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बढे़ तापमान से संकट में आलू किसान
औरैया
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:09 AM IST
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कालाआम चौराहे पर सड़क पर बिखरा पड़ा आलू।
- फोटो : ब्यूरो
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बढ़ती गर्मी से आलू किसान संकट में हैं। व्यापारियों के इंतजार में किसानों ने हजारों क्विंटल आलू घरों में डंप कर रखा है। ऐसे में जल्द आलू की बिक्री न हुई तो गर्मी से यह सड़ जाएगा। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई है। जिले में 5120 हेक्टेयर में आलू की बुवाई हुई थी। एक लाख 27 हजार मीट्रिक टन की पैदावार हुई है। कभी खेतों से ही बिक जाने वाले आलू के लिए इस बार व्यापारी ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। मंदी के चलते छोटे किसानों ने घर पर ही आलू रोक रखा है। इनमें से कई किसानों को कोल्ड में आलू रखने के लिए टोकन भी नहीं मिल पाया था।
जिले के आठ कोल्ड स्टोरेजों की भंडारण क्षमता 68 हजार 846 मीट्रिक टन है। इससे सभी का आलू भंडारित नहीं हो पाया। काफी कि सान अपनी जरूरतों और ऋणों की अदायगी के लिए फसल बेचना चाहते थे।
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किसानों को उम्मीद थी कि होली और नई सरकार के गठन के बाद आलू के रेटों में उछाल आएगा उपज का वाजिब दाम मिल जाएगा। किसानों को फिलहाल निराशा ही हाथ लगी है। वहीं बढ़ते तापमान ने इनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। किसान चिंतित हैं कि जल्द ही आलू न बिका तो सड़न पैदा हो जाएगी। इससे तगड़ा नुक सान होगा।
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इस बार आलू की बंपर पैदावार हुई है। जिले में 5120 हेक्टेयर में आलू की बुवाई हुई थी। एक लाख 27 हजार मीट्रिक टन की पैदावार हुई है। कभी खेतों से ही बिक जाने वाले आलू के लिए इस बार व्यापारी ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। मंदी के चलते छोटे किसानों ने घर पर ही आलू रोक रखा है। इनमें से कई किसानों को कोल्ड में आलू रखने के लिए टोकन भी नहीं मिल पाया था।
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जिले के आठ कोल्ड स्टोरेजों की भंडारण क्षमता 68 हजार 846 मीट्रिक टन है। इससे सभी का आलू भंडारित नहीं हो पाया। काफी कि सान अपनी जरूरतों और ऋणों की अदायगी के लिए फसल बेचना चाहते थे।
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किसानों को उम्मीद थी कि होली और नई सरकार के गठन के बाद आलू के रेटों में उछाल आएगा उपज का वाजिब दाम मिल जाएगा। किसानों को फिलहाल निराशा ही हाथ लगी है। वहीं बढ़ते तापमान ने इनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। किसान चिंतित हैं कि जल्द ही आलू न बिका तो सड़न पैदा हो जाएगी। इससे तगड़ा नुक सान होगा।