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परमिट 80 स्कूली वैन का चल रहीं 200 से ज्यादा

Tue, 12 Jul 2022 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 11:51 PM IST
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Permit 80 school vans running more than 200
बिना मानक पूरे किए बच्चों को लेकर निकलती स्कूल वैन। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। मानक के विपरीत और क्षमता से अधिक बच्चों को ढोने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ एआरटीओ कार्यालय की ओर से लचीला रवैया अपनाया जा रहा है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद जुलाई के प्रथम सप्ताह से विद्यालय खुल चुके हैं। शहर में 120 से ज्यादा ऐसी स्कूली वैन हैं, जो आरटीओ के मानक पूरे किए बगैर और बिना परमिट के चल रही हैं।
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जनपद में कुल 2100 वैन पंजीकृत हैं। इनमें करीब 200 वैन यूपी बोर्ड और सीबीएसई स्कूलों के बच्चों को स्कूल ले जाने और लाने का कार्य कर रही हैं। 200 वैन में 80 के करीब स्कूली वैन के पास परमिट है, बाकी 120 बिना परमिट स्कूली बच्चों को ढो रही हैं। शहर सहित देहात क्षेत्र के तमाम स्कूलों में वैन लगी हुई हैं, जो मानकों को परवाह नहीं करती हैं।
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इसके बाद भी स्कूल संचालकों के इशारे पर वाहन संचालक बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। अभिभावकों को भी इसका ध्यान देना चाहिए कि उनका बच्चा जिस वाहन से जा रहा है, वह वाहन तकनीकी तौर पर सही है या नहीं। कपिल तिवारी ने कहा कि बीते दिनों हुईं घटनाओं से वाकिफ हूं, पर दूसरा विकल्प नहीं मिल पाता है। खुद भी नौकरी करने के कारण बच्चे को छोड़ना और लाना मुश्किल है।
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इसलिए मजबूरी में वैन से भेजना पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधन को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। पीयूष चतुर्वेदी बोलेे, स्कूल प्रबंधन फीस लेते वक्त पाई-पाई का हिसाब लेता है। बात जब बच्चों की सुरक्षा की आती है तो पीछे हट जाता है। स्कूल प्रबंधन अपनी स्कूली वैन मानक पूरे करने के साथ शुरू करे तो यह डर पूरी तरह से खत्म हो सकता है।
पीटीओ रेहाना बानो ने कहा कि मार्च-अप्रैल में अभियान चलाकर कार्रवाई की गई थी और संबंधित स्कूलों के साथ ही वाहन स्वामियों को नोटिस दिया गया था। यदि स्कूलों की इस तरह लापरवाही जारी है तो वाहन पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल वैन के मानक
स्कूली वैन को दो तरह से परमिट दिया जाता है। स्कूल प्रबंधन की वैन और निजी वैन का स्कूल से अनुबंध होने का अलग-अलग परमिट जारी किया जाता है। स्कूल प्रबंधन की वैन पीले रंग की होती है, जबकि अनुबंधित स्कूल वैन में चारों तरफ पीली पट्टी होती है। स्कूल वैन सात सीटर होती है। वैन की खिड़कियों में रॉड लगी होनी चाहिए, जिससे बच्चा बाहर मुंह न निकाल सके।

वैन में स्कूल का नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखा होना चाहिए। जिससे किसी भी तरह की जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी जा सके। बी-थ्री, और बी-फोर स्टेज की वैन में सीएनजी किट लगवाने की अनुमति है, पर आरटीओ की अनुमति होनी चाहिए। बच्चों को पैर रखने के लिए पांव रखने के लिए पावदान होना चाहिए, बैग के लिए कैरियर होना आवश्यक है। जो वाहन लगाए जाते हैं, उसकी फिटनेस पूरी होनी चाहिए। आपातकालीन गेट और आवश्यक दवाइयों का प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स होना चाहिए। कुछ विद्यालयों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर में मानकों को ताक पर रख दिया गया है।
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