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सरकारी महकमों पर बिजली अफसर मेहरबान
औरैया
Updated Thu, 04 May 2017 12:07 AM IST
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Chandigarh Streets Lights
- फोटो : File Photo
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बिजली विभाग बकाया बिल जमा करने पर ब्याज में शत प्रतिशत छूट का लाभ दे रहा है। इस योजना का महकमा प्रचार भी कर रहा है। वहीं सरकारी विभागों पर सालों से बकाया करोड़ों रुपये की अदायगी कराने के लिए बिजली विभाग संजीदा नहीं है। बिजली चेकिंग अभियान में सामान्य उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए लेकिन सरकारी महकमों में जाने की जहमत अधिकारी नहीं उठा पाए।
बिजली विभाग ने बकाया बिलों की वसूली के लिए छापेमारी की। शिविर लगाए गए। ब्याज में छूट देने की योजनाएं चलाकर आम उपभोक्ताओं से बकाया जमा कराया जा रहा है।
बकाया अदा न करने पर उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के मामले दर्ज कराए गए। कनेक्शन काटने की धमकी दी गई। वहीं करोड़ों रुपये के बकायेदार सरकारी विभागों पर पूरी तरह से मेहरबानी बरती गई। ऐसे में बिजली विभाग दोहरी नीति अपना रहा है। सरकारी विभागों पर नौ करोड़ 70 लाख 50 हजार रुपये बकाया हैं।
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किस विभाग पर कितना बकाया
विभाग बकाया
डीएम कार्यालय 3 लाख
बीएसए कार्यालय 8 करोड़ 81 लाख
नगर पालिका परिषद 12 लाख
पुलिस विभाग 2.50 लाख (ढाई लाख)
सीएमओ 32 लाख
बीडीओ औरैया 26 लाख
सरकारी विभागों को शासन से मार्च माह में फंड जारी होता है। इसी से सरकारी विभागों के बिजली बिल अदा किए जाते हैं। विभागों को शासन से ही फंड नहीं मिलेगा तो वह बिल कहां से जमा कराएंगे। वहीं लंबे समय से बिल जमा न होने से ब्याज भी बढ़ता जा रहा है। इससे बकाया के सापेक्ष रेवेन्यू कम जमा हो पा रहा है। वहीं बकाया सरकारी विभागों के कनेक्शन काटने व उनके खिलाफ मामला दर्ज कराए जाने जैसी कोई भी व्यवस्था नहीं है।
आरबी चौधरी
एक्सईएन डिस्ट्रीब्यूशन
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बिजली विभाग ने बकाया बिलों की वसूली के लिए छापेमारी की। शिविर लगाए गए। ब्याज में छूट देने की योजनाएं चलाकर आम उपभोक्ताओं से बकाया जमा कराया जा रहा है।
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बकाया अदा न करने पर उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के मामले दर्ज कराए गए। कनेक्शन काटने की धमकी दी गई। वहीं करोड़ों रुपये के बकायेदार सरकारी विभागों पर पूरी तरह से मेहरबानी बरती गई। ऐसे में बिजली विभाग दोहरी नीति अपना रहा है। सरकारी विभागों पर नौ करोड़ 70 लाख 50 हजार रुपये बकाया हैं।
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किस विभाग पर कितना बकाया
विभाग बकाया
डीएम कार्यालय 3 लाख
बीएसए कार्यालय 8 करोड़ 81 लाख
नगर पालिका परिषद 12 लाख
पुलिस विभाग 2.50 लाख (ढाई लाख)
सीएमओ 32 लाख
बीडीओ औरैया 26 लाख
सरकारी विभागों को शासन से मार्च माह में फंड जारी होता है। इसी से सरकारी विभागों के बिजली बिल अदा किए जाते हैं। विभागों को शासन से ही फंड नहीं मिलेगा तो वह बिल कहां से जमा कराएंगे। वहीं लंबे समय से बिल जमा न होने से ब्याज भी बढ़ता जा रहा है। इससे बकाया के सापेक्ष रेवेन्यू कम जमा हो पा रहा है। वहीं बकाया सरकारी विभागों के कनेक्शन काटने व उनके खिलाफ मामला दर्ज कराए जाने जैसी कोई भी व्यवस्था नहीं है।
आरबी चौधरी
एक्सईएन डिस्ट्रीब्यूशन