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Auraiya News: 20 मिनट देरी से खुली ओपीडी, 40 मिनट बाद भी नहीं पहुंचे डॉक्टर
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औरैया। शहर स्थित जिला अस्पताल में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की मनमर्जी के चलते मरीज व तीमारदार परेशान हैं। गुरुवार को अस्पताल की ओपीडी का ताला तय समय से 20 मिनट बाद खोला गया। वहीं, 40 मिनट तक ओपीडी में कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा। 42वें मिनट पहुंचे नेत्र परीक्षण अधिकारी ने मरीजों को ओपीडी में देखना शुरू किया।
जिला अस्पताल में ओपीडी संचालन का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक है। यहां की ओपीडी में प्रतिदिन 600 से 800 मरीज परामर्श लेने आते हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को असुविधा न हो इसके लिए शासन की ओर से विशेष मुहिम चलाई जा रही है। मगर जिला अस्पताल में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की मनमर्जी शासन की मंशा पर पानी फेर रही है। गुरुवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 8:19 मिनट तक ताला लटकता रहा। 8:20 मिनट पर पहुंचे एक कर्मचारी ने ओपीडी की बिल्डिंग का ताला खोला।
इसके बाद अस्पताल में अपने तय समय 7:30 बजे से 50 मिनट देरी से ओपीडी के पर्चे बनने शुरू हुए। पर्चा बनने के बाद भी मरीजों को ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए इंतजार करना पड़ा। 8:40 बजे तक एक भी डॉक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचा। 8:42 मिनट पर नेत्र परीक्षण अधिकारी आरके वर्मा नेत्र विभाग की ओपीडी में पहुंचे और मरीजों को देखना शुरू किया। हालांकि, इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी तैनात मिले।
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......
सीएमएस डॉ. मंजू सचान ने बताया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक भी ईएमओ की तैनाती नहीं है। अस्पताल में स्टाफ की भी कमी है। इमरजेंसी की सुविधा विधिवत देने के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगाई जाती है। इससे ओपीडी प्रभावित हो रही है। उच्चाधिकारियों से स्टाफ की मांग की गई है।
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जिला अस्पताल में ओपीडी संचालन का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक है। यहां की ओपीडी में प्रतिदिन 600 से 800 मरीज परामर्श लेने आते हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को असुविधा न हो इसके लिए शासन की ओर से विशेष मुहिम चलाई जा रही है। मगर जिला अस्पताल में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की मनमर्जी शासन की मंशा पर पानी फेर रही है। गुरुवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 8:19 मिनट तक ताला लटकता रहा। 8:20 मिनट पर पहुंचे एक कर्मचारी ने ओपीडी की बिल्डिंग का ताला खोला।
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इसके बाद अस्पताल में अपने तय समय 7:30 बजे से 50 मिनट देरी से ओपीडी के पर्चे बनने शुरू हुए। पर्चा बनने के बाद भी मरीजों को ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए इंतजार करना पड़ा। 8:40 बजे तक एक भी डॉक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचा। 8:42 मिनट पर नेत्र परीक्षण अधिकारी आरके वर्मा नेत्र विभाग की ओपीडी में पहुंचे और मरीजों को देखना शुरू किया। हालांकि, इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी तैनात मिले।
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सीएमएस डॉ. मंजू सचान ने बताया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक भी ईएमओ की तैनाती नहीं है। अस्पताल में स्टाफ की भी कमी है। इमरजेंसी की सुविधा विधिवत देने के लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगाई जाती है। इससे ओपीडी प्रभावित हो रही है। उच्चाधिकारियों से स्टाफ की मांग की गई है।