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गोभी पर हमलावर माहू और गलना

Sun, 14 Feb 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
अमर उजाला ब्यूरो औरैया Updated Sun, 14 Feb 2016 11:21 PM IST
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pest Attack on cabbage
वसंत आने से एक ओर जहां मौसम सुहाना हो गया है। वहीं दूसरी ओर फसलों पर कीटों का खतरा मंडराने लगा है। तापमान बढ़ने के कारण गलना और माहू कीटों ने गोभी की फसल पर हमला बोल दिया है। आलम यह कि रात भर में यह कीट फसलों को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। किसान अपनी सब्जी बचाने के लिए परेशान हैं। उनका कहना है कि सब्जी की पैदावार से कुछ उम्मीदें बंधी थी, लेकिन रोगों और गिरते बाजार ने उन्हें तोड़ दिया है।
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कैसे करें फूल गोभी की सुरक्षा
कृषि वैज्ञानिक डा. जितेंद्र कुमार ने बताया कि फूल गोभी की फसल की समय-समय पर देखभाल करते रहना चाहिए। फसलों को रोगमुक्त बनाने के लिए फसलों की निकले खरपतवार, खराब फल आदि को खेत के चारों कोनों पर जलाकर नष्ट कर देना चाहिए। इसका धुआं कीटनाशक के तौर पर काम करता है। साथ ही मृत फल के कीट दूसरे फल तक नहीं पहुंच पाते हैं। देखा गया है कि किसान खराब फलों को निकाल कर फेंक देते हैं।
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इससे खराब फल से निकले कीट दूसरे फलों को भी खराब कर देते हैं। पत्तों में माहू रोग से बचान के लिए मैन्कोजेब कवकनाशी के 0.25 प्रतिशत जलीय घोल, 2.5 ग्राम दवा प्रति लीटर पानी के घोल का रोग ही प्रारम्भिक अवस्था में छिड़काव करना चाहिए। छह से आठ दिन के अंदर इसका छिड़काव करते रहें।
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समरकिंग, पूसा स्नोबाल के-वन हैं बेहतर प्रजातियां
औरैया क्षेत्र में मौसम को देखते हुए स्थानीय किसान अब के-1 प्रजाति को विशेष महत्व दे रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक डा. जितेंद्र कुमार ने बताया कि मौसम की मार से बचने के लिए यह प्रजाति सर्वाधिक उपयुक्त मानी जा रही है। इसकी पत्तियां फल को ढके रखती हैं। जिससे रोगों से बचाव होता रहता है। फरवरी माह तक इसकी पैदावार  ली जा सकती है। दूसरी बेहतरीन प्रजाति समर किंग है। यह संकर प्रजाति है। रोपाई के 60 से 65 दिन बाद तैयार होती है। इसकी बिक्री अप्रैल तक की जा सकती है। यह प्रति हेक्टेयर 125 क्विंटल की पैदावर देता है।

धूप से बचाएं फल..
औरैया। गोभी की अच्ची गुणवत्ता वाले फूलों को पाने के लिए हमें बुवाई के समय से ही ध्यान रखना होगा। कृषि वैज्ञानिक डा. जितेंद्र कुमार ने बताया कि बुवाई के दौरान ऐसी प्रजाति का प्रयोग करें जो फल आने पर पत्तियों से फल को ढके रहे। जिससे फल सफेद रहेगा और अच्छा लाभ देगा।

सब्जी उत्पादन करने वाले गांव
औरैया। जिले में सब्जी उत्पादन के प्रति किसानों की रुचि बढ़ती जा रही है। जिला कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में दयालपुर, जरुहलिया, भटपुरा, भिखरा, सुंदरपुर व रामगढ़ क्षेत्र के देवगांव, सलेमपुर, वंशी आदि में किसान सब्जी का सफल उत्पादन कर रहे हैं।


क्या कहते हैं किसान
औरैया। जिले के प्रगतिशील किसान दयापुर निवासी मानक सिंह, विनय कुमार, संजय मिश्रा, अतुल ने बताया कि मौसम की मार ने किसानों को पहले ही बर्बाद कर दिया है। इधर बाजार में सब्जी के दाम गिरे होने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। माहू से ज्यादा गलना रोग मुसीबत बना हुआ है। एक दिन खेत न जाओ तो दूसरे दिन 10 से 12 फल बर्बाद समझो।
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