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औरैयाः रोडवेज की शक्त में दौड़ रहीं प्राइवेट डग्गामार बसें
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फफूंद रोड पर सवारियां भरती रोडवेज की शक्ल में खड़ी बस
- फोटो : AURAIYA
औरैया। डग्गामार बसों के बेरोकटोक फर्राटा भरने से औरैया डिपो को रोजाना हजारों का राजस्व का नुकसान हो रहा है। खास बात यह है कि ज्यादातार डग्गामार बसें डिपो के पास से सवारियां भरती हैं। वहीं, औरैया शहर से पास के रूटों पर यात्रियों को गुमराह करने के लिए डग्गामार बसों के मालिकों ने अपनी बसों को रोडवेज बस जैसा रुप दे रखा है। इससे यात्री रोडवेज बस के धोखे में सवार हो जाते हैं, बाद में पता चलता है कि यह तो डग्गामार बस है।
शहर से जालौन और अछल्दा, बिधूना और कन्नौज मार्ग पर परिवहन विभाग के औरैया डिपो से कम बसों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन रूटों पर सवारियों को देखते हुए बसें पर्याप्त हैं। वहीं, इन रूटों पर डग्गामार बसों की संख्या रोडवेज से ज्यादा है। सूत्रों के अनुसार औरैया-फफूंद मार्ग पर बिधूना तक 15 बसों का संचालन हो रहा है, जबकि जालौन रूट पर चलने वाली बसों की संख्या 25 से अधिक है। इन रूटों पर फर्राटा भरने वाली कई डग्गामार बसों को उनके मालिकों ने रोडवेज जैसा रंग रूप दे रखा है। इसके चलते सवारियां रोडवेज बस के धोखे में इनमें सवार हो जाती हैं। डग्गामार बस होने की जानकारी होते ही उतरने पर चालक-परिचालक झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। यात्रियों की शिकायत है कि परिवहन विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
यह बस रोडवेज बसों से मिलती जुलती है, इसीलिए यात्री अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। हदरुख निवासी राघवेंद्र सिंह व कुठौंद निवासी दिनेश ने बताया कि डिपो के पास प्राइवेट बसें खड़ीं होने से अक्सर यात्री धोखा खा जाते हैं। औरैया जालौन मार्ग पर इन बसों के फर्राटा भरने से यात्री रोडवेज बस समझकर उसे रोकते हैं। बसों के पास आने या फिर उसमें चढ़ने पर मालूम पड़ता है कि वह प्राइवेट बस है। इस मार्ग पर सफर करने वाले कैलाश बाबू व विनोद सिंह ने बताया कि इस रोड पर कई बसें ऐेसी चलतीं हैं, जो बिल्कुल रोडवेज की तरह नजर आतीं हैं। इन बसों में चढ़ने के बाद सच्चाई पता चलने पर उतरने पर चालक-परिचालक झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं।
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एआरटीओ के साथ मिलकर डग्गामार और रोडवेज की शक्ल में नजर आने वाली बसों के खिलाफ दो दिन बाद सख्ती से अभियान शुरू किया जाएगा। डग्गामार बस मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रमाशंकर चौधरी, एआरएम, परिवहन विभाग
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शहर से जालौन और अछल्दा, बिधूना और कन्नौज मार्ग पर परिवहन विभाग के औरैया डिपो से कम बसों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन रूटों पर सवारियों को देखते हुए बसें पर्याप्त हैं। वहीं, इन रूटों पर डग्गामार बसों की संख्या रोडवेज से ज्यादा है। सूत्रों के अनुसार औरैया-फफूंद मार्ग पर बिधूना तक 15 बसों का संचालन हो रहा है, जबकि जालौन रूट पर चलने वाली बसों की संख्या 25 से अधिक है। इन रूटों पर फर्राटा भरने वाली कई डग्गामार बसों को उनके मालिकों ने रोडवेज जैसा रंग रूप दे रखा है। इसके चलते सवारियां रोडवेज बस के धोखे में इनमें सवार हो जाती हैं। डग्गामार बस होने की जानकारी होते ही उतरने पर चालक-परिचालक झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। यात्रियों की शिकायत है कि परिवहन विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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यह बस रोडवेज बसों से मिलती जुलती है, इसीलिए यात्री अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। हदरुख निवासी राघवेंद्र सिंह व कुठौंद निवासी दिनेश ने बताया कि डिपो के पास प्राइवेट बसें खड़ीं होने से अक्सर यात्री धोखा खा जाते हैं। औरैया जालौन मार्ग पर इन बसों के फर्राटा भरने से यात्री रोडवेज बस समझकर उसे रोकते हैं। बसों के पास आने या फिर उसमें चढ़ने पर मालूम पड़ता है कि वह प्राइवेट बस है। इस मार्ग पर सफर करने वाले कैलाश बाबू व विनोद सिंह ने बताया कि इस रोड पर कई बसें ऐेसी चलतीं हैं, जो बिल्कुल रोडवेज की तरह नजर आतीं हैं। इन बसों में चढ़ने के बाद सच्चाई पता चलने पर उतरने पर चालक-परिचालक झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं।
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एआरटीओ के साथ मिलकर डग्गामार और रोडवेज की शक्ल में नजर आने वाली बसों के खिलाफ दो दिन बाद सख्ती से अभियान शुरू किया जाएगा। डग्गामार बस मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रमाशंकर चौधरी, एआरएम, परिवहन विभाग