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औरैया: तीन प्रमुख मार्गों को राजमार्ग बनाने की तैयारी
Wed, 15 Feb 2023 12:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 15 Feb 2023 12:16 AM IST
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दिबियापुर । जिले से गुजरे तीन प्रमुख मार्गों को राजमार्ग बनाने की कवायद पीडब्ल्यूडी ने शुरू कर दी है। पीडब्ल्यूडी की ओर से प्रस्तावित राजमार्ग औरैया को मैनपुरी, कानपुर देहात, कानपुर नगर और हमीरपुर जिले से जोड़ेंगे। इन मार्गों के उच्चीकृत होने से औरैया के लोगों का विभिन्न जनपदों में आवागमन सुगम हो जाएगा।
शासन की ओर से सड़कों की सूरत बदलने के लिए उनके उच्चीकरण के प्रस्ताव मांगे गए थे। पीडब्ल्यूडी ने दो प्रमुख जिला मार्गों को उच्चीकरण करने के प्रस्ताव भेजे थे। अब तीन अन्य जिला मार्गों के उच्चीकरण के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी औरैया की ओर से नोडल के रूप में काम करते हुए आसपास जिलों के पीडब्ल्यूडी से सहमति पत्र तैयार कराए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार औरैया से मैनपुरी के सिरसागंज तक मार्ग को उच्चीकृत कर राजमार्ग में तब्दील किया जा रहा है।
यह मार्ग औरैया जिले के फफूंद, अछल्दा, बिधूना होते हुए मैनपुरी जिले के किशनी सिरसागंज तक जुड़ेगा। इसके साथ ही औरैया जिले के बिधूना से पटना नहर किनारे होते कानपुर नगर के पाड़ गांव तक मार्ग को उच्चीकृत करने का प्रस्ताव तैयार हो रहा है। यह मार्ग औरैया के बिधूना से पटना नहर होते हुए गुजरेगा। कानपुर देहात के शिवली और कानपुर नगर के किसान नगर होते हुए पाड़ गांव तक पहुंचेगा। औरैया जिले के बीझलपुर से हमीरपुर के कुरारा तक मार्ग को राजमार्ग में तब्दील करने का प्रस्ताव है।
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इस राजमार्ग के अंतर्गत औरैया जिले में बीझलपुर से ककोर के मंगलपुर रजवाह के किनारे होते हुए कानपुर देहात के मंगलपुर परौंख और हमीरपुर के कुरारा तक मार्ग सम्मिलित हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार जिला मार्ग पर यातायात बढ़ने के साथ उनके उच्चीकरण की प्रक्रिया की जाती है। 100 किलोमीटर से अधिक के जिला मार्गों को जोड़कर राजमार्ग में उच्चीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। अधिकारियों की माने तो जिला मार्ग की चौड़ाई कम होती है। जबकि राजमार्ग में उच्चीकृत होने पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने में आसानी होती है। जिला मार्ग की मरम्मत पांच वर्ष में होती है, जबकि राजमार्ग की मरम्मत तीन वर्ष में होती है। (संवाद)
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जिले से गुजरे कुल पांच जिला मार्गों को राजमार्ग में तब्दील करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इनमें से दो मार्गों को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं। जल्द ही तीन अन्य जिला मार्गों के उच्चीकरण के प्रस्ताव शासन को भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
- अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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शासन की ओर से सड़कों की सूरत बदलने के लिए उनके उच्चीकरण के प्रस्ताव मांगे गए थे। पीडब्ल्यूडी ने दो प्रमुख जिला मार्गों को उच्चीकरण करने के प्रस्ताव भेजे थे। अब तीन अन्य जिला मार्गों के उच्चीकरण के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी औरैया की ओर से नोडल के रूप में काम करते हुए आसपास जिलों के पीडब्ल्यूडी से सहमति पत्र तैयार कराए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार औरैया से मैनपुरी के सिरसागंज तक मार्ग को उच्चीकृत कर राजमार्ग में तब्दील किया जा रहा है।
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यह मार्ग औरैया जिले के फफूंद, अछल्दा, बिधूना होते हुए मैनपुरी जिले के किशनी सिरसागंज तक जुड़ेगा। इसके साथ ही औरैया जिले के बिधूना से पटना नहर किनारे होते कानपुर नगर के पाड़ गांव तक मार्ग को उच्चीकृत करने का प्रस्ताव तैयार हो रहा है। यह मार्ग औरैया के बिधूना से पटना नहर होते हुए गुजरेगा। कानपुर देहात के शिवली और कानपुर नगर के किसान नगर होते हुए पाड़ गांव तक पहुंचेगा। औरैया जिले के बीझलपुर से हमीरपुर के कुरारा तक मार्ग को राजमार्ग में तब्दील करने का प्रस्ताव है।
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इस राजमार्ग के अंतर्गत औरैया जिले में बीझलपुर से ककोर के मंगलपुर रजवाह के किनारे होते हुए कानपुर देहात के मंगलपुर परौंख और हमीरपुर के कुरारा तक मार्ग सम्मिलित हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार जिला मार्ग पर यातायात बढ़ने के साथ उनके उच्चीकरण की प्रक्रिया की जाती है। 100 किलोमीटर से अधिक के जिला मार्गों को जोड़कर राजमार्ग में उच्चीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। अधिकारियों की माने तो जिला मार्ग की चौड़ाई कम होती है। जबकि राजमार्ग में उच्चीकृत होने पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने में आसानी होती है। जिला मार्ग की मरम्मत पांच वर्ष में होती है, जबकि राजमार्ग की मरम्मत तीन वर्ष में होती है। (संवाद)
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जिले से गुजरे कुल पांच जिला मार्गों को राजमार्ग में तब्दील करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इनमें से दो मार्गों को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं। जल्द ही तीन अन्य जिला मार्गों के उच्चीकरण के प्रस्ताव शासन को भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
- अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी