{"_id":"102ec39abe48eb2834f0967b2a3cbd73","slug":"paddy-procurement-center-silence-looked-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान खरीद केंद्र पर सन्नाटा, नहीं दिखे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान खरीद केंद्र पर सन्नाटा, नहीं दिखे किसान
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Fri, 18 Dec 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अजीतमल तहसील में पीसीएफ की ओर से धान क्रय केंद्र अनंतराम में संचालित
विज्ञापन
हो रहा है। गुरुवार को अमर उजाला टीम ने केंद्र पर पहुंच हकीकत परखी तो
खरीद केंद्र में सन्नाटा दिखा। केंद्र प्रभारी सुधीर मिश्रा भी नदारत थे।
सहकारी संघ प्रभारी संतोष सिंह यादव ने बताया कि धान खरीद केंद्र प्रभारी
के पास दो केंद्रों का चार्ज है।
इस बारे में किसान राजीव कुमार ने बताया सरकारी पचड़े में पड़ने से अच्छा है कि प्राइवेट ठेकेदारों को नगद में धान बेंच दिया जाए। समय भी बचता है और पूरा पैसा भी नगद मिल जाता है। व्यापारी जरूरत पड़ने पर पहले से पैसे उधार भी दे देते हैं। किसान शिव प्रकाश ने बताया व्यापारी सीधे खेत से धान खरीद लेते है।
खरीद केंद्र में ले जाने पर दो-दो दिन तक ट्रैक्टर वहीं खड़ा रहता है। जिसका भाड़ा अलग से देना पड़ता है। केंद्र पर बेंचना हो तो बोरे लाओ, तमाम समस्या है। किसान महावीर ने बताया सरकारी केंद्र पर धान बेंचनें पर पैसे का झंझट है। चेक आदि कैश कराने में परेशानी होती है। व्यापारी सीधा कैश देते है।
इस बारे में अजीतमल एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया सरकारी धान खरीद केंद्र अनंतराम में चल रहा है। इस केंद्र पर कुछ किसानों ने धान खरीद न करने की शिकायत भी की है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। केंद्र प्रभारी सुधीर मिश्रा ने बताया केंद्र को 3500 क्विंटल खरीद का लक्ष्य मिला है।
अभी तक मात्र 249 क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। सरकार से खरीद के लिए मिला तीन लाख रुपया भी खर्च हो गया है। सोमवार तक पैसा मिलेगा तभी किसानों को वितरित हो सकेगा।
इस बारे में किसान राजीव कुमार ने बताया सरकारी पचड़े में पड़ने से अच्छा है कि प्राइवेट ठेकेदारों को नगद में धान बेंच दिया जाए। समय भी बचता है और पूरा पैसा भी नगद मिल जाता है। व्यापारी जरूरत पड़ने पर पहले से पैसे उधार भी दे देते हैं। किसान शिव प्रकाश ने बताया व्यापारी सीधे खेत से धान खरीद लेते है।
खरीद केंद्र में ले जाने पर दो-दो दिन तक ट्रैक्टर वहीं खड़ा रहता है। जिसका भाड़ा अलग से देना पड़ता है। केंद्र पर बेंचना हो तो बोरे लाओ, तमाम समस्या है। किसान महावीर ने बताया सरकारी केंद्र पर धान बेंचनें पर पैसे का झंझट है। चेक आदि कैश कराने में परेशानी होती है। व्यापारी सीधा कैश देते है।
इस बारे में अजीतमल एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया सरकारी धान खरीद केंद्र अनंतराम में चल रहा है। इस केंद्र पर कुछ किसानों ने धान खरीद न करने की शिकायत भी की है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। केंद्र प्रभारी सुधीर मिश्रा ने बताया केंद्र को 3500 क्विंटल खरीद का लक्ष्य मिला है।
अभी तक मात्र 249 क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। सरकार से खरीद के लिए मिला तीन लाख रुपया भी खर्च हो गया है। सोमवार तक पैसा मिलेगा तभी किसानों को वितरित हो सकेगा।