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मानक विहीन सड़क देख भड़के अधीक्षण अभियंता
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सड़क की मोटाई कम मिलने पर एक्सईएन को पैमाना दिखाकर नाराजगी जताते अधीक्षण अभियंता नरेश चंद्र। सं?
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। रूदौली गांव को जाने वाली निर्माणाधीन सड़क मानक विहीन बनाए जाने पर पिछले दिनों गांव के लोगों ने कमिश्नर से शिकायत की। शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता ने जांच की। शिकायत सही पाए जाने पर अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन व जेई की क्लास लगाई। साथ ही अब तक बनाई गई सड़क की गुणवत्ता दुरुस्त करने के बाद ही आगे काम कराने के निर्देश दिए।
बिलराया-पनवाड़ी मार्ग से गांव रूदौली को जाने वाली दो किलोमीटर डामर सड़क का 15 लाख 30 हजार रुपये के बजट से निर्माण कार्य कराया गया था। निर्माण बीएस कंट्रक्शन कंपनी ने कराया था। अहम बात ये है कि डेढ़ किलोमीटर तक मानक विहीन सड़क बनने के बाद भी पीडब्ल्यूडी के किसी भी इंजीनियर ने ध्यान देने की जरूरत महसूस नहीं की। इसे लेकर लोगों में खासा आक्रोश है।
प्रधानपति रामबाबू, ग्रामीण अतुल दीक्षित, शिवपाल सिंह का कहना है कि कई बार मानक विहीन सड़क बनाने की प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी पर कोई सुनवाई नहीं हुई। तब कमिश्नर से शिकायत कर गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की। तब जाकर हकीकत सामने आई है। इस संबंध में एक्सईएन अनिल कुमार जाटव ने बताया कि इस सड़क को जेई कृष्ण कुमार की देखरेख में बनाया जा रहा था। फिलहाल सड़क में जो भी खामियां हैं उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जा रहा है। अभी ठेकेदार का भुगतान भी नहीं किया गया है।
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अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी नरेश चंद्र ने कहा कि मौके पर पहुंचकर जांच की गई, जिसमें 20 एमएम मोटाई की जगह 10 एमएम ही पाई गई। इसके चलते एक्सईएन को आगे का शेष बचा निर्माण कार्य कराने से रोक दिया गया है। सबसे पहले जो निर्माण कार्य हो चुका है, उसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर चीफ इंजीनियर को सौंपी जाएगी। उनके स्तर से ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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बिलराया-पनवाड़ी मार्ग से गांव रूदौली को जाने वाली दो किलोमीटर डामर सड़क का 15 लाख 30 हजार रुपये के बजट से निर्माण कार्य कराया गया था। निर्माण बीएस कंट्रक्शन कंपनी ने कराया था। अहम बात ये है कि डेढ़ किलोमीटर तक मानक विहीन सड़क बनने के बाद भी पीडब्ल्यूडी के किसी भी इंजीनियर ने ध्यान देने की जरूरत महसूस नहीं की। इसे लेकर लोगों में खासा आक्रोश है।
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प्रधानपति रामबाबू, ग्रामीण अतुल दीक्षित, शिवपाल सिंह का कहना है कि कई बार मानक विहीन सड़क बनाने की प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी पर कोई सुनवाई नहीं हुई। तब कमिश्नर से शिकायत कर गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की। तब जाकर हकीकत सामने आई है। इस संबंध में एक्सईएन अनिल कुमार जाटव ने बताया कि इस सड़क को जेई कृष्ण कुमार की देखरेख में बनाया जा रहा था। फिलहाल सड़क में जो भी खामियां हैं उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जा रहा है। अभी ठेकेदार का भुगतान भी नहीं किया गया है।
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अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी नरेश चंद्र ने कहा कि मौके पर पहुंचकर जांच की गई, जिसमें 20 एमएम मोटाई की जगह 10 एमएम ही पाई गई। इसके चलते एक्सईएन को आगे का शेष बचा निर्माण कार्य कराने से रोक दिया गया है। सबसे पहले जो निर्माण कार्य हो चुका है, उसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर चीफ इंजीनियर को सौंपी जाएगी। उनके स्तर से ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।