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बिजली केंद्र पर मानक विहीन निर्माण का मामला
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Wed, 20 Apr 2016 12:31 AM IST
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निर्माणाधीन पड़ी इमारत
- फोटो : amar ujala beuro
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शहर के एक नंबर बिजली केंद्र पर निर्माणाधीन भवन में छज्जा गिरने के मामले की जांच रिपोर्ट डेडलाइन बीतने के बाद भी अफसरों ने डीएम को नहीं सौंपी है। इस पर डीएम ने बिजली और पीडब्लूडी विभाग के जांच अधिकारियों को तलब किया है। गौरतलब है कि अमर उजाला ने घटिया निर्माण किए जाने के मामले को उजागर किया था।
यमुना रोड स्थित 33/11 केवीए बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर करीब 10 लाख रुपये से एसडीओ कार्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। काम की शुुरूआत में ही अमर उजाला ने निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किए जाने की खबर छापी थी। इसके बावजूद किसी भी जिला स्तरीय अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वहीं विभाग के एसडीओ व जेई कंस्ट्रक्शन को भी इमारत निर्माण में उपयोग की जा रही गुणवत्ता पर चेताया था।
जिस पर एसडीओ निर्माण सत्यम अग्रवाल ने इमारतों पर किसी भी प्रकार का घटिया सामग्री उपयोग न होने का दावा किया था। लेकिन एसडीओ के दावे को दो दिनों बाद ही छज्जा गिरने के साथ धड़ाम हो गए। मामला संज्ञान में आने पर डीएम माला श्रीवास्तव ने पीडब्लूडी और बिजली विभाग के अधिकारियों से इसकी जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपे जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन आज तक रिपोर्ट डीएम की टेबिल तक नहीं पहुंच सकी।
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उक्त इमारत की गुणवत्ता की जांच के लिए पीडब्लूडी और बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच में हो रही देरी पर दोनों विभागों के अधिकारियों को तलब किया गया है। दोनों से जानकारी करने के बाद ही आगे कोई कदम उठाया जा सकेगा।
माला श्रीवास्तव, डीएम
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यमुना रोड स्थित 33/11 केवीए बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर करीब 10 लाख रुपये से एसडीओ कार्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। काम की शुुरूआत में ही अमर उजाला ने निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किए जाने की खबर छापी थी। इसके बावजूद किसी भी जिला स्तरीय अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वहीं विभाग के एसडीओ व जेई कंस्ट्रक्शन को भी इमारत निर्माण में उपयोग की जा रही गुणवत्ता पर चेताया था।
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जिस पर एसडीओ निर्माण सत्यम अग्रवाल ने इमारतों पर किसी भी प्रकार का घटिया सामग्री उपयोग न होने का दावा किया था। लेकिन एसडीओ के दावे को दो दिनों बाद ही छज्जा गिरने के साथ धड़ाम हो गए। मामला संज्ञान में आने पर डीएम माला श्रीवास्तव ने पीडब्लूडी और बिजली विभाग के अधिकारियों से इसकी जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपे जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन आज तक रिपोर्ट डीएम की टेबिल तक नहीं पहुंच सकी।
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उक्त इमारत की गुणवत्ता की जांच के लिए पीडब्लूडी और बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच में हो रही देरी पर दोनों विभागों के अधिकारियों को तलब किया गया है। दोनों से जानकारी करने के बाद ही आगे कोई कदम उठाया जा सकेगा।
माला श्रीवास्तव, डीएम