{"_id":"6221038170990347be059ec2","slug":"shiv-pratap-reached-romania-after-traveling-for-22-hours-auraiya-news-knp6836745117","type":"story","status":"publish","title_hn":"22 घंटे का सफर कर रोमानिया पहुंचे शिव प्रताप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
22 घंटे का सफर कर रोमानिया पहुंचे शिव प्रताप
विज्ञापन
फोटो-03एयूआरपी-01- हांथों में तिरंगा लेकर अपने साथियों के साथ रोमानियां पहुंचे शिव प्रताप। संवाद
- फोटो : AURAIYA
बिधूना (औरैया)। यूक्रेन में फंसे छात्रों की वतन वापसी में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा ढाल बना है। यूक्रेन के डेनिप्रो शहर से रोमानिया बार्डर तक सुरक्षित पहुंचे शिवप्रताप ने ये बातें बताईं। फोन पर बातचीत में शिवप्रताप ने बताया कि रोमानिया में ठंड बहुत है। इस कारण उसके साथी बीमार भी पड़ गए हैं। एक साथी की तबियत खराब होने पर रोमानिया के डाक्टरों ने इलाज किया। उम्मीद है कि शुक्रवार को दिल्ली पहुंच जाएंगे।
बिधूना तहसील क्षेत्र के असजना गांव निवासी शिवप्रताप सिंह ने फोन पर बताया कि यूक्रेन छोड़ने की एडवाइजरी के बाद मंगलवार की रात करीब 10 बजे साथियों समेत डेनिप्रो शहर स्थित मेडिकल विश्वविद्यालय का हॉस्टल छोड़ दिया। सात बसों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लगाकर 22 घंटे का सफर तय कर रात 10 बजे रोमानिया पहुंचे। बताया कि इस बीच हमने देखा कि कई पाकिस्तानी छात्र भी हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे थे।
रोमानिया पहुंचने के बाद हमें सेल्टरहोम में ठहराया गया है। यहां आने के बाद अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। गुरुवार की शाम उन्हें फ्लाइट मिलने के बाद दिल्ली पहुंचेंगे। बताया कि रोमानिया में ठंड अधिक पड़ रही है।
विज्ञापन
यूक्रेन से रोमानिया पहुंचने के बाद सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए करीब दो घंटे लाइन में खड़ा होना पड़ा। इस बीच हमारा रूम पार्टनर चित्रांश अचानक बेहोश हो गया। हालत बिगडने पर रोमानिया के चिकित्सकों ने इलाज किया। शिवप्रताप के जल्द आने की जानकारी पर घर के लोगों में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
बिधूना तहसील क्षेत्र के असजना गांव निवासी शिवप्रताप सिंह ने फोन पर बताया कि यूक्रेन छोड़ने की एडवाइजरी के बाद मंगलवार की रात करीब 10 बजे साथियों समेत डेनिप्रो शहर स्थित मेडिकल विश्वविद्यालय का हॉस्टल छोड़ दिया। सात बसों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लगाकर 22 घंटे का सफर तय कर रात 10 बजे रोमानिया पहुंचे। बताया कि इस बीच हमने देखा कि कई पाकिस्तानी छात्र भी हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे थे।
विज्ञापन
रोमानिया पहुंचने के बाद हमें सेल्टरहोम में ठहराया गया है। यहां आने के बाद अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। गुरुवार की शाम उन्हें फ्लाइट मिलने के बाद दिल्ली पहुंचेंगे। बताया कि रोमानिया में ठंड अधिक पड़ रही है।
विज्ञापन
यूक्रेन से रोमानिया पहुंचने के बाद सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए करीब दो घंटे लाइन में खड़ा होना पड़ा। इस बीच हमारा रूम पार्टनर चित्रांश अचानक बेहोश हो गया। हालत बिगडने पर रोमानिया के चिकित्सकों ने इलाज किया। शिवप्रताप के जल्द आने की जानकारी पर घर के लोगों में खुशी का माहौल है।