{"_id":"60296c048ebc3ee90162c275","slug":"plastic-city-land-occupied-auraiya-news-knp6118949119","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन ने प्लास्टिक सिटी के अधिकारियों को दिलाया कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन ने प्लास्टिक सिटी के अधिकारियों को दिलाया कब्जा
विज्ञापन
किसानों व उनके परिजनों से बात करते जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा व एसपी
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कंचौसी (औरैया)। प्लास्टिक सिटी की भूमि पर और मुआवजे की मांग कर फसल उपजाने वाले किसानों को रविवार को करारा झटका लगा। प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में 50 एकड़ फसल जुतवाकर भूमि अधिकारियों के हवाले कर दी। शीघ्र उद्यम स्थापना के लिए उद्यमियों को बुलाने की बात कही है। वहीं फसल नष्ट होते देख किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया लेकिन अधिकारियों की सख्ती के आगे उनकी एक न चली। डीएम ने किसानों को समझाया।
प्लास्टिक सिटी की भूमि को लेकर किसानों और यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों के बीच विवाद चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने जिन किसानों को भुगतान कर दिया है, वह जमीन छोड़ दें। लेकिन कई किसान ये कहकर अपनी जमीन नहीं छोड़ रहे हैं कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। न ही नौकरी दी जा रही है। जिसके कारण वह खेती कर रहे हैं। किसान उचित मुआवजा मिलने के बाद ही जमीन छोड़ने की बात पर अड़ गए। रविवार को यूपीएसआईडीसी के अधिकारी प्लास्टिक सिटी की जमीन पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को साथ लेकर पहुंचे। जेसीबी की मदद से किसानों की फसल की जुताई करा दी।
इस पर किसानों ने हंगामा किया। सूचना पर डीएम सुनील कुमार वर्मा और एसपी अपर्णा गौतम मौके पर पहुंचीं। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से कहा कि जिन्हें भुगतान मिल चुका है, वह जमीन छोड़ दें। जिले के विकास में किसी प्रकार का अवरोध नहीं आने दिया जाएगा। देरशाम तक प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जमीन कब्जाने की प्रक्रिया चली।
विज्ञापन
एक सहारा वो भी छीना
किसानों ने कहा कि उनकी रोजी रोटी का एक ही सहारा खेती थी। जिसे प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
विज्ञापन
प्लास्टिक सिटी की भूमि को लेकर किसानों और यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों के बीच विवाद चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने जिन किसानों को भुगतान कर दिया है, वह जमीन छोड़ दें। लेकिन कई किसान ये कहकर अपनी जमीन नहीं छोड़ रहे हैं कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। न ही नौकरी दी जा रही है। जिसके कारण वह खेती कर रहे हैं। किसान उचित मुआवजा मिलने के बाद ही जमीन छोड़ने की बात पर अड़ गए। रविवार को यूपीएसआईडीसी के अधिकारी प्लास्टिक सिटी की जमीन पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को साथ लेकर पहुंचे। जेसीबी की मदद से किसानों की फसल की जुताई करा दी।
विज्ञापन
इस पर किसानों ने हंगामा किया। सूचना पर डीएम सुनील कुमार वर्मा और एसपी अपर्णा गौतम मौके पर पहुंचीं। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से कहा कि जिन्हें भुगतान मिल चुका है, वह जमीन छोड़ दें। जिले के विकास में किसी प्रकार का अवरोध नहीं आने दिया जाएगा। देरशाम तक प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जमीन कब्जाने की प्रक्रिया चली।
विज्ञापन
एक सहारा वो भी छीना
किसानों ने कहा कि उनकी रोजी रोटी का एक ही सहारा खेती थी। जिसे प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।