जान जोखिम में है।
पढ़ीन पुल के पास भी धंस रही सड़क
पढ़ीन पुल के पास मिट्टी भराई रोकने के ठोस प्रबंध नहीं है। जिससे धीरे-धीरे मिट्टी धंसनी शुरू हो गई है। सड़कों पर कई जगह दरारे पड़ गईं हैं। इससे भी लोगों को हादसे का डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने मरम्मत की मांग की है।

वर्जन
सड़क धंसने की जानकारी के बाद मौके पर टीम के साथ गया था। बारिश के कारण साइड से मिट्टी कटने से सड़क धंसी है। अभी बजट का अभाव है, रिवाइज इस्टीमेट भेजा गया है। फिर भी निर्माण कराने वाली संस्था के ठेकेदार से कहकर जल्द ही सड़क ठीक कराई जाएगी। -अनिल कुमार जाटव, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोनिवि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed