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बिजली के लिए उम्मेदपुर के लोग आंदोलित
औरैया
Updated Sun, 29 Jan 2017 11:42 PM IST
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विरोध प्रदर्शित करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील क्षेत्र का गांव उम्मेदपुर विकास की बाट जोह रहा है। आजादी के बाद से यहां लोगों के लिए बिजली अभी भी एक सपना है। गांव की बजबजाती गलियां और गंदगी इसकी पहचान है। अब ग्रामीण इससे आजिज आ चुके हैं। इस चुनाव में वह बिजली और विकास का मुद्दा लेकर अड़ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोरे वायदे करने वाले नेताओं को वोट नही देंगे।
उम्मेदपुर की कच्ची गलियों में साल भर पानी भरा रहता है। लोगों को गंदे पाने से होकर ही गुजरना पड़ता है। गंदगी फैले होने से हर साल बरसात में यहां महामारी फैलती है। जिसकी चपेट में आकर ग्रामीण अपनी मेहनत की कमाई बीमारी पर खर्च कर डालते हैं। गांव के लोग पड़ोस के गांव में जाकर मोबाइल चार्ज करते हैं। तहसील कार्यालय से मात्र दो किलो मीटर दूर यह इस गांव पर अधिकारियों की भी नजर नही पड़ी।
ग्रामीण भीकम सिंह, हरनाम सिंह, रामकुमार, सरोजनी देवी आदि ने बताया कि सिर्फ चुनाव में नेता दिखाई पड़ते हैं। जीतने के बाद नही आते। अबकी बार वह उन नेताओं को बिल्कुल वोट नहीं देंगे जिन्होंने जीतने के बाद आज तक सुध नहीं ली। अगर कोई नेता उनकी मांग नही सुनता तो वह लोग नोटा का बटन दबाएंगे।
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उम्मेदपुर की कच्ची गलियों में साल भर पानी भरा रहता है। लोगों को गंदे पाने से होकर ही गुजरना पड़ता है। गंदगी फैले होने से हर साल बरसात में यहां महामारी फैलती है। जिसकी चपेट में आकर ग्रामीण अपनी मेहनत की कमाई बीमारी पर खर्च कर डालते हैं। गांव के लोग पड़ोस के गांव में जाकर मोबाइल चार्ज करते हैं। तहसील कार्यालय से मात्र दो किलो मीटर दूर यह इस गांव पर अधिकारियों की भी नजर नही पड़ी।
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ग्रामीण भीकम सिंह, हरनाम सिंह, रामकुमार, सरोजनी देवी आदि ने बताया कि सिर्फ चुनाव में नेता दिखाई पड़ते हैं। जीतने के बाद नही आते। अबकी बार वह उन नेताओं को बिल्कुल वोट नहीं देंगे जिन्होंने जीतने के बाद आज तक सुध नहीं ली। अगर कोई नेता उनकी मांग नही सुनता तो वह लोग नोटा का बटन दबाएंगे।
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