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शिवशंकर हत्याकांड: रुपये के लेनदेन में हुई थी हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला औरैया
Updated Wed, 06 Jan 2016 11:53 PM IST
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कोतवाली औरैया में बातचीत में एसपी मनोज तिवारी ने बताया कि अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम छछूंद में 29 नवंबर 2015 को खेत में एक युवक का शव जला हुआ मिला था। पुलिस के प्रयास से भाई उमाशंकर ने शिवशंकर पुत्र सामले प्रसाद निवासी वटपुरा इटावा के रूप में मृतक की शिनाख्त की थी।
इसके बाद भाई की तहरीर पर धर्मेंद्र पाठक, अश्वनी पाठक, सुनीत पाठक पुत्रगण हरनारायन पाठक निवासी जहरौली थाना बढ़पुरा जनपद इटावा व श्रीकांत पुत्र अवधेश पांडेय निवासी मुहाम्दाबाद इटावा व गुड्डी देवी पत्नी संतोष पांडेय के खिलाफ मामला दर्ज कराया। थानाध्यक्ष शिवकुमार की विवेचना में धर्मेंद्र पाठक के दिल्ली में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली जाकर हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार हत्यारोपी धर्मेंद्र पाठक ने बताया कि शिवशंकर और वह दोनों दिल्ली में गाड़ी चालने वाली एजेंसी में काम करते थे। मैं गाड़ी चलता था और शिवशंकर परिचालक था। धर्मेंद्र ने बताया कि साल 2012 में उसकी शादी हुई थी। शादी में रुपये कम पड़ने पर उसने शिवशंकर से मांगे।
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शिवशंकर ने अपने भाई से धर्मेंद्र को 30 हजार रुपये दिलवा दिए। आरोपी धर्मेंद्र ने बताया कि 27 नवंबर 2015 को शिवशंकर के जीजा के लड़के की मोहम्मदाबाद में शादी थी। इसमें शामिल होने के लिए शिवशंकर उसे भी साथ ले आया गया था । शराब पीने के बाद शिवशंकर व उसमें रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट होने लगी।
आरोपी ने बताया कि उसने अपना आपा खो दिया और शिवशंकर की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि हत्या करने के बाद उसने खेत में लगे पुवाल के ढेर में उसे दबाकर आग लगा दी। इसके बाद वह रात में ही दिल्ली चला आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इसके बाद भाई की तहरीर पर धर्मेंद्र पाठक, अश्वनी पाठक, सुनीत पाठक पुत्रगण हरनारायन पाठक निवासी जहरौली थाना बढ़पुरा जनपद इटावा व श्रीकांत पुत्र अवधेश पांडेय निवासी मुहाम्दाबाद इटावा व गुड्डी देवी पत्नी संतोष पांडेय के खिलाफ मामला दर्ज कराया। थानाध्यक्ष शिवकुमार की विवेचना में धर्मेंद्र पाठक के दिल्ली में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली जाकर हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार हत्यारोपी धर्मेंद्र पाठक ने बताया कि शिवशंकर और वह दोनों दिल्ली में गाड़ी चालने वाली एजेंसी में काम करते थे। मैं गाड़ी चलता था और शिवशंकर परिचालक था। धर्मेंद्र ने बताया कि साल 2012 में उसकी शादी हुई थी। शादी में रुपये कम पड़ने पर उसने शिवशंकर से मांगे।
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शिवशंकर ने अपने भाई से धर्मेंद्र को 30 हजार रुपये दिलवा दिए। आरोपी धर्मेंद्र ने बताया कि 27 नवंबर 2015 को शिवशंकर के जीजा के लड़के की मोहम्मदाबाद में शादी थी। इसमें शामिल होने के लिए शिवशंकर उसे भी साथ ले आया गया था । शराब पीने के बाद शिवशंकर व उसमें रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट होने लगी।
आरोपी ने बताया कि उसने अपना आपा खो दिया और शिवशंकर की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि हत्या करने के बाद उसने खेत में लगे पुवाल के ढेर में उसे दबाकर आग लगा दी। इसके बाद वह रात में ही दिल्ली चला आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।