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प्रसूता की मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
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औरैया। शहर के मोहल्ला तिलक नगर में संचालित प्राइवेट अस्पताल में सोमवार देर शाम प्रसव से पहले गर्भवती की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा कर दिया। मामला बिगड़ते देख कर्मी अस्पताल बंद कर भाग गए।
तिलक नगर जमालशाह निवासी गर्भवती रेशमा (30) पत्नी जाहिद को परिजनों ने सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर मोहल्ले में संचालित एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान रेशमा की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मृतका के मामा अखलाक अहमद ने बताया कि डॉक्टरों ने 20 हजार रुपये प्रसव कराने के नाम पर जमा कराया था।
लेकिन प्रसव होने से पहले ही उनकी भांजी की मौत हो गई। अस्पताल वालों ने मौत के बाद उसकी हालत नाजुक बताकर इटावा रेफर कर दिया। लेकिन वह लोग इस बात को नहीं समझ पाए। जब इटावा लेकर पहुंचे तो पता चला कि रेशमा पहले से मृत है। वहां से लौटे परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा किया। कर्मचारी अस्पताल बंद करके भाग गए। मृतका के मामा का कहना है कि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर नहीं था। हंगामे की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। इस संबंध में कोतवाली पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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तिलक नगर जमालशाह निवासी गर्भवती रेशमा (30) पत्नी जाहिद को परिजनों ने सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर मोहल्ले में संचालित एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान रेशमा की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मृतका के मामा अखलाक अहमद ने बताया कि डॉक्टरों ने 20 हजार रुपये प्रसव कराने के नाम पर जमा कराया था।
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लेकिन प्रसव होने से पहले ही उनकी भांजी की मौत हो गई। अस्पताल वालों ने मौत के बाद उसकी हालत नाजुक बताकर इटावा रेफर कर दिया। लेकिन वह लोग इस बात को नहीं समझ पाए। जब इटावा लेकर पहुंचे तो पता चला कि रेशमा पहले से मृत है। वहां से लौटे परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर हंगामा किया। कर्मचारी अस्पताल बंद करके भाग गए। मृतका के मामा का कहना है कि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर नहीं था। हंगामे की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। इस संबंध में कोतवाली पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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