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यमुना के पानी ने मचाई तबाही
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औरैया। यमुना नदी के बढ़ते रौद्र रूप के चलते मंगलवार की शाम चार बजे जलस्तर 116 मीटर का आंकड़ा पार कर लिया। सोमवार को यह आंकड़ा 115.12 मीटर था। बावजूद इसके पानी थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके चलते करीब 12 गांव पानी से चारों तरफ से घिर चुके हैं। जिसके कारण लोगों को पलायन करना पड़ रहा है। पानी की तबाही से गांवों में बने कच्चे मकान गिरने की आशंका बनने लगी है। जिससे लोग खुद को व सामान को सुरक्षित बचाने को हाथ ठेली व सिर पर पर सामान रखकर जिला प्रशासन की तरफ से बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में पहुंच रहे हैं। घरों के ेबाहर भरे पानी में नाव चलने के कारण लोगों में बुरी तरह से दहशत बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के अनुसार पानी देर रात तक 116.40 मीटर तक जाने की संभावना है। यहां यमुना नदी का चेतावनी बिंदु 113 मीटर है। उधर, लगातार बढ़ रहे यमुना के जलस्तर के मद्देनजर जिला प्रशासन भी राहत देने में जुटा हुआ है।
मंगलवार को अजीतमल क्षेत्र में यमुना नदी का पानी शाम छह बजे तक 116.27 मीटर तक पहुंच गया। अमर उजाला की टीम ग्राम सिकरोड़ी पहुंची, जहां पानी ने खासी मुसीबत पैदा कर रखी थी। चारों तरफ से पानी से घिर जाने के चलते ग्रामीणों को घर से बाहर सुरक्षित निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। यही नहीं कुछ ग्रामीण ट्यूब पर सामान रखकर पानी से सुरक्षित निकलने का प्रयास करते दिखाई दिए। यही हाल ग्राम गोहानी कलां, जाजपुर, बड़ेरा आदि में भी दिखा। उधर, बाढ़ का पानी बढ़ने की जानकारी पर जिला प्रशासन भी पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए एसडीएम अजीतमल राशिद अली खान राजस्व टीम के साथ सुबह से ही बाढ़ क्षेत्र का दौरा करने में लगे हैं। वहीं राजस्व विभाग की टीम लगातार गांव में रहकर लोगों की मदद कर रहीं है। बड़ेरा गांव में भी अंदर तक पानी भर जाने के कारण वहां तक पहुंचने के लिए एसडीएम राशिद अली खान को ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। गांव पहुंचकर उन्होंने पानी से घिरे घरों के लोगों से तत्काल घरों को खाली कराया। साथ ही उन्हें उनके पशुओं के साथ सुरक्षित जगह पर भिजवाया। बड़ेरा ग्राम प्रधान पति इंद्रवीर सिंह ने बताया की गांव में रह रहे सूरज राम, रामप्रकाश, रामकिशोर, श्याम किशोर, श्याम बाबू, अशोक, मन्नी, सोना देवी, जयवीर, कैलाशी देवी, मोटे परिहार, जौहरी, राम सेवक, गोधन, रामनाथ, सुरेश, रामरतन सिंह, हरसरन आदि के मकानों तक पानी पहुंच के चलते इन घरों में रह रहे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद एसडीएम टीम के साथ ग्राम सिकरोड़ी पहुंचे लेकिन गांव के रास्ते में पानी अधिक भरा होने के चलते बीच रास्ते से ही उनको वापस होना पड़ा। इस संबंध में एसडीएम रसीद अली खान ने बताया की सिकरोड़ी व बड़ेरा गांव में लेखपाल मौजूद हैं। वहीं उन्होंने बताया कि सिकरोड़ी में तीन तथा बड़ेरा में सात पीड़ितों के घर खाली करवाकर उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है । सदर विकास खंड के ग्राम मढ़ापुर में भी पानी ने गांव के अंदर पहुंचा बना ली है। हालांकि, पानी अभी गांव में मुख्य मार्ग तक ही पहुंचा है। इससे कोई खतरे की बात नहीं नजर आई। लेकिन खेतों में पानी भर जाने से सब्जी की फसल बर्बाद हो गई।
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मंगलवार को अजीतमल क्षेत्र में यमुना नदी का पानी शाम छह बजे तक 116.27 मीटर तक पहुंच गया। अमर उजाला की टीम ग्राम सिकरोड़ी पहुंची, जहां पानी ने खासी मुसीबत पैदा कर रखी थी। चारों तरफ से पानी से घिर जाने के चलते ग्रामीणों को घर से बाहर सुरक्षित निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। यही नहीं कुछ ग्रामीण ट्यूब पर सामान रखकर पानी से सुरक्षित निकलने का प्रयास करते दिखाई दिए। यही हाल ग्राम गोहानी कलां, जाजपुर, बड़ेरा आदि में भी दिखा। उधर, बाढ़ का पानी बढ़ने की जानकारी पर जिला प्रशासन भी पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए एसडीएम अजीतमल राशिद अली खान राजस्व टीम के साथ सुबह से ही बाढ़ क्षेत्र का दौरा करने में लगे हैं। वहीं राजस्व विभाग की टीम लगातार गांव में रहकर लोगों की मदद कर रहीं है। बड़ेरा गांव में भी अंदर तक पानी भर जाने के कारण वहां तक पहुंचने के लिए एसडीएम राशिद अली खान को ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। गांव पहुंचकर उन्होंने पानी से घिरे घरों के लोगों से तत्काल घरों को खाली कराया। साथ ही उन्हें उनके पशुओं के साथ सुरक्षित जगह पर भिजवाया। बड़ेरा ग्राम प्रधान पति इंद्रवीर सिंह ने बताया की गांव में रह रहे सूरज राम, रामप्रकाश, रामकिशोर, श्याम किशोर, श्याम बाबू, अशोक, मन्नी, सोना देवी, जयवीर, कैलाशी देवी, मोटे परिहार, जौहरी, राम सेवक, गोधन, रामनाथ, सुरेश, रामरतन सिंह, हरसरन आदि के मकानों तक पानी पहुंच के चलते इन घरों में रह रहे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद एसडीएम टीम के साथ ग्राम सिकरोड़ी पहुंचे लेकिन गांव के रास्ते में पानी अधिक भरा होने के चलते बीच रास्ते से ही उनको वापस होना पड़ा। इस संबंध में एसडीएम रसीद अली खान ने बताया की सिकरोड़ी व बड़ेरा गांव में लेखपाल मौजूद हैं। वहीं उन्होंने बताया कि सिकरोड़ी में तीन तथा बड़ेरा में सात पीड़ितों के घर खाली करवाकर उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है । सदर विकास खंड के ग्राम मढ़ापुर में भी पानी ने गांव के अंदर पहुंचा बना ली है। हालांकि, पानी अभी गांव में मुख्य मार्ग तक ही पहुंचा है। इससे कोई खतरे की बात नहीं नजर आई। लेकिन खेतों में पानी भर जाने से सब्जी की फसल बर्बाद हो गई।
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