{"_id":"6abeab2ba354cb185406cf97","slug":"six-nhai-teams-filled-potholes-on-the-highway-auraiya-news-c-211-1-aur1009-152560-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: एनएचएआई की छह टीमों ने भरे हाईवे के गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: एनएचएआई की छह टीमों ने भरे हाईवे के गड्ढे
विज्ञापन
औरैया। कानपुर-इटावा हाईवे पर जानलेवा गड्ढों से जुड़ी संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल का बड़ा असर हुआ है। हाईवे पर गड्ढों की बदहाल स्थिति को प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हरकत में आया। बृहस्पतिवार को छह अलग-अलग टीमों को हाईवे पर उतारकर 29 किलोमीटर के दायरे में मिले 205 से अधिक गड्ढों की मरम्मत करा दी गई। इससे हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों और यात्रियों को राहत मिली है।
हाल ही में हुई तीन दिनों की बारिश के बाद कानपुर-इटावा हाईवे की हालत खराब हो गई थी। बुधवार को की गई पड़ताल में इंडियन ऑयल चौकी से मंडी गेट तक 29 किलोमीटर के दायरे में 205 से अधिक खतरनाक गड्ढे मिले थे। कई जगह एक साथ पांच से सात गड्ढे होने से तेज रफ्तार वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा था और हादसे का खतरा बना हुआ था। पहले कराया गया पैचवर्क भी कई स्थानों पर उखड़ चुका था।
पड़ताल में इंडियन ऑयल चौकी से गांव भाऊपुर तक 45 गड्ढे मिले थे। भाऊपुर ओवरब्रिज से मिहौली के बीच सर्वाधिक 110 गड्ढे दर्ज किए गए। वहीं, मिहौली ओवरब्रिज पार करने के बाद मंडी तक 50 से अधिक गड्ढे मिले थे।
विज्ञापन
एक अक्तूबर के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद एनएचएआई के अधिकारी सक्रिय हुए और छह टीमों ने पूरे दिन काम कर गड्ढों को भरवाया। परियोजना प्रबंधक, इटावा-चकेरी हाईवे प्राइवेट लिमिटेड, महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पूरे दिन काम कर सभी गड्ढों को भर दिया गया है।
विज्ञापन
हाल ही में हुई तीन दिनों की बारिश के बाद कानपुर-इटावा हाईवे की हालत खराब हो गई थी। बुधवार को की गई पड़ताल में इंडियन ऑयल चौकी से मंडी गेट तक 29 किलोमीटर के दायरे में 205 से अधिक खतरनाक गड्ढे मिले थे। कई जगह एक साथ पांच से सात गड्ढे होने से तेज रफ्तार वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा था और हादसे का खतरा बना हुआ था। पहले कराया गया पैचवर्क भी कई स्थानों पर उखड़ चुका था।
विज्ञापन
पड़ताल में इंडियन ऑयल चौकी से गांव भाऊपुर तक 45 गड्ढे मिले थे। भाऊपुर ओवरब्रिज से मिहौली के बीच सर्वाधिक 110 गड्ढे दर्ज किए गए। वहीं, मिहौली ओवरब्रिज पार करने के बाद मंडी तक 50 से अधिक गड्ढे मिले थे।
विज्ञापन
एक अक्तूबर के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद एनएचएआई के अधिकारी सक्रिय हुए और छह टीमों ने पूरे दिन काम कर गड्ढों को भरवाया। परियोजना प्रबंधक, इटावा-चकेरी हाईवे प्राइवेट लिमिटेड, महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पूरे दिन काम कर सभी गड्ढों को भर दिया गया है।