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Auraiya News: बदले मौसम में टाइफाइड की चपेट में आ रहे लोग
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बिधूना। सर्दी का मौसम पूरी तरह से रुख्सत हो चुका है। अब गर्मी तेजी से बढ़ रही है। मौसम में आया बदलाव लोगों को बीमार कर रहा है। मौसम के बदलाव से लोग बुखार, सर्दी, जुकाम के साथ अब मियादी बुखार यानी टाइफाइड की चपेट में आने लगे हैं।
बीते कई दिनों से सीएचसी की लैब में 20 से अधिक मरीजों की रोज जांच होने पर दो से तीन लोगों की रिपोर्ट संक्रमित आ रही है। बच्चे भी बुखार की चपेट में आ रहे हैं। निजी अस्पताल में भी टाइफाइड के मरीज पहुंच रहे हैं। गुरुवार को सीएचसी की ओपीडी में लगभग 220 मरीज आए। इनमें ज्यादातर मरीज बुखार से पीड़ित रहे।
दूषित खानपान के कारण टाइफाइड की मुख्य वजह सामने आ रही है। चिकित्सक बीमारी से बचने के लिए स्वच्छ पानी पीने के साथ खानपान में सफाई बरतने की सलाह दे रहे हैं। टाइफाइड से बचाव की सलाह दी जा रही है। गुरुवार को सीएचसी के इमरजेंसी कक्ष में बालरोग विशेषज्ञ डॉ. कृपाराम ने कई मरीजों को देखा। अधिकतर मरीज बुखार व खांसी और जुकाम से ग्रसित मिले।
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डाॅ. कृपाराम ने बताया कि गर्मियों में टाइफाइड का प्रकोप अधिक बढ़ जाता है। गंदे या पेय पदार्थों का सेवन करने पर लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। वहीं, तापमान बढ़ने के साथ शरीर की ऊष्णता भी बढ़ जाती है। ऐसे में गंदे पेय पदार्थ पाचन तंत्रिका पर विपरीत प्रभाव डालता है। बताया कि तीन दिन से अधिक बुखार न छोड़ने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें, जितना भी हो घर पर बनी चीजें खाएं। लैब में जांच कराएं।
पेय पदार्थ में बर्फ से करें परहेज
डॉ. मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव चल रहा है। ऐसे में दिन में गर्मी के समय लोग सड़क किनारे बिकने वाले जूस, गन्ने का रस, शिकंजी आदि को पीते हैं। इसमें पड़ने वाली बर्फ से परहेज करें। क्योंकि इस बर्फ से टाइफाइड होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसके अलावा बासी भोजन का सेवन करने से भी टाइफाइड हो सकता है। इस बीमारी से बचने के लिए ताजा भोजन करें और शीतल पेय पदार्थों का सेवन करते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
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बीते कई दिनों से सीएचसी की लैब में 20 से अधिक मरीजों की रोज जांच होने पर दो से तीन लोगों की रिपोर्ट संक्रमित आ रही है। बच्चे भी बुखार की चपेट में आ रहे हैं। निजी अस्पताल में भी टाइफाइड के मरीज पहुंच रहे हैं। गुरुवार को सीएचसी की ओपीडी में लगभग 220 मरीज आए। इनमें ज्यादातर मरीज बुखार से पीड़ित रहे।
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दूषित खानपान के कारण टाइफाइड की मुख्य वजह सामने आ रही है। चिकित्सक बीमारी से बचने के लिए स्वच्छ पानी पीने के साथ खानपान में सफाई बरतने की सलाह दे रहे हैं। टाइफाइड से बचाव की सलाह दी जा रही है। गुरुवार को सीएचसी के इमरजेंसी कक्ष में बालरोग विशेषज्ञ डॉ. कृपाराम ने कई मरीजों को देखा। अधिकतर मरीज बुखार व खांसी और जुकाम से ग्रसित मिले।
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डाॅ. कृपाराम ने बताया कि गर्मियों में टाइफाइड का प्रकोप अधिक बढ़ जाता है। गंदे या पेय पदार्थों का सेवन करने पर लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। वहीं, तापमान बढ़ने के साथ शरीर की ऊष्णता भी बढ़ जाती है। ऐसे में गंदे पेय पदार्थ पाचन तंत्रिका पर विपरीत प्रभाव डालता है। बताया कि तीन दिन से अधिक बुखार न छोड़ने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें, जितना भी हो घर पर बनी चीजें खाएं। लैब में जांच कराएं।
पेय पदार्थ में बर्फ से करें परहेज
डॉ. मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव चल रहा है। ऐसे में दिन में गर्मी के समय लोग सड़क किनारे बिकने वाले जूस, गन्ने का रस, शिकंजी आदि को पीते हैं। इसमें पड़ने वाली बर्फ से परहेज करें। क्योंकि इस बर्फ से टाइफाइड होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसके अलावा बासी भोजन का सेवन करने से भी टाइफाइड हो सकता है। इस बीमारी से बचने के लिए ताजा भोजन करें और शीतल पेय पदार्थों का सेवन करते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।