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Auraiya News: यमुना किनारे बीहड़ में मिला जालौन से अपहृत बुजुर्ग का शव
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औरैया। जालौन के उरई से अपहृत किए गए बुजुर्ग का शव जिले के बीहड़ क्षेत्र में यमुना नदी किनारे नाले में पड़ा मिला। पकड़े गए तीन आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया। मृतक के बेटे ने सगे चाचा समेत पांच पर हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगाया है। औरैया और जालौन पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
डकोर थाना क्षेत्र में 26 फरवरी को समरजीत सिंह ने पिता प्रेमबाबू राठौर (67) के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद परिजनों ने बताया कि हाईवे किनारे एक गेस्ट हाउस से पिता का अपहरण किया गया है। पुलिस ने इस मामले में ऑटो चालक अमन, मोहित समेत तीन को हिरासत में लिया।
पूछताछ में तीनों ने प्रेमबाबू की हत्या कर औरैया के बीहड़ में फेंके जाने की बात कबूल की। उनकी निशानदेही पर सोमवार शाम डकोर पुलिस व एसओजी टीम तीनों को लेकर आईं। आरोपी उन्हें यमुना किनारे बीहड़ में नाले के पास ले गए। जहां पुलिस ने बुजुर्ग का शव क्षतविक्षत हालत में बरामद किया।
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शव का चेहरा जला था। गर्दन, हाथ पर चाकू से कटे होने निशान मिले। सीओ सिटी प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। समरजीत ने बताया कि 26 फरवरी की सुबह गांव के फूलसिंह पिता को साथ घूमने चलने के लिए कहा। जिस पर मां प्यारी देवी ने मना किया इसके बाद भी वह पिता को साथ ले गया।
पुलिस ने पहले गुमशुदगी दो दिन बाद नामजदों पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। उधर, समरजीत ने आरोप लगाया कि पिता की हत्या चाचा नंदराम राठौर, साझेदार पर उसकी खेत लेने वाले शत्रुघ्न, फूलसिंह, हरिनंदन दोहरे व रामपाल टिमरौके ने की है। सीओ सिटी प्रदीप कुमार ने बताया कि औरैया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले में डकोर पुुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
थानाध्यक्ष डकोर योगेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए ऑटो चालक मोहित ने बताया कि उन लोगों ने उरई से प्रेमबाबू को ऑटो में बैठाया था। इसके बाद उसे औरैया ले आए। यहां यमुना नदी किनारे चाकू से गोदकर हत्या की गई। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए चेहरे को जला कर शव नाले में फेंक दिया।
समरजीत ने बताया कि पिता का खेती के विवाद को लेकर चाचा नंदराम से मुकदमा चल रहा था। सात फरवरी को कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था। नाराज चाचा ने पिता को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। बताया कि गांव का शत्रुघ्न उसकी खेती बटाई पर लेता था। पिछले साल शत्रुघ्न ने फूलसिंह को भी साझेदार बनाया था। दोनों का घर पर आना-जाना बना रहता था। इन लोगों का चाचा और गांव के हरिनंदन दोहरे के साथ भी उठना-बैठना था। हरिनंदन के खिलाफ चल रहे एक मामले में पिता गवाह थे। एक मार्च को पिता को इसी मामले में गवाह देनी थी। आरोपियों ने गवाही देने से पहले ही पिता का अपहरण कर हत्या कर दी।
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डकोर थाना क्षेत्र में 26 फरवरी को समरजीत सिंह ने पिता प्रेमबाबू राठौर (67) के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद परिजनों ने बताया कि हाईवे किनारे एक गेस्ट हाउस से पिता का अपहरण किया गया है। पुलिस ने इस मामले में ऑटो चालक अमन, मोहित समेत तीन को हिरासत में लिया।
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पूछताछ में तीनों ने प्रेमबाबू की हत्या कर औरैया के बीहड़ में फेंके जाने की बात कबूल की। उनकी निशानदेही पर सोमवार शाम डकोर पुलिस व एसओजी टीम तीनों को लेकर आईं। आरोपी उन्हें यमुना किनारे बीहड़ में नाले के पास ले गए। जहां पुलिस ने बुजुर्ग का शव क्षतविक्षत हालत में बरामद किया।
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शव का चेहरा जला था। गर्दन, हाथ पर चाकू से कटे होने निशान मिले। सीओ सिटी प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। समरजीत ने बताया कि 26 फरवरी की सुबह गांव के फूलसिंह पिता को साथ घूमने चलने के लिए कहा। जिस पर मां प्यारी देवी ने मना किया इसके बाद भी वह पिता को साथ ले गया।
पुलिस ने पहले गुमशुदगी दो दिन बाद नामजदों पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। उधर, समरजीत ने आरोप लगाया कि पिता की हत्या चाचा नंदराम राठौर, साझेदार पर उसकी खेत लेने वाले शत्रुघ्न, फूलसिंह, हरिनंदन दोहरे व रामपाल टिमरौके ने की है। सीओ सिटी प्रदीप कुमार ने बताया कि औरैया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले में डकोर पुुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
थानाध्यक्ष डकोर योगेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए ऑटो चालक मोहित ने बताया कि उन लोगों ने उरई से प्रेमबाबू को ऑटो में बैठाया था। इसके बाद उसे औरैया ले आए। यहां यमुना नदी किनारे चाकू से गोदकर हत्या की गई। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए चेहरे को जला कर शव नाले में फेंक दिया।
समरजीत ने बताया कि पिता का खेती के विवाद को लेकर चाचा नंदराम से मुकदमा चल रहा था। सात फरवरी को कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था। नाराज चाचा ने पिता को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। बताया कि गांव का शत्रुघ्न उसकी खेती बटाई पर लेता था। पिछले साल शत्रुघ्न ने फूलसिंह को भी साझेदार बनाया था। दोनों का घर पर आना-जाना बना रहता था। इन लोगों का चाचा और गांव के हरिनंदन दोहरे के साथ भी उठना-बैठना था। हरिनंदन के खिलाफ चल रहे एक मामले में पिता गवाह थे। एक मार्च को पिता को इसी मामले में गवाह देनी थी। आरोपियों ने गवाही देने से पहले ही पिता का अपहरण कर हत्या कर दी।