फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   School of education by the efforts of teachers

शिक्षकों के प्रयास से निखरा बिझाई स्कूल

Sun, 06 May 2018 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
अमर उजाला ब्यूरो औरैया Updated Sun, 06 May 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
School of education by the efforts of teachers
स्कूल में छात्र को बैग देते अध्यापक - फोटो : amarujala

औरैया। शिक्षकों ने मेहनत की और स्कूल निखर गया। बच्चों को खेलने का सामान भी उपलब्ध हो गया। सामान्य ज्ञान मजबूत करने के लिए क्लास भी लगने लगीं। अब बच्चे अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई कर रहे हैं। पहले इस स्कूल में छात्र संख्या 19 थी। अब 50 से ज्यादा बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

विज्ञापन


 सहार ब्लॉक के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिझाई के शिक्षकों के अथक प्रयास और सीमित संसाधनों के बावजूद पढ़ने वाले बच्चों के मनोरंजन से लेकर बुद्धि स्तर को ज्ञात करने के लिए शिक्षकों ने एक नई पहल शुरू की है। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तर्ज पर इस स्कूल में पढ़ाई कराई जा रही है। अभिभावक बताते हैं कि पहले यहां छात्र संख्या कम थी। अब यहां क्षेत्र के लोग अपने बच्चों का दाखिला कराना चाहते हैं।
विज्ञापन


प्रधानाचार्य कप्तान सिंह यादव ने इस विद्यालय की स्थिति को सुधारने के लिए शिक्षकों को एकजुट किया। यहां तैनात शिक्षक चंद्रकांत राजपूत, ज्ञानेंद्र अवस्थी, भूपदीप सिंह बघेल, विजयंत कैथवार ने अपने खर्च से स्कू ल के बच्चों के लिए कॉपी-किताबें और स्कूल बैग और यूनिफॉर्म का इंतजाम किया। इसके अलावा स्कूल में बैडमिंटन, क्रिकेट किट, चेस आदि मनोरंजन के साधन मुहैया कराए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अमर उजाला टीम ने जब इस विद्यालय की पढ़ाई का स्तर जांचने के लिए स्कूल पहुंची तो प्रार्थना हो रही थी। जिसमें सभी शिक्षक और छात्र मौजूद थे। प्रार्थना के बाद बच्चे सामान्य ज्ञान की चर्चा करते पाए गए। विद्यालय के शिक्षक विजयंत कैथवार ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य तथा अन्य शिक्षकों के सहयोग से स्कूली छात्रों के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे हैं।

 
निर्धन छात्रों के लिए शिक्षकों ने एकत्र किया धन
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिझाई में बहुत से छात्र-छात्राएं ऐसी थीं, जिनमें पढ़ने की ललक तो थी, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे बच्चे का दाखिला करा सकें। ऐसे 10 बच्चों को शिक्षकों ने चिह्नित कर अपने सहयोगियों से धन जुटा कर उनका प्रवेश विद्यालय में कराया और सभी सुविधाएं भी मुहैया कराईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed