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पहली बरसात में खुली पोल
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Mon, 06 Jul 2015 12:32 AM IST
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कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर की सूरत पहली बरसात ने बिगाड़ दी। चारों तरफ गंदगी का आलम है। परिसर में जल निकासी की सुविधा न होने से नाले व नालियों का पानी सड़कों पर आने से मंडी आने वाले किसानों के साथ-साथ आढ़तियों का निकलना दूभर हो गया है।
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वहीं दो माह पूर्व मंडी में व्याप्त समस्या को दूर करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर आज तक मोहर न लगने से आढ़तियों में निराशा है।
गल्ला मंडी में समस्याओं के चलते आढ़ती और किसान परेशान हैं। हालत यह है कि पहली ही बरसात में सड़कों पर लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। इधर बारिश का मौसम शुरू होते ही एक बार फिर से मंडी परिसर में गंदगी और सडांध का माहौल व्याप्त हो गया है। इससे आढ़तियों व किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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बता दें कि डेढ़ साल पूर्व गल्ला मंडी परिषद के डायरेक्टर अनूप कुमार द्वारा मंडी को हाईटेक किए जाने के लिए 54 करोड़ के प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को मंजूरी हेतु भेजा गया था।
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इससे आढ़तियों में मंडी की हालत सुधरने की संभावना से खुशी दौड़ गई थी, लेकिन शासन से मंडी में रेवेन्यू की कम वसूली का तमगा लगाकर प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
बाद इसके मंडी प्रशासन से दो माह पूर्व सात करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया, जिस पर मात्र दो करोड़ का काम कराने की संस्तुति मिली। मंडी में व्याप्त समस्याओं के मद्देनजर संस्तुत की गई धनराशि कम होते देख मंडी प्रशासन ने पुन: विचार हेतु प्रस्ताव शासन को दोबारा भेजा। तब से अब तक वह शासन की फाइलों में ही दबकर रह गया है।
गल्ला आढ़ती समिति अध्यक्ष शिवकांत पाठक, महामंत्री जमाली सिंह, आढ़ती रमेश लंबरदार, ब्रजेंद्र गुप्ता, राजेश कुमार, विजयकांत, अशोक कुमार, जसोदानंदन, कमलेश आदि ने शासन से गल्ला मंडी की हालत दुरस्त कराए जाने की मांग की है।