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Auraiya News: तहसीलों में रोक के बाद भी बाहरी संभाल रहे कामकाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। तहसीलों में बाहरी व प्राइवेट कर्मचारियों से काम लिए जाने को लेकर शासन स्तर से दो माह में दो बार चिंता जताई गई है। राजस्व अधिवक्ताओं की ओर से अक्सर बाहरी लोगों को हटाए जाने की मांग की जाती है। आरोप भी लगाए जाते हैं कि बाहरी लोग संवेदनशील फाइलें संभालते हैं। बावजूद विभागाध्यक्षों की ओर से इन्हें हटाए जाने का प्रयास तक नहीं किया गया।
सदर तहसील व बिधूना से लेकर अजीतमल सभी जगह एक जैसी स्थिति है। पहली बार जारी हुए निर्देश के बाद विभागाध्यक्षों की ओर से अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेंद्र पाल सिंह को प्रमाण पत्र भी दे दिए गए। जिनमें विभागाध्यक्षों ने तहसील कार्यालय में कोई बाहरी व्यक्ति से काम न लिए जाने की पुष्टि की गई। मगर हकीकत कुछ और ही बयां हो रही है।
शासन से जारी हुए दूसरे निर्देश में लापरवाही बरत रहे विभागाध्यक्षों पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद भी तहसीलों में बाहरी लोग कामकाज संभाल रहे हैं। इनमें कई तो दफ्तरों में महत्वपूर्ण फाइल संभालते दिखते हैं।
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बाहरी लोगों से तहसील के विभागीय कार्य न कराए जाएं इसे लेकर तहसीलदार को निर्देश दे दिए गए हैं। पहले भी सख्ती बरती गई थी। यदि कोई अभी भी शेष है तो उसे जल्द निकाला जाएगा। - अखिलेश कुमार सिंह, सदर एसडीएम
सभी विभागों के अध्यक्षों ने बाहरी कर्मचारी न होने का प्रमाण पत्र दे दिया है। यदि अब तहसील में बाहरी कर्मचारियों से काम लेना पाया जाता है, तो तहसील के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के दायरे में होंगे। - महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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औरैया। तहसीलों में बाहरी व प्राइवेट कर्मचारियों से काम लिए जाने को लेकर शासन स्तर से दो माह में दो बार चिंता जताई गई है। राजस्व अधिवक्ताओं की ओर से अक्सर बाहरी लोगों को हटाए जाने की मांग की जाती है। आरोप भी लगाए जाते हैं कि बाहरी लोग संवेदनशील फाइलें संभालते हैं। बावजूद विभागाध्यक्षों की ओर से इन्हें हटाए जाने का प्रयास तक नहीं किया गया।
सदर तहसील व बिधूना से लेकर अजीतमल सभी जगह एक जैसी स्थिति है। पहली बार जारी हुए निर्देश के बाद विभागाध्यक्षों की ओर से अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेंद्र पाल सिंह को प्रमाण पत्र भी दे दिए गए। जिनमें विभागाध्यक्षों ने तहसील कार्यालय में कोई बाहरी व्यक्ति से काम न लिए जाने की पुष्टि की गई। मगर हकीकत कुछ और ही बयां हो रही है।
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शासन से जारी हुए दूसरे निर्देश में लापरवाही बरत रहे विभागाध्यक्षों पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद भी तहसीलों में बाहरी लोग कामकाज संभाल रहे हैं। इनमें कई तो दफ्तरों में महत्वपूर्ण फाइल संभालते दिखते हैं।
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बाहरी लोगों से तहसील के विभागीय कार्य न कराए जाएं इसे लेकर तहसीलदार को निर्देश दे दिए गए हैं। पहले भी सख्ती बरती गई थी। यदि कोई अभी भी शेष है तो उसे जल्द निकाला जाएगा। - अखिलेश कुमार सिंह, सदर एसडीएम
सभी विभागों के अध्यक्षों ने बाहरी कर्मचारी न होने का प्रमाण पत्र दे दिया है। यदि अब तहसील में बाहरी कर्मचारियों से काम लेना पाया जाता है, तो तहसील के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के दायरे में होंगे। - महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व