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परोपकार से मिलती है ख्याति
ब्यूरो/ अमर उजाला, औरैया
Updated Thu, 23 Apr 2015 11:39 PM IST
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परोपकार ही जीवन में मनुष्य को ख्याति के शिखर तक
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लेकर जाता है। ईश्वर की भक्ति परोपकारी को उसके मार्ग पर बनाए रखती है।
भक्त प्रहलाद ने अपनी इच्छा को प्रबल रखा, जिससे विश्व में उनका स्थान आज
भी अडिग है। यह बात कथा वाचक पंडित संतोष कुमार ने कही।
नगर के मोहल्ला तिवारियान स्थित योगेश्वर धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में गुरुवार को सरस कथा वाचक पंडित संतोष कुमार ने भक्त प्रहलाद की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि भक्त प्रहलाद बचपन से भगवान का भजन करते थे। जो प्राणी अपने माता पिता का आदर और सम्मान करता है समाज में अच्छे आचरण करता है व देव तुल्य होता है।
जो प्राणी माता-पिता का अपमान करता है और समाज में दुराचार करता है वह दैत्य की श्रेणी में आता है। कथा श्रवण के दौरान दयाशंकर अवस्थी, श्रीमती लक्ष्मी समेत सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
नगर के मोहल्ला तिवारियान स्थित योगेश्वर धाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में गुरुवार को सरस कथा वाचक पंडित संतोष कुमार ने भक्त प्रहलाद की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि भक्त प्रहलाद बचपन से भगवान का भजन करते थे। जो प्राणी अपने माता पिता का आदर और सम्मान करता है समाज में अच्छे आचरण करता है व देव तुल्य होता है।
जो प्राणी माता-पिता का अपमान करता है और समाज में दुराचार करता है वह दैत्य की श्रेणी में आता है। कथा श्रवण के दौरान दयाशंकर अवस्थी, श्रीमती लक्ष्मी समेत सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।