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Auraiya News: दुष्कर्म के आरोपी की दूसरी जमानत अर्जी खारिज
Mon, 18 May 2026 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 18 May 2026 12:06 AM IST
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औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने किशोरी को ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
वारदात के बाद किशोरी गर्भवती हो गई थी। शनिवार को आरोपी मुरली की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्णय लिया। आरोपी की यह दूसरी जमानत याचिका खारिज हुई है।
अछल्दा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने मामला दर्ज कराया था कि 27 जनवरी 2026 को उसकी बेटी अछल्दा मेला देखने गई थी। वहीं से गांव का आरोपी मुरली कोरी उसे अपने साथ ले गया। पीड़िता अपने साथ घर से सोने की अंगूठी, मंगलसूत्र, करधनी, पायल और चार हजार रुपये नकद भी ले गई थी। जब पीड़िता के परिजन आरोपी के घर पूछने गए तो आरोपी के भाइयों ने उन्हें गाली-गलौज और धमकी देकर भगा दिया था।
शनिवार को इस मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि पीड़िता ने धारा 180 के बयान में मां से विवाद होने के कारण अपनी सहेली के पास दिल्ली जाने की बात कही थी और एफआईआर में भी देरी की गई है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
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वहीं अभियोजन ने आरोपी की जमानत का विरोध किया। कोर्ट को बताया कि पीड़िता ने अदालत में स्वयं स्वीकार किया है कि वह मुरली के साथ दिल्ली गई थी। इसके अलावा पीड़िता एक माह की गर्भवती भी है। चिकित्सीय परीक्षण में इसकी पुष्टि हुई।
मामले में पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अपराध की प्रकृति पूरे समाज को प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में एफआईआर में देरी जैसे तकनीकी तथ्य कमजोर हो जाते हैं। आरोपी को जमानत पर रिहा किया गया तो वह पीड़िता और केस के साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है। आरोपी जेल में बंद है।
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वारदात के बाद किशोरी गर्भवती हो गई थी। शनिवार को आरोपी मुरली की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्णय लिया। आरोपी की यह दूसरी जमानत याचिका खारिज हुई है।
अछल्दा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने मामला दर्ज कराया था कि 27 जनवरी 2026 को उसकी बेटी अछल्दा मेला देखने गई थी। वहीं से गांव का आरोपी मुरली कोरी उसे अपने साथ ले गया। पीड़िता अपने साथ घर से सोने की अंगूठी, मंगलसूत्र, करधनी, पायल और चार हजार रुपये नकद भी ले गई थी। जब पीड़िता के परिजन आरोपी के घर पूछने गए तो आरोपी के भाइयों ने उन्हें गाली-गलौज और धमकी देकर भगा दिया था।
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शनिवार को इस मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि पीड़िता ने धारा 180 के बयान में मां से विवाद होने के कारण अपनी सहेली के पास दिल्ली जाने की बात कही थी और एफआईआर में भी देरी की गई है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
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वहीं अभियोजन ने आरोपी की जमानत का विरोध किया। कोर्ट को बताया कि पीड़िता ने अदालत में स्वयं स्वीकार किया है कि वह मुरली के साथ दिल्ली गई थी। इसके अलावा पीड़िता एक माह की गर्भवती भी है। चिकित्सीय परीक्षण में इसकी पुष्टि हुई।
मामले में पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अपराध की प्रकृति पूरे समाज को प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में एफआईआर में देरी जैसे तकनीकी तथ्य कमजोर हो जाते हैं। आरोपी को जमानत पर रिहा किया गया तो वह पीड़िता और केस के साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है। आरोपी जेल में बंद है।