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खुद की सुविधा, लोगों के लिए बनी मुसीबत
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रेलवे ओवरब्रिज से भगवतीगंज स्टेशन रोड को जोड़ने वाली गली में बने स्पीड ब्रेकर से गुजरता बाइक सवा?
- फोटो : AURAIYA
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दिबियापुर (औरैया)। नगर पंचायत क्षेत्र की गलियों में लोगों ने अनाधिकृत तौर पर स्पीड ब्रेकर बनवा लिए हैं। इन स्पीड ब्रेकरों की वजह से वाहन सवार गिरकर चुटहिल हो रहे हैं। बारिश के वक्त गलियों में पानी भरने पर स्पीड ब्रेकर न दिखने पर हादसे का सबब बनेंगे।
दिबियापुर की सभी प्रमुख गलियों में लोगों ने अपनी सुविधा को देखते हुए घरों के दरवाजों पर स्पीड ब्रेकर बनवा रखे हैं। इसके लिए न तो नगर पंचायत से परमीशन ली और न ही स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए कोई मानक ही अपनाया। घरों के सामने स्पीड ब्रेकर बनवाने का तर्क भी स्थानीय लोग प्रस्तुत करते हैं कि गली में युवा तेज गति से वाहन निकालते हैं।
युवाओं के वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनवाए हैं। वैसे पूरे दिन गुजरने वाले दोपहिया एवं चौपहिया वाहन सवारों को इन स्पीड ब्रेकरों से काफी परेशानी उठानी पड़ती है। दूर से कोई निशान न बने होने के कारण छह से आठ इंच ऊंचे स्पीड ब्रेकरों के कारण अचानक ब्रेक लगाने से हादसे का डर रहता है। यदि स्पीड कम किए बिना निकले तो तेजी से बाइक उछलती है और पीठ में दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह स्पीड ब्रेकर बाइकों को भी बीमार बना रहे हैं।
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जानकारों की मानें तो शॉकर एवं इंजन पर इसका विपरीत असर पड़ता है। बारिश के वक्त गलियों में पानी भर जाने से स्पीड ब्रेकर दिखाई नहीं देंगे और लोग हादसे का शिकार हो जाएंगे। मुख्य गलियों की बात करें तो बड़ी सब्जी मंडी गली में कई स्पीड ब्रेकर बने हैं। वहीं बेला औरैया मार्ग पर रेल ओवरब्रिज को स्टेशन रोड भगवतीगंज से जोडने वाली लगभग तीन सौ मीटर लंबी गली में चार स्पीड ब्रेकर बने हैं।
स्थानीय लोगों ने अनाधिकृत तौर पर बने स्पीड ब्रेकरों को समाप्त कर नियमानुसार स्पीड ब्रेकर बनवाए जाने की मांग की है। अपर जिलाधिकारी न्यायिक अब्दुल बासित ने कहा कि गलियों में बने स्पीड ब्रेकरों की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गलियों में स्पीड ब्रेकर बनाने के नियम के संबंध में जानकारी भी कराई जाएगी।
यह हैं मानक
इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइन के अनुसार स्पीड ब्रेकर की अधिकतम ऊंचाई चार इंच होनी चाहिए। ब्रेकर के दोनों ओर दो-दो मीटर का स्लोप दिया जाए, ताकि वाहन धीमी गति से बिना झटका खाए निकल जाए। 6 से 8 इंच तक ऊंचाई वाले और बगैर स्लोप के ब्रेकर नहीं बनाए जाने चाहिए। स्पीड ब्रेकर के पहले चेतावनी चिह्न लगे होने चाहिए। ब्रेकर पर सफेद या पीला पेंट और रेडियम होना चाहिए। ताकि वह दूर से ही वाहन चालकों को नजर आए। वैसे स्पीड ब्रेकर बनाने का मकसद वाहनों की स्पीड 20 से 25 किलोमीटर करना होता है।
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दिबियापुर की सभी प्रमुख गलियों में लोगों ने अपनी सुविधा को देखते हुए घरों के दरवाजों पर स्पीड ब्रेकर बनवा रखे हैं। इसके लिए न तो नगर पंचायत से परमीशन ली और न ही स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए कोई मानक ही अपनाया। घरों के सामने स्पीड ब्रेकर बनवाने का तर्क भी स्थानीय लोग प्रस्तुत करते हैं कि गली में युवा तेज गति से वाहन निकालते हैं।
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युवाओं के वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनवाए हैं। वैसे पूरे दिन गुजरने वाले दोपहिया एवं चौपहिया वाहन सवारों को इन स्पीड ब्रेकरों से काफी परेशानी उठानी पड़ती है। दूर से कोई निशान न बने होने के कारण छह से आठ इंच ऊंचे स्पीड ब्रेकरों के कारण अचानक ब्रेक लगाने से हादसे का डर रहता है। यदि स्पीड कम किए बिना निकले तो तेजी से बाइक उछलती है और पीठ में दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह स्पीड ब्रेकर बाइकों को भी बीमार बना रहे हैं।
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जानकारों की मानें तो शॉकर एवं इंजन पर इसका विपरीत असर पड़ता है। बारिश के वक्त गलियों में पानी भर जाने से स्पीड ब्रेकर दिखाई नहीं देंगे और लोग हादसे का शिकार हो जाएंगे। मुख्य गलियों की बात करें तो बड़ी सब्जी मंडी गली में कई स्पीड ब्रेकर बने हैं। वहीं बेला औरैया मार्ग पर रेल ओवरब्रिज को स्टेशन रोड भगवतीगंज से जोडने वाली लगभग तीन सौ मीटर लंबी गली में चार स्पीड ब्रेकर बने हैं।
स्थानीय लोगों ने अनाधिकृत तौर पर बने स्पीड ब्रेकरों को समाप्त कर नियमानुसार स्पीड ब्रेकर बनवाए जाने की मांग की है। अपर जिलाधिकारी न्यायिक अब्दुल बासित ने कहा कि गलियों में बने स्पीड ब्रेकरों की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गलियों में स्पीड ब्रेकर बनाने के नियम के संबंध में जानकारी भी कराई जाएगी।
यह हैं मानक
इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइन के अनुसार स्पीड ब्रेकर की अधिकतम ऊंचाई चार इंच होनी चाहिए। ब्रेकर के दोनों ओर दो-दो मीटर का स्लोप दिया जाए, ताकि वाहन धीमी गति से बिना झटका खाए निकल जाए। 6 से 8 इंच तक ऊंचाई वाले और बगैर स्लोप के ब्रेकर नहीं बनाए जाने चाहिए। स्पीड ब्रेकर के पहले चेतावनी चिह्न लगे होने चाहिए। ब्रेकर पर सफेद या पीला पेंट और रेडियम होना चाहिए। ताकि वह दूर से ही वाहन चालकों को नजर आए। वैसे स्पीड ब्रेकर बनाने का मकसद वाहनों की स्पीड 20 से 25 किलोमीटर करना होता है।