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मौसम की खराब होने से धान के किसानों का हाल खराब
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औरैया। शहर के गल्ला मंडी स्थित धान खरीद केंद्रों पर इन दिनों अव्यवस्था है। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा रहा है। कई दिनों से केंद्र पर खुले में रखा धान गुरुवार को हुई बारिश से भीग गया। शुक्रवार को किसान अपना धान सुरक्षित करते नजर आए।
जिले में एक नवंबर से शुरू हुई धान खरीद हो रही है। 15 नवंबर से खरीद की कुछ रफ्तार बढ़ी थी, लेकिन पिछले सप्ताह हुई बारिश ने ब्रेक लगा दिया था। पहले जहां प्रतिदिन आठ-दस किसानों का धान खरीद होता था। वहीं आठ दिसंबर से मात्र दो-तीन किसानों का धान खरीदा जा रहा था। गुरुवार को देर रात हुई बारिश से मंडी में बने तीन क्रय केंद्रों पर कई क्विंटल धान भीग गया। वहीं तीन क्रय केंद्रों के आसपास पानी भी भर गया है। अपना धान बचाने के लिए गुरुवार देर रात तक किसान धान पर तिरपाल डालते नजर आए। शासन की ओर से इस बार 40 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष 41 क्रय केंद्र खोले गए हैं। जिसमें 18 हजार 500 मीट्रिक धन की खरीद हो चुकी है।
नैफेड के प्रभारी व किसान के बीच कहासुनी
औरैया। एक माह से सत्यापन न होने से मंडी समिति स्थित नैफेड के केंद्र के जिला प्रभारी व किसान सतीश के साथ शुक्रवार को जमकर कहासुनी हुई। किसान ने बताया कि एक माह से अधिक समय से उनका धान केंद्र पर पड़ा है, लेकिन आज तक सत्यापन नहीं हो सका है। कर्ज लेकर लड़की की शादी करने को विवश होना पड़ा है। उन्हें एक अदद रुपयों की जरूरत है, लेकिन केंद्र प्रभारी आजकल कह कर टरका रहे हैं।
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नैफेड केंद्र पर जिला प्रभारी व किसान दोनों ने अपनी बात रखी है। सत्यापन का मामला है। उन्होंने किसान से पंजीकरण की छाया प्रति मांगी थी, लेकिन वह उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। वहीं इसके लिए जिला प्रभारी की भी गल्ती प्रतीत हो रही है। इस संबंध में उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। मौसम खराब होने से क्रय केंद्रों पर खरीद प्रभावित हुई है।
सुधांशु शेखर चौबे
डिप्टी आरएमओ
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जिले में एक नवंबर से शुरू हुई धान खरीद हो रही है। 15 नवंबर से खरीद की कुछ रफ्तार बढ़ी थी, लेकिन पिछले सप्ताह हुई बारिश ने ब्रेक लगा दिया था। पहले जहां प्रतिदिन आठ-दस किसानों का धान खरीद होता था। वहीं आठ दिसंबर से मात्र दो-तीन किसानों का धान खरीदा जा रहा था। गुरुवार को देर रात हुई बारिश से मंडी में बने तीन क्रय केंद्रों पर कई क्विंटल धान भीग गया। वहीं तीन क्रय केंद्रों के आसपास पानी भी भर गया है। अपना धान बचाने के लिए गुरुवार देर रात तक किसान धान पर तिरपाल डालते नजर आए। शासन की ओर से इस बार 40 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष 41 क्रय केंद्र खोले गए हैं। जिसमें 18 हजार 500 मीट्रिक धन की खरीद हो चुकी है।
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नैफेड के प्रभारी व किसान के बीच कहासुनी
औरैया। एक माह से सत्यापन न होने से मंडी समिति स्थित नैफेड के केंद्र के जिला प्रभारी व किसान सतीश के साथ शुक्रवार को जमकर कहासुनी हुई। किसान ने बताया कि एक माह से अधिक समय से उनका धान केंद्र पर पड़ा है, लेकिन आज तक सत्यापन नहीं हो सका है। कर्ज लेकर लड़की की शादी करने को विवश होना पड़ा है। उन्हें एक अदद रुपयों की जरूरत है, लेकिन केंद्र प्रभारी आजकल कह कर टरका रहे हैं।
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नैफेड केंद्र पर जिला प्रभारी व किसान दोनों ने अपनी बात रखी है। सत्यापन का मामला है। उन्होंने किसान से पंजीकरण की छाया प्रति मांगी थी, लेकिन वह उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। वहीं इसके लिए जिला प्रभारी की भी गल्ती प्रतीत हो रही है। इस संबंध में उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। मौसम खराब होने से क्रय केंद्रों पर खरीद प्रभावित हुई है।
सुधांशु शेखर चौबे
डिप्टी आरएमओ