{"_id":"69b050f80a343932cf026d00","slug":"roads-dug-up-for-gas-pipelines-only-to-be-repaired-auraiya-news-c-211-1-aur1020-141009-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: गैस पाइपलाइन के लिए खोदीं सड़कें, मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: गैस पाइपलाइन के लिए खोदीं सड़कें, मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति
Tue, 10 Mar 2026 10:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 10 Mar 2026 10:42 PM IST
विज्ञापन
फोटो-7-आर्य नगर में सड़क को नहीं कराया गया ठीक। संवाद
औरैया। शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने के नाम पर कई सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन काम पूरा होने के बाद उनकी ठीक से मरम्मत नहीं कराई गई। हालात यह हैं कि कई मोहल्लों में सड़क उखड़ी पड़ी है तो कहीं नालियां टूटकर बदहाल स्थिति में हैं। इससे लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है और दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
नगर पालिका की ओर से एक निजी गैस कंपनी को शहर में पाइपलाइन बिछाने का अनुबंध दिया गया था। अनुबंध की शर्तों में साफ तौर पर उल्लेख था कि पाइपलाइन डालने के लिए जिन सड़कों और नालियों को खोदा जाएगा, उन्हें काम पूरा होने के बाद पहले जैसी स्थिति में दुरुस्त कराया जाएगा, लेकिन हकीकत में यह शर्त कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।
शहर के आर्य नगर, आवास-विकास, तिलक नगर, बनारसीदास मोहल्ला, कांशीराम कॉलोनी, बस स्टैंड रोड और आसपास के कई इलाकों में पाइपलाइन डालने के लिए सड़क किनारे गहरी खुदाई की गई। पाइपलाइन डालने के बाद गड्ढों को सिर्फ मिट्टी से भर दिया गया या ऊपर से हल्की परत डालकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। कुछ ही दिनों में कई स्थानों पर मिट्टी धंसने लगी, जिससे सड़क किनारे गड्ढे बन गए हैं।
विज्ञापन
कई जगहों पर सड़क का किनारा पूरी तरह उखड़ गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। वहीं, खुदाई के दौरान कई स्थानों पर नालियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। टूटी नालियों की अब तक मरम्मत नहीं कराई गई, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और आसपास के लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद कंपनी ने मरम्मत कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई।
लोगों का यह भी आरोप है कि नगर पालिका ने अनुबंध की शर्तों का पालन सुनिश्चित कराने में सख्ती नहीं दिखाई। मरम्मत कराने में हर बार कंपनियों की ओर से लापरवाही बरती जाती है, पर सख्ती नोटिस, पत्राचार तक सीमित रह जाती है।
पाइपलाइन बिछाने के बाद जहां सड़कों को ठीक नहीं कराया गया है, इसकी जानकारी कंपनी को भेजकर तत्काल ठीक कराने के कहा जाएगा। कंपनी ने अनुबंध किया है, जिसका पालन उसे करना पड़ेगा।
- अनूप गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष
विज्ञापन
नगर पालिका की ओर से एक निजी गैस कंपनी को शहर में पाइपलाइन बिछाने का अनुबंध दिया गया था। अनुबंध की शर्तों में साफ तौर पर उल्लेख था कि पाइपलाइन डालने के लिए जिन सड़कों और नालियों को खोदा जाएगा, उन्हें काम पूरा होने के बाद पहले जैसी स्थिति में दुरुस्त कराया जाएगा, लेकिन हकीकत में यह शर्त कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।
विज्ञापन
शहर के आर्य नगर, आवास-विकास, तिलक नगर, बनारसीदास मोहल्ला, कांशीराम कॉलोनी, बस स्टैंड रोड और आसपास के कई इलाकों में पाइपलाइन डालने के लिए सड़क किनारे गहरी खुदाई की गई। पाइपलाइन डालने के बाद गड्ढों को सिर्फ मिट्टी से भर दिया गया या ऊपर से हल्की परत डालकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। कुछ ही दिनों में कई स्थानों पर मिट्टी धंसने लगी, जिससे सड़क किनारे गड्ढे बन गए हैं।
विज्ञापन
कई जगहों पर सड़क का किनारा पूरी तरह उखड़ गया है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। वहीं, खुदाई के दौरान कई स्थानों पर नालियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। टूटी नालियों की अब तक मरम्मत नहीं कराई गई, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और आसपास के लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद कंपनी ने मरम्मत कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई।
लोगों का यह भी आरोप है कि नगर पालिका ने अनुबंध की शर्तों का पालन सुनिश्चित कराने में सख्ती नहीं दिखाई। मरम्मत कराने में हर बार कंपनियों की ओर से लापरवाही बरती जाती है, पर सख्ती नोटिस, पत्राचार तक सीमित रह जाती है।
पाइपलाइन बिछाने के बाद जहां सड़कों को ठीक नहीं कराया गया है, इसकी जानकारी कंपनी को भेजकर तत्काल ठीक कराने के कहा जाएगा। कंपनी ने अनुबंध किया है, जिसका पालन उसे करना पड़ेगा।
- अनूप गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष

फोटो-7-आर्य नगर में सड़क को नहीं कराया गया ठीक। संवाद

फोटो-7-आर्य नगर में सड़क को नहीं कराया गया ठीक। संवाद