{"_id":"62cc6751cc322f751c0afcd8","slug":"power-failure-of-chc-sick-patients-auraiya-news-knp7070440100","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ घंटे बाधित रही बिधूना सीएचसी की बत्ती, मरीज हुए परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ घंटे बाधित रही बिधूना सीएचसी की बत्ती, मरीज हुए परेशान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिधूना (औरैया)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को बिजली गुल हो जाने से मरीज व तीमारदार बेहाल रहे। जनरेटर न चलने से परेशान मरीज गर्मी से बचने के लिए वार्ड से निकलकर गैलरी व मैदान में बैठे नजर आए। विभाग डीजल के लिए बजट का अभाव बता रहा है।
सोमवार की सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर सीएचसी की बिजली गुल हो गई। पंखे बंद होते ही भीषण गर्मी में वार्डों में भर्ती मरीज बेचैन हो गए। इंतजार के बाद भी जनरेटर नहीं चला। गर्मी और बेचैनी से बचने के लिए मरीज वार्ड छोड़कर बाहर निकल आए। जिसे जहां जगह मिली वहां बैठा नजर आया। करीब डेढ़ घंटे बाद 12 बजकर 55 मिनट पर बिजली आई। जिसके बाद मरीजों को राहत मिली।
शोपीस बने रहे जनरेटर
अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दो जनरेटर रखे हैं। इनके मेंटीनेंस पर भी विभाग खर्चा कर रहा है। लेकिन जरूरत के समय यह बेकार साबित हो रहे हैं। बिजली जाने पर अस्पताल की व्यवस्थाएं, जांचे सभी ठप हो जाती है। अधिकारी डीजल के लिए बजट न होने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
अस्पताल में बिजली चली जाने से मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हुई है। बजट के अभाव के चलते जनरेटर में डीजल नहीं पड़ पा रहा है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा चुका है।
डॉ. सिद्धार्थ वर्मा (सीएचसी अधीक्षक )
विज्ञापन
सोमवार की सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर सीएचसी की बिजली गुल हो गई। पंखे बंद होते ही भीषण गर्मी में वार्डों में भर्ती मरीज बेचैन हो गए। इंतजार के बाद भी जनरेटर नहीं चला। गर्मी और बेचैनी से बचने के लिए मरीज वार्ड छोड़कर बाहर निकल आए। जिसे जहां जगह मिली वहां बैठा नजर आया। करीब डेढ़ घंटे बाद 12 बजकर 55 मिनट पर बिजली आई। जिसके बाद मरीजों को राहत मिली।
विज्ञापन
शोपीस बने रहे जनरेटर
अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दो जनरेटर रखे हैं। इनके मेंटीनेंस पर भी विभाग खर्चा कर रहा है। लेकिन जरूरत के समय यह बेकार साबित हो रहे हैं। बिजली जाने पर अस्पताल की व्यवस्थाएं, जांचे सभी ठप हो जाती है। अधिकारी डीजल के लिए बजट न होने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
अस्पताल में बिजली चली जाने से मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हुई है। बजट के अभाव के चलते जनरेटर में डीजल नहीं पड़ पा रहा है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा चुका है।
डॉ. सिद्धार्थ वर्मा (सीएचसी अधीक्षक )